Class 10 Science Chapter 12 – विद्युत
Electricity | सम्पूर्ण हिंदी नोट्स, सूत्र, परिभाषाएँ, उदाहरण, संख्यात्मक प्रश्न एवं Quick Revision
इस अध्याय में हम विद्युत धारा, विद्युत विभव, विभवांतर, विद्युत परिपथ, ओम का नियम, प्रतिरोध, प्रतिरोधकता, प्रतिरोधकों के श्रेणीक्रम एवं समान्तर संयोजन, विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव, विद्युत शक्ति तथा विद्युत ऊर्जा का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
📚 विषय सूची
- विद्युत क्या है?
- विद्युत आवेश
- विद्युत धारा
- विद्युत परिपथ
- विद्युत विभव एवं विभवांतर
- वोल्टमीटर एवं एमीटर
- ओम का नियम
- विद्युत प्रतिरोध
- प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक
- प्रतिरोधकता
- श्रेणीक्रम संयोजन
- समान्तर संयोजन
- श्रेणीक्रम एवं समान्तर में अंतर
- विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव
- जूल का ऊष्मीय नियम
- ऊष्मीय प्रभाव के उपयोग
- विद्युत शक्ति
- विद्युत ऊर्जा
- विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई
- महत्वपूर्ण सूत्र
- हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न
- महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
- Quick Revision
1. विद्युत (Electricity)
विद्युत ऊर्जा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रूप है। हमारे घरों में बल्ब, पंखा, टेलीविजन, फ्रिज, हीटर, मोबाइल चार्जर तथा अन्य विद्युत उपकरण विद्युत ऊर्जा की सहायता से कार्य करते हैं।
किसी चालक में विद्युत आवेशों के व्यवस्थित प्रवाह से विद्युत धारा उत्पन्न होती है। धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन विद्युत धारा के प्रवाह में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
2. विद्युत आवेश (Electric Charge)
पदार्थ के उस गुण को जिसके कारण वह विद्युत प्रभाव उत्पन्न करता है, विद्युत आवेश कहते हैं।
- धनात्मक आवेश (Positive Charge)
- ऋणात्मक आवेश (Negative Charge)
इलेक्ट्रॉन पर लगभग 1.6 × 10−19 C ऋणात्मक आवेश होता है।
जहाँ Q = कुल आवेश, n = इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा e = एक इलेक्ट्रॉन के आवेश का परिमाण।
3. विद्युत धारा (Electric Current)
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति इकाई समय में प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
जहाँ:
- I = विद्युत धारा
- Q = प्रवाहित विद्युत आवेश
- t = समय
विद्युत धारा का SI मात्रक एम्पियर (Ampere – A) है।
विद्युत परिपथ का सरल आरेख
4. विद्युत परिपथ (Electric Circuit)
विद्युत धारा के सतत एवं बंद पथ को विद्युत परिपथ कहते हैं। एक साधारण विद्युत परिपथ में सेल या बैटरी, बल्ब अथवा प्रतिरोधक, स्विच, संयोजन तार तथा आवश्यकतानुसार एमीटर एवं वोल्टमीटर होते हैं।
स्विच बंद होने पर परिपथ पूर्ण हो जाता है और धारा प्रवाहित होती है। स्विच खुला होने पर परिपथ टूट जाता है और धारा का प्रवाह रुक जाता है।
5. विद्युत विभव एवं विभवांतर
विद्युत विभव (Electric Potential)
एकांक धन आवेश को अनंत से किसी बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को उस बिंदु का विद्युत विभव कहते हैं।
विभवांतर (Potential Difference)
किसी विद्युत परिपथ में दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किया गया कार्य उन दोनों बिंदुओं के बीच विभवांतर कहलाता है।
- V = विभवांतर
- W = किया गया कार्य
- Q = विद्युत आवेश
विद्युत धारा एवं विभवांतर के मापन का परिपथ
6. एमीटर और वोल्टमीटर
एमीटर (Ammeter)
विद्युत धारा को मापने वाले यंत्र को एमीटर कहते हैं। एमीटर को परिपथ में श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है।
वोल्टमीटर (Voltmeter)
दो बिंदुओं के बीच विभवांतर मापने वाले यंत्र को वोल्टमीटर कहते हैं। वोल्टमीटर को जिस अवयव का विभवांतर मापना हो, उसके सिरों के बीच समान्तर क्रम (Parallel) में जोड़ा जाता है।
| यंत्र | क्या मापता है? | कैसे जोड़ा जाता है? |
|---|---|---|
