Bihar Board Class 9 Maths यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय (Introduction to Euclid’s Geometry) Notes in Hindi

BSEB Class 9 Mathematics
यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय
Introduction to Euclid’s Geometry

इतिहास, परिभाषाएँ, अभिगृहीत, अभिधारणाएँ और महत्वपूर्ण प्रश्नों सहित संपूर्ण Notes

विषय-सूची / Table of Contents

1. भूमिका / Introduction

ज्यामिति / Geometry: गणित की वह शाखा जिसमें बिंदु, रेखा, कोण, त्रिभुज, वृत्त, समतल तथा अन्य ज्यामितीय आकृतियों और उनके पारस्परिक संबंधों का अध्ययन किया जाता है, ज्यामिति कहलाती है।

अंग्रेजी शब्द Geometry यूनानी भाषा के दो शब्दों Geo और Metron से बना है। Geo का अर्थ पृथ्वी तथा Metron का अर्थ मापन है। इसलिए Geometry का प्रारंभिक अर्थ भूमि-मापन था।

Geometry = Geo (पृथ्वी) + Metron (मापन)

प्राचीन समय में भूमि की सीमाएँ निर्धारित करने, भवन बनाने, खेतों का क्षेत्रफल ज्ञात करने और खगोलीय अध्ययन के लिए ज्यामिति का विकास हुआ।

2. ज्यामिति का संक्षिप्त इतिहास / Brief History of Geometry

मिस्र और बेबीलोन:
लगभग 2500 ईसा पूर्व भूमि-मापन, भवन निर्माण और खगोलीय गणनाओं में ज्यामिति का उपयोग हुआ।
थेल्स / Thales:
लगभग 640–546 ईसा पूर्व। उन्होंने मिस्र से प्राप्त ज्यामितीय ज्ञान को यूनान में लोकप्रिय बनाया।
पाइथागोरस / Pythagoras:
लगभग 580–500 ईसा पूर्व। उन्होंने ज्यामिति के अनेक परिणामों को तार्किक रूप से सिद्ध किया।
प्राचीन भारत:
शुल्बसूत्रों में वेदियों और अग्निकुण्डों के निर्माण हेतु ज्यामितीय नियमों का प्रयोग मिलता है।

भारत में आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और अन्य गणितज्ञों ने क्षेत्रफल, आयतन तथा वृत्त से संबंधित ज्यामितीय ज्ञान के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

3. ज्यामिति के अध्ययन का महत्त्व / Importance of Studying Geometry

  1. ज्यामितीय आकृतियों का ज्ञान दैनिक जीवन और व्यावहारिक कार्यों में उपयोगी होता है।
  2. यह तार्किक तथा क्रमबद्ध चिंतन करने की क्षमता विकसित करती है।
  3. यह वास्तुकला, इंजीनियरिंग, सर्वेक्षण, मानचित्र और डिजाइन का आधार है।
  4. प्रमेयों के प्रमाण से सही निष्कर्ष निकालने की योग्यता बढ़ती है।
  5. आकृति, आकार, दूरी, क्षेत्रफल और आयतन को समझने में सहायता मिलती है।

4. यूक्लिड और उनकी पुस्तक Elements / Euclid and The Elements

यूक्लिड / Euclid
लगभग 300 ईसा पूर्व के यूनानी गणितज्ञ
“ज्यामिति के जनक / Father of Geometry”

यूक्लिड ने अपने समय तक उपलब्ध ज्यामितीय ज्ञान को क्रमबद्ध और तार्किक रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कुछ मूल परिभाषाओं, अभिगृहीतों और अभिधारणाओं को स्वीकार कर उनके आधार पर अनेक परिणाम सिद्ध किए।

यूक्लिड की प्रसिद्ध पुस्तक को द एलिमेंट्स (The Elements) कहा जाता है। यह कुल 13 पुस्तकों का संग्रह है और लंबे समय तक ज्यामिति की प्रमुख पाठ्यपुस्तक रही।
यूक्लिडीय ज्यामिति की विशेषता यह है कि प्रत्येक नए परिणाम को पहले से स्वीकृत तथ्यों और तार्किक तर्क के आधार पर सिद्ध किया जाता है।

5. यूक्लिड की प्रमुख परिभाषाएँ / Euclid’s Definitions

P बिंदु / Point
जिसका कोई भाग नहीं होता।
रेखा / Line
जिसकी केवल लंबाई होती है।
समतल पृष्ठ / Plane Surface
जिस पर सीधी रेखाएँ पूर्णतः स्थित हों।
  1. बिंदु: वह है जिसका कोई भाग नहीं होता।
  2. रेखा: चौड़ाई रहित लंबाई को रेखा कहते हैं।
  3. रेखा के सिरे: रेखा के सिरे बिंदु होते हैं।
  4. सीधी रेखा: वह रेखा जो अपने सभी बिंदुओं के साथ समान रूप से स्थित होती है।
  5. पृष्ठ: वह है जिसकी केवल लंबाई और चौड़ाई होती है।
  6. पृष्ठ के किनारे: पृष्ठ के किनारे रेखाएँ होते हैं।
  7. समतल पृष्ठ: वह पृष्ठ जो स्वयं पर स्थित सीधी रेखाओं के साथ समान रूप से स्थित हो।

