Bihar Board Class 9 Maths रेखाएँ और कोण (Lines and Angles) Notes in Hindi

BSEB Class 9 Mathematics
रेखाएँ और कोण (Lines and Angles)
Complete Notes in Hindi

परिभाषाएँ, कोणों के प्रकार, समांतर रेखाएँ, तिर्यक रेखा, प्रमेय और हल सहित प्रश्न

विषय-सूची / Table of Contents

1. भूमिका / Introduction

ज्यामिति में रेखाएँ और कोण लगभग सभी आकृतियों का आधार हैं। दो रेखाओं के मिलने, एक रेखा के दूसरी रेखा को काटने तथा समांतर रेखाओं पर तिर्यक रेखा पड़ने से विभिन्न प्रकार के कोण बनते हैं।

इस अध्याय में रेखा, रेखाखंड, किरण, कोण, रैखिक युग्म, शीर्षाभिमुख कोण तथा समांतर रेखाओं से बनने वाले कोणों के गुणों का अध्ययन किया जाता है।

2. रेखाओं से संबंधित पद / Basic Terms

रेखा / Line:
दोनों दिशाओं में अनंत तक बढ़ने वाला सीधा पथ। इसके कोई अंत बिंदु नहीं होते।
रेखाखंड / Line Segment:
रेखा का वह भाग जिसके दो निश्चित अंत बिंदु होते हैं।
किरण / Ray:
रेखा का वह भाग जिसका एक आरंभिक बिंदु होता है और जो दूसरी दिशा में अनंत तक बढ़ता है।
अर्धरेखा / Half Line:
किसी बिंदु द्वारा विभाजित रेखा का एक भाग, जिसमें विभाजन बिंदु सम्मिलित नहीं माना जाता।
रेखा AB AB रेखाखंड PQ PQ किरण XY XY

सरेख बिंदु / Collinear Points

तीन या तीन से अधिक बिंदु यदि एक ही सीधी रेखा पर स्थित हों, तो वे सरेख बिंदु कहलाते हैं। जो एक रेखा पर न हों, वे असरेख बिंदु कहलाते हैं।

3. कोण की परिभाषा / Definition of an Angle

एक ही आरंभिक बिंदु वाली दो किरणों से बनी आकृति को कोण कहते हैं। दोनों किरणों का उभयनिष्ठ बिंदु कोण का शीर्ष (Vertex) और किरणें उसकी भुजाएँ (Arms) कहलाती हैं।
A C B ∠BAC
  • ∠BAC में मध्य अक्षर A कोण का शीर्ष है।
  • किरण AB और AC कोण की भुजाएँ हैं।
  • दोनों भुजाओं के बीच का क्षेत्र कोण का अभ्यंतर है।
  • अभ्यंतर के बाहर का भाग कोण का बहिर्भाग है।
कोण की इकाई = अंश / Degree (°)

4. कोणों के प्रकार / Types of Angles

कोणमापउदाहरण
शून्य कोण / Zero Angleदोनों भुजाएँ एक दिशा में
न्यून कोण / Acute Angle0° < θ < 90°45°
समकोण / Right Angle90°90°
अधिक कोण / Obtuse Angle90° < θ < 180°120°
ऋजु कोण / Straight Angle180°सीधी रेखा
पुनर्युक्त कोण / Reflex Angle180° < θ < 360°270°
पूर्ण कोण / Complete Angle360°एक पूर्ण चक्कर

5. कोणों के बीच संबंध / Relations Between Angles

सर्वांगसम कोण:
जिन दो कोणों के माप बराबर हों, वे सर्वांगसम कोण होते हैं।
पूरक कोण:
जिन दो कोणों का योग 90° हो, वे पूरक कोण होते हैं।
संपूरक कोण:
जिन दो कोणों का योग 180° हो, वे संपूरक कोण होते हैं।
आसन्न कोण:
समान शीर्ष और एक उभयनिष्ठ भुजा वाले दो कोण, जिनके अभ्यंतर अलग हों।
कोण समद्विभाजक:
कोण को दो बराबर भागों में बाँटने वाली किरण।
कोण-योग गुण:
यदि P कोण AOB के भीतर है, तो ∠AOB = ∠AOP + ∠POB।
पूरक कोण: θ₁ + θ₂ = 90°
संपूरक कोण: θ₁ + θ₂ = 180°

6. शीर्षाभिमुख कोण / Vertically Opposite Angles

जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तब आमने-सामने बनने वाले कोण शीर्षाभिमुख कोण कहलाते हैं।
AB CD O 1 3 2 4
प्रमेय / Theorem: यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं, तो उनके शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
∠1 = ∠3 तथा ∠2 = ∠4

संक्षिप्त प्रमाण: ∠1 + ∠2 = 180° और ∠2 + ∠3 = 180°। दोनों समीकरणों से ∠2 घटाने पर ∠1 = ∠3। इसी प्रकार ∠2 = ∠4।

7. प्रतिच्छेदी और समांतर रेखाएँ / Intersecting and Parallel Lines

प्रतिच्छेदी रेखाएँ:
एक ही तल की वे रेखाएँ जिनका एक उभयनिष्ठ बिंदु हो।
समांतर रेखाएँ:
एक ही तल की वे रेखाएँ जो दोनों ओर बढ़ाने पर भी कभी न मिलें। इन्हें l ∥ m लिखते हैं।
समांतर रेखाओं के बीच की लंबवत दूरी हर स्थान पर समान रहती है।