| एमीटर | विद्युत धारा | श्रेणीक्रम में |
| वोल्टमीटर | विभवांतर | समान्तर क्रम में |
7. ओम का नियम (Ohm’s Law)
नियत ताप पर किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर उस चालक में प्रवाहित विद्युत धारा के समानुपाती होता है।
V = IR
यहाँ R चालक का विद्युत प्रतिरोध है।
ओम का नियम तथा V-I संबंध
8. विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance)
किसी चालक द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करने के गुण को विद्युत प्रतिरोध कहते हैं।
प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ohm – Ω) है।
चालक का प्रतिरोध एवं उसे प्रभावित करने वाले कारक
9. प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक
किसी चालक का प्रतिरोध मुख्य रूप से निम्न कारकों पर निर्भर करता है:
- चालक की लंबाई (l): लंबाई बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है।
- अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A): क्षेत्रफल बढ़ने पर प्रतिरोध घटता है।
- पदार्थ की प्रकृति: अलग-अलग पदार्थों की प्रतिरोधकता अलग होती है।
- तापमान: तापमान में परिवर्तन से प्रतिरोध बदल सकता है।
R ∝ 1/A
दोनों संबंधों को मिलाने पर:
10. विद्युत प्रतिरोधकता (Resistivity)
समीकरण R = ρl/A में ρ (रो) पदार्थ की विद्युत प्रतिरोधकता है।
प्रतिरोधकता का SI मात्रक ओम-मीटर (Ω m) है।
प्रतिरोधकों का श्रेणीक्रम संयोजन
11. प्रतिरोधकों का श्रेणीक्रम संयोजन
जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधकों को इस प्रकार जोड़ा जाता है कि एक प्रतिरोधक का दूसरा सिरा अगले प्रतिरोधक के पहले सिरे से जुड़ा हो तथा सभी में समान धारा प्रवाहित हो, तो इसे श्रेणीक्रम संयोजन (Series Combination) कहते हैं।
यदि R₁, R₂ तथा R₃ श्रेणीक्रम में जुड़े हों, तो:
ओम के नियम से:
अतः:
यदि n समान प्रतिरोध, प्रत्येक का मान r हो, श्रेणीक्रम में जुड़े हों:
प्रतिरोधकों का समान्तर संयोजन
12. प्रतिरोधकों का समान्तर संयोजन
जब अनेक प्रतिरोधकों के एक ओर के सभी सिरे एक ही बिंदु तथा दूसरी ओर के सभी सिरे दूसरे बिंदु से जुड़े हों, तो इसे समान्तर संयोजन (Parallel Combination) कहते हैं।
समान्तर संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर समान रहता है।
ओम के नियम से:
अतः:
यदि n समान प्रतिरोध, प्रत्येक r, समान्तर क्रम में जुड़े हों:
13. श्रेणीक्रम एवं समान्तर संयोजन में अंतर
| श्रेणीक्रम संयोजन | समान्तर संयोजन |
|---|---|
| सभी प्रतिरोधकों में धारा समान होती है। | सभी शाखाओं में विभवांतर समान होता है। |
| V = V₁ + V₂ + V₃ | I = I₁ + I₂ + I₃ |
| R = R₁ + R₂ + R₃ | 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ |
| समतुल्य प्रतिरोध बढ़ता है। | समतुल्य प्रतिरोध घटता है। |
| एक अवयव खराब होने पर पूरा परिपथ टूट सकता है। | एक शाखा खराब होने पर अन्य शाखाएँ काम कर सकती हैं। |
विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव – Heating Element
14. विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव
जब किसी प्रतिरोधयुक्त चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो विद्युत ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है। इसे विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current) कहते हैं।
इसी प्रभाव का उपयोग विद्युत हीटर, इस्त्री, टोस्टर, गीजर और अन्य तापन उपकरणों में किया जाता है।
15. जूल का ऊष्मीय नियम (Joule’s Law of Heating)
यदि किसी प्रतिरोध R में I धारा t समय तक प्रवाहित होती है, तो उत्पन्न ऊष्मा:
अतः उत्पन्न ऊष्मा:
- धारा के वर्ग के समानुपाती होती है — H ∝ I²
- प्रतिरोध के समानुपाती होती है — H ∝ R
- समय के समानुपाती होती है — H ∝ t
चूँकि V = IR, इसलिए अन्य उपयोगी रूप:
H = V²t / R
16. विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव के उपयोग
- इलेक्ट्रिक हीटर
- इलेक्ट्रिक आयरन
- टोस्टर
- इलेक्ट्रिक केतली
- गीजर
- हेयर ड्रायर
- फ्यूज
तापन अवयव में नाइक्रोम का उपयोग क्यों?