6. अपरिभाषित पद / Undefined Terms

प्रत्येक शब्द को किसी अन्य शब्द द्वारा परिभाषित करने का प्रयास करने पर परिभाषाओं की अनंत शृंखला बन सकती है। इसलिए आधुनिक ज्यामिति में कुछ मूल पदों को बिना औपचारिक परिभाषा के स्वीकार किया जाता है।

बिंदु / Point
स्थिति को दर्शाता है, पर इसका कोई आकार नहीं माना जाता।
रेखा / Line
दोनों दिशाओं में अनंत तक विस्तृत मानी जाती है।
समतल / Plane
लंबाई और चौड़ाई वाला अनंत सपाट विस्तार माना जाता है।
महत्त्व:
इन्हीं मूल पदों की सहायता से अन्य ज्यामितीय संकल्पनाएँ समझाई जाती हैं।
यूक्लिड ने बिंदु और रेखा को परिभाषित करने का प्रयास किया था, लेकिन आधुनिक गणित में बिंदु, रेखा और समतल को मूल अपरिभाषित पद माना जाता है।

7. यूक्लिड के अभिगृहीत / Euclid’s Axioms

वे मूल कथन जिन्हें बिना प्रमाण के सत्य स्वीकार किया जाता है और जिनका प्रयोग गणित की विभिन्न शाखाओं में किया जा सकता है, अभिगृहीत (Axioms) कहलाते हैं।
  1. जो वस्तुएँ एक ही वस्तु के बराबर हों, वे एक-दूसरे के बराबर होती हैं।
  2. यदि बराबरों में बराबर जोड़े जाएँ, तो प्राप्त पूर्ण भी बराबर होते हैं।
  3. यदि बराबरों में से बराबर घटाए जाएँ, तो प्राप्त शेषफल भी बराबर होते हैं।
  4. जो वस्तुएँ परस्पर संपाती होती हैं, वे एक-दूसरे के बराबर होती हैं।
  5. पूर्ण अपने किसी भी भाग से बड़ा होता है।
  6. एक ही वस्तु के दुगुने परस्पर बराबर होते हैं।
  7. एक ही वस्तु के आधे परस्पर बराबर होते हैं।
अभिगृहीत 1 का उदाहरण:
यदि a = b और b = c है, तो a = c होगा।
अभिगृहीत 2 का उदाहरण:
यदि a = b है, तो दोनों पक्षों में c जोड़ने पर a + c = b + c होगा।
अभिगृहीत 5 का उदाहरण:
यदि एक रेखाखंड की लंबाई 10 cm है और उसका एक भाग 4 cm है, तो 10 cm > 4 cm।

8. यूक्लिड की पाँच अभिधारणाएँ / Euclid’s Five Postulates

ज्यामिति से विशेष रूप से संबंधित वे मूल कथन जिन्हें बिना प्रमाण के सत्य स्वीकार किया जाता है, अभिधारणाएँ (Postulates) कहलाती हैं।
  1. किसी एक बिंदु से किसी दूसरे बिंदु तक एक सीधी रेखा खींची जा सकती है।
  2. एक सीमित सीधी रेखा को दोनों ओर अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।
  3. किसी भी केंद्र और किसी भी त्रिज्या से एक वृत्त खींचा जा सकता है।
  4. सभी समकोण एक-दूसरे के बराबर होते हैं।
  5. यदि एक सीधी रेखा दो सीधी रेखाओं पर गिरकर एक ही ओर के अंतःकोण इस प्रकार बनाए कि उनका योग दो समकोणों से कम हो, तो दोनों रेखाएँ उसी ओर बढ़ाने पर मिलेंगी।
A B अभिधारणा 1
A और B को मिलाने वाली रेखा
अभिधारणा 2
रेखाखंड को दोनों ओर बढ़ाना
r अभिधारणा 3
केंद्र और त्रिज्या से वृत्त

9. अभिगृहीत और अभिधारणा में अंतर / Axiom vs Postulate

आधार अभिगृहीत / Axiom अभिधारणा / Postulate
अर्थ बिना प्रमाण स्वीकार किया गया सामान्य सत्य बिना प्रमाण स्वीकार किया गया ज्यामितीय सत्य
प्रयोग गणित की विभिन्न शाखाओं में मुख्यतः ज्यामिति में
उदाहरण पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है दो बिंदुओं को एक सीधी रेखा से मिलाया जा सकता है
प्रमाण आवश्यक नहीं आवश्यक नहीं
आधुनिक गणित में Axiom और Postulate शब्दों के बीच कठोर अंतर नहीं रखा जाता। दोनों ही किसी गणितीय प्रणाली के प्रारंभिक स्वीकृत कथन होते हैं।