8. कोणों का रैखिक युग्म / Linear Pair of Angles

दो आसन्न कोण जिनकी गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ विपरीत किरणें हों, कोणों का रैखिक युग्म कहलाते हैं।
यदि ∠AOC और ∠COB रैखिक युग्म हैं, तो ∠AOC + ∠COB = 180°
रैखिक युग्म अभिगृहीत: यदि एक किरण किसी रेखा पर स्थित हो, तो बनने वाले दोनों आसन्न कोणों का योग 180° होता है।
विलोम: यदि दो आसन्न कोणों का योग 180° हो, तो उनकी गैर-उभयनिष्ठ भुजाएँ विपरीत किरणें होती हैं।

9. तिर्यक रेखा द्वारा बने कोण / Angles Made by a Transversal

जो रेखा दो या दो से अधिक रेखाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर काटती है, उसे तिर्यक रेखा (Transversal) कहते हैं।
12 34 56 87 l m t
कोणों का युग्मउदाहरणसमांतर रेखाओं में संबंध
संगत कोण∠1 और ∠5बराबर
एकांतर अंतःकोण∠3 और ∠5बराबर
एकांतर बाह्य कोण∠1 और ∠7बराबर
एक ही ओर के अंतःकोण∠4 और ∠5योग 180°

10. समांतर रेखाओं के प्रमुख प्रमेय / Important Theorems

प्रमेय 1: यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को काटती है, तो संगत कोण बराबर होते हैं।
प्रमेय 2: यदि संगत कोण बराबर हों, तो दोनों रेखाएँ समांतर होती हैं।
प्रमेय 3: दो समांतर रेखाओं को काटने वाली तिर्यक रेखा से बने एकांतर अंतःकोण बराबर होते हैं।
प्रमेय 4: यदि एकांतर अंतःकोणों का एक युग्म बराबर हो, तो दोनों रेखाएँ समांतर होती हैं।
प्रमेय 5: समांतर रेखाओं में तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोण संपूरक होते हैं।
प्रमेय 6: यदि एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° हो, तो दोनों रेखाएँ समांतर होती हैं।
याद रखने की तरकीब: समांतर रेखाओं में संगत और एकांतर कोण बराबर, जबकि एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° होता है।

11. हल किए हुए उदाहरण / Solved Examples

उदाहरण 1: दो पूरक कोणों में एक कोण 35° है। दूसरा कोण ज्ञात करें।
हल: दूसरा कोण = 90° − 35° = 55°
उदाहरण 2: दो संपूरक कोणों में एक कोण 118° है। दूसरा कोण ज्ञात करें।
हल: दूसरा कोण = 180° − 118° = 62°
उदाहरण 3: रैखिक युग्म के कोण (3x + 10)° और (2x + 20)° हैं। x ज्ञात करें।
(3x + 10) + (2x + 20) = 180
5x + 30 = 180 ⇒ 5x = 150 ⇒ x = 30
दोनों कोण 100° और 80° हैं।
उदाहरण 4: प्रतिच्छेदी रेखाओं का एक कोण 72° है। शेष कोण ज्ञात करें।
हल: उसका शीर्षाभिमुख कोण 72° तथा दोनों आसन्न कोण 108°–108° होंगे।
उदाहरण 5: दो समांतर रेखाओं में एक संगत कोण 65° है। उसके संगत और एकांतर अंतःकोण ज्ञात करें।
हल: दोनों का माप 65° होगा।

सामान्य गलतियाँ / Common Mistakes

  • पूरक कोणों का योग 180° समझना—सही योग 90° है।
  • संपूरक कोणों का योग 90° समझना—सही योग 180° है।
  • हर आसन्न कोण को रैखिक युग्म मान लेना।
  • एकांतर अंतःकोण और एक ही ओर के अंतःकोण को समान समझना।
  • संगत कोणों की सही स्थिति पहचाने बिना उन्हें बराबर मान लेना।
  • रेखाएँ समांतर दिए बिना तिर्यक रेखा के कोणों वाले नियम लगा देना।

12. अभ्यास प्रश्न / Practice Questions

  1. रेखा, रेखाखंड और किरण में अंतर लिखिए।
  2. 75° किस प्रकार का कोण है?
  3. 145° का संपूरक कोण ज्ञात करें।
  4. 38° का पूरक कोण ज्ञात करें।
  5. रैखिक युग्म के एक कोण का माप 110° है। दूसरा कोण ज्ञात करें।
  6. शीर्षाभिमुख कोणों का प्रमेय लिखिए।
  7. तिर्यक रेखा किसे कहते हैं?
  8. समांतर रेखाओं में संगत कोणों के बीच क्या संबंध होता है?
  9. एक ही ओर के अंतःकोण (2x+20)° तथा (3x+10)° हैं। x ज्ञात करें।
  10. किस स्थिति में दो रेखाओं को समांतर सिद्ध किया जा सकता है?
उत्तर देखने के लिए क्लिक करें

1. रेखा के कोई अंत बिंदु नहीं, रेखाखंड के दो और किरण का एक आरंभिक बिंदु होता है।
2. न्यून कोण।
3. 35°।
4. 52°।
5. 70°।
6. प्रतिच्छेदी रेखाओं के शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
7. दो या अधिक रेखाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर काटने वाली रेखा।
8. वे बराबर होते हैं।
9. 2x+20+3x+10=180 ⇒ 5x=150 ⇒ x=30।
10. संगत अथवा एकांतर अंतःकोण बराबर हों, या एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° हो।

त्वरित पुनरावृत्ति / Quick Revision

समकोण: 90°
ऋजु कोण: 180°
पूर्ण कोण: 360°
पूरक कोण: योग 90°
संपूरक कोण: योग 180°
शीर्षाभिमुख कोण: बराबर
संगत कोण: बराबर
एक ही ओर के अंतःकोण: योग 180°

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