नाइक्रोम का उपयोग तापन अवयव के रूप में किया जाता है क्योंकि इसकी प्रतिरोधकता अधिक होती है, इसका गलनांक अधिक होता है और उच्च तापमान पर यह आसानी से ऑक्सीकृत नहीं होता।
विद्युत फ्यूज
फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण है। अत्यधिक धारा प्रवाहित होने पर फ्यूज तार गर्म होकर पिघल जाता है और परिपथ को तोड़ देता है। इससे उपकरणों को क्षति से बचाया जा सकता है।
विद्युत शक्ति एवं विद्युत ऊर्जा
17. विद्युत शक्ति (Electric Power)
विद्युत ऊर्जा के उपभोग अथवा विद्युत कार्य करने की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं।
विद्युत परिपथ में:
ओम के नियम V = IR का प्रयोग करने पर:
और I = V/R रखने पर:
विद्युत शक्ति का SI मात्रक वाट (Watt – W) है।
18. विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy)
किसी विद्युत उपकरण द्वारा समय t में उपयोग की गई विद्युत ऊर्जा:
चूँकि P = VI:
अन्य रूप:
E = V²t/R
19. विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई
घरों में उपयोग की गई विद्युत ऊर्जा को सामान्यतः जूल में नहीं बल्कि किलोवाट-घंटा (kWh) में मापा जाता है।
अब:
20. Chapter 12 के सभी महत्वपूर्ण सूत्र
| राशि | सूत्र |
|---|---|
| विद्युत धारा | I = Q/t |
| विभवांतर | V = W/Q |
| ओम का नियम | V = IR |
| प्रतिरोध | R = V/I |
| चालक का प्रतिरोध | R = ρl/A |
| प्रतिरोधकता | ρ = RA/l |
| श्रेणीक्रम संयोजन | R = R₁ + R₂ + R₃ |
| समान्तर संयोजन | 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ |
| जूल का ऊष्मीय नियम | H = I²Rt |
| विद्युत शक्ति | P = VI = I²R = V²/R |
| विद्युत ऊर्जा | E = Pt = VIt |
| व्यावसायिक इकाई | 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J |
21. हल किए गए संख्यात्मक प्रश्न
किसी चालक से 20 सेकंड में 40 C आवेश प्रवाहित होता है। विद्युत धारा ज्ञात करें।
दिया है:
Q = 40 C
t = 20 s
I = Q/t
I = 40/20
उत्तर: I = 2 A
किसी प्रतिरोधक के सिरों पर 12 V विभवांतर लगाने पर उसमें 2 A धारा प्रवाहित होती है। प्रतिरोध ज्ञात करें।
R = V/I
R = 12/2
उत्तर: R = 6 Ω
2 Ω, 3 Ω तथा 5 Ω के तीन प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। समतुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें।
R = R₁ + R₂ + R₃
R = 2 + 3 + 5
उत्तर: R = 10 Ω
3 Ω और 6 Ω के प्रतिरोध समान्तर क्रम में जुड़े हैं। समतुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें।
1/R = 1/3 + 1/6
1/R = 2/6 + 1/6 = 3/6 = 1/2
उत्तर: R = 2 Ω
220 V पर चलने वाले उपकरण में 2 A धारा प्रवाहित होती है। उसकी विद्युत शक्ति ज्ञात करें।
P = VI
P = 220 × 2
उत्तर: P = 440 W
1000 W का हीटर 2 घंटे चलता है। उपयोग की गई विद्युत ऊर्जा ज्ञात करें।
1000 W = 1 kW
E = Pt
E = 1 × 2
उत्तर: E = 2 kWh = 2 यूनिट
5 Ω के प्रतिरोध से 2 A धारा 10 सेकंड तक प्रवाहित होती है। उत्पन्न ऊष्मा ज्ञात करें।
H = I²Rt
H = (2)² × 5 × 10
H = 4 × 50
उत्तर: H = 200 J
22. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. विद्युत धारा क्या है?