10. पाँचवीं अभिधारणा और Playfair’s Axiom

यूक्लिड की पाँचवीं अभिधारणा अन्य चार अभिधारणाओं की तुलना में अधिक जटिल है। इसका संबंध समानांतर रेखाओं से है।

यदि एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° से कम हो,
तो दोनों रेखाएँ उसी ओर बढ़ाने पर मिलती हैं।

Playfair का अभिगृहीत / Playfair’s Axiom

किसी दी गई रेखा के बाहर स्थित एक बिंदु से उस रेखा के समानांतर केवल एक ही रेखा खींची जा सकती है।
P l m l ∥ m बिंदु P से रेखा l के समानांतर केवल एक रेखा m

11. हल किए हुए उदाहरण / Solved Examples

उदाहरण 1: यदि AB = PQ और PQ = XY है, तो AB तथा XY में क्या संबंध है?
हल: जो वस्तुएँ एक ही वस्तु के बराबर होती हैं, वे एक-दूसरे के बराबर होती हैं। इसलिए AB = XY।
उदाहरण 2: यदि x = y है, तो सिद्ध कीजिए कि x + 5 = y + 5।
हल: बराबरों में बराबर जोड़ने पर प्राप्त पूर्ण बराबर होते हैं। अतः x + 5 = y + 5।
उदाहरण 3: यदि AB = CD तथा PQ = RS है और AB + PQ = 15 cm, तो CD + RS ज्ञात कीजिए।
हल: बराबरों में बराबर जोड़ने पर योग बराबर होते हैं। इसलिए CD + RS = AB + PQ = 15 cm।
उदाहरण 4: एक रेखा के बाहर स्थित बिंदु से कितनी समानांतर रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
हल: Playfair के अभिगृहीत के अनुसार केवल एक समानांतर रेखा।

12. अभ्यास प्रश्न / Practice Questions

  1. ज्यामिति शब्द किन दो यूनानी शब्दों से बना है?
  2. यूक्लिड को ज्यामिति का जनक क्यों कहा जाता है?
  3. यूक्लिड की प्रसिद्ध पुस्तक का नाम लिखिए।
  4. बिंदु, रेखा और समतल को आधुनिक ज्यामिति में क्या माना जाता है?
  5. अभिगृहीत और अभिधारणा में अंतर लिखिए।
  6. यूक्लिड का पाँचवाँ अभिगृहीत लिखिए।
  7. यूक्लिड की प्रथम तीन अभिधारणाएँ लिखिए।
  8. Playfair का अभिगृहीत लिखिए।
  9. यदि a = b और b = c है, तो a और c में क्या संबंध होगा?
  10. “सभी समकोण बराबर होते हैं” अभिगृहीत है या अभिधारणा?
उत्तर देखने के लिए क्लिक करें

1. Geo और Metron।
2. उन्होंने ज्यामिति को परिभाषाओं, अभिगृहीतों और अभिधारणाओं के आधार पर क्रमबद्ध रूप दिया।
3. The Elements।
4. अपरिभाषित पद।
5. अभिगृहीत सामान्य गणितीय सत्य है; अभिधारणा मुख्यतः ज्यामिति से संबंधित सत्य है।
6. पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है।
7. दो बिंदुओं को रेखा से मिलाना, सीमित रेखा को बढ़ाना और केंद्र-त्रिज्या से वृत्त बनाना।
8. बाहरी बिंदु से दी गई रेखा के समानांतर केवल एक रेखा खींची जा सकती है।
9. a = c।
10. अभिधारणा।

त्वरित पुनरावृत्ति / Quick Revision

Geometry:
Geo + Metron
ज्यामिति के जनक:
Euclid
प्रसिद्ध पुस्तक:
The Elements
अपरिभाषित पद:
बिंदु, रेखा और समतल
अभिगृहीत:
सामान्य स्वीकृत सत्य
अभिधारणा:
ज्यामिति का स्वीकृत सत्य
Euclid के Axioms:
सात
Euclid के Postulates:
पाँच

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQs

यूक्लिड कौन थे?

यूक्लिड लगभग 300 ईसा पूर्व के यूनानी गणितज्ञ थे जिन्हें ज्यामिति का जनक कहा जाता है।

क्या अभिगृहीत को सिद्ध करना पड़ता है?

नहीं, अभिगृहीत को बिना प्रमाण के सत्य स्वीकार किया जाता है।

Euclid की कितनी अभिधारणाएँ हैं?

यूक्लिड की पाँच मुख्य अभिधारणाएँ हैं।

Playfair का अभिगृहीत किससे संबंधित है?

यह समानांतर रेखाओं से संबंधित है और Euclid की पाँचवीं अभिधारणा का समतुल्य रूप है।

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