उत्तर: किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति इकाई समय में प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश की मात्रा को विद्युत धारा कहते हैं।
प्रश्न 2. विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: एम्पियर (A)।
प्रश्न 3. विभवांतर क्या है?
उत्तर: दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश को स्थानांतरित करने में किए गए कार्य को उन बिंदुओं के बीच विभवांतर कहते हैं।
प्रश्न 4. ओम का नियम लिखिए।
उत्तर: नियत ताप पर चालक के सिरों के बीच विभवांतर उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है। अर्थात V = IR।
प्रश्न 5. प्रतिरोध का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: ओम (Ω)।
प्रश्न 6. प्रतिरोधकता का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: ओम-मीटर (Ω m)।
प्रश्न 7. श्रेणीक्रम संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध लिखिए।
उत्तर: R = R₁ + R₂ + R₃ + …
प्रश्न 8. समान्तर संयोजन का सूत्र लिखिए।
उत्तर: 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + …
प्रश्न 9. जूल का ऊष्मीय नियम क्या है?
उत्तर: किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा H = I²Rt होती है।
प्रश्न 10. विद्युत शक्ति की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: विद्युत कार्य करने अथवा विद्युत ऊर्जा के उपभोग की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं।
प्रश्न 11. विद्युत शक्ति का SI मात्रक क्या है?
उत्तर: वाट (W)।
प्रश्न 12. 1 यूनिट विद्युत ऊर्जा कितनी होती है?
उत्तर: 1 यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J।
प्रश्न 13. घरेलू विद्युत उपकरण समान्तर क्रम में क्यों जोड़े जाते हैं?
उत्तर: समान्तर संयोजन में प्रत्येक उपकरण को समान विभवांतर प्राप्त होता है और एक उपकरण बंद या खराब होने पर अन्य उपकरण स्वतंत्र रूप से कार्य करते रहते हैं।
प्रश्न 14. तापन अवयव बनाने में नाइक्रोम का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर: नाइक्रोम की प्रतिरोधकता अधिक, गलनांक उच्च तथा उच्च ताप पर ऑक्सीकरण की प्रवृत्ति कम होती है।
⚡ Quick Revision – एक नजर में
- विद्युत धारा: I = Q/t
- धारा का SI मात्रक: Ampere (A)
- विभवांतर: V = W/Q
- विभवांतर का SI मात्रक: Volt (V)
- ओम का नियम: V = IR
- प्रतिरोध का SI मात्रक: Ohm (Ω)
- R = ρl/A
- प्रतिरोधकता का SI मात्रक: Ω m
- Series: R = R₁ + R₂ + R₃
- Parallel: 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃
- जूल का नियम: H = I²Rt
- विद्युत शक्ति: P = VI
- P = I²R
- P = V²/R
- विद्युत ऊर्जा: E = Pt
- 1 यूनिट = 1 kWh
- 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J

