Bihar Board Class 9 Maths बहुपद (Polynomial) Notes in Hindi

BSEB Class 9 Mathematics
बहुपद (Polynomial) – Complete Notes in Hindi

बहुपद की परिभाषा, पद, गुणांक, घात, मानक रूप, वर्गीकरण, बहुपद का मान, शून्यक, शेषफल प्रमेय, गुणनखंड प्रमेय तथा बीजीय सर्वसमिकाओं को सरल भाषा और हल सहित समझें।

1. बहुपद का परिचय / Introduction to Polynomial

बीजगणित में हम संख्याओं तथा चरों को जोड़कर व्यंजक बनाते हैं। जब किसी बीजीय व्यंजक में चर की घात केवल अशून्यात्मक पूर्णांक अर्थात् 0, 1, 2, 3, … हो, तब ऐसा व्यंजक बहुपद हो सकता है।

सरल भाषा में: बहुपद वह बीजीय व्यंजक है जिसमें चर का घात न तो ऋणात्मक होता है और न भिन्नात्मक।
उदाहरण:
3x − 4,   5x2 + 3x + 7,   x3 − 4x2 + 2x − 5 बहुपद हैं।

2. बहुपद की परिभाषा / Definition of Polynomial

चर x में वह बीजीय व्यंजक जिसमें x की सभी घातें अशून्यात्मक पूर्णांक हों, चर x का बहुपद कहलाता है।
p(x) = a0 + a1x + a2x2 + … + anxn

यहाँ:

  • n एक अशून्यात्मक पूर्णांक है।
  • a0, a1, …, an अचर संख्याएँ हैं।
  • an ≠ 0 होता है।
  • an को अग्र गुणांक या Leading Coefficient कहते हैं।

बहुपद के संकेत / Symbols for Polynomial

बहुपदों को सामान्यतः p(x), q(x), r(x), f(x) और g(x) आदि संकेतों से दर्शाया जाता है।

बहुपद और अबहुपद / Polynomial and Non-Polynomial

व्यंजक बहुपद है? कारण
5x2 + 3x + 7 हाँ x की घातें 2, 1 और 0 हैं।
x3 − 4x + 2 हाँ सभी घातें अशून्यात्मक पूर्णांक हैं।
x2 + 1/x नहीं 1/x = x−1; घात ऋणात्मक है।
x1/2 + x + 2 नहीं x की घात 1/2 भिन्नात्मक है।
5x2 − √2x + √3 हाँ अपरिमेय गुणांक स्वीकार्य हैं; चर की घात पूर्णांक है।
ध्यान दें: गुणांक भिन्न, वास्तविक अथवा अपरिमेय संख्या हो सकता है। प्रतिबंध चर की घात पर होता है।

3. पद, गुणांक एवं घात / Terms, Coefficients and Degree

p(x) = 4x3 − 5x2 + 2x − 7

पद / Terms

जोड़ या घटाव के चिह्नों से अलग हुए भाग बहुपद के पद कहलाते हैं। यहाँ पद हैं: 4x3, −5x2, 2x और −7।

गुणांक / Coefficients

चर के साथ गुणा होने वाली संख्या गुणांक कहलाती है। यहाँ गुणांक 4, −5 और 2 हैं तथा अचर पद −7 है।

घात / Degree

एक चर वाले अशून्य बहुपद में चर की सबसे बड़ी घात बहुपद की घात कहलाती है। दिए गए बहुपद की घात 3 है।

अचर पद / Constant Term

जिस पद में चर नहीं होता अथवा चर की घात शून्य होती है, वह अचर पद कहलाता है। यहाँ अचर पद −7 है।

शून्य बहुपद की घात परिभाषित नहीं होती, क्योंकि उसमें कोई भी अशून्य अग्र गुणांक नहीं होता।

4. बहुपद का मानक रूप / Standard Form of a Polynomial

जब बहुपद के पदों को चर की घातों के आरोही या अवरोही क्रम में लिखा जाता है, तब वह बहुपद का मानक रूप कहलाता है।
अवरोही क्रम / Descending Order:
2x4 − 3x3 + 4x + 5

आरोही क्रम / Ascending Order:
5 + 4x − 3x3 + 2x4

दोनों एक ही बहुपद हैं; केवल पदों को लिखने का क्रम अलग है। सामान्यतः गणना करते समय अवरोही क्रम अधिक सुविधाजनक होता है।

5. बहुपद का वर्गीकरण / Classification of Polynomials

पदों की संख्या के आधार पर / According to Number of Terms

प्रकार अर्थ उदाहरण
एकपदी / Monomial एक पद वाला बहुपद 4x, 7x3, −5
द्विपदी / Binomial दो पद वाला बहुपद 3x − 5, x2 + 2x
त्रिपदी / Trinomial तीन पद वाला बहुपद 4x2 + 2x − 3

घात के आधार पर / According to Degree

प्रकार घात सामान्य रूप उदाहरण
अचर बहुपद / Constant 0 p(x) = c, c ≠ 0 p(x) = 5
एकघातीय / Linear 1 ax + b, a ≠ 0 3x − 5
द्विघातीय / Quadratic 2 ax2 + bx + c 3x2 − 5x − 10
त्रिघातीय / Cubic 3 ax3 + bx2 + cx + d 7x3 − 5x2 − 8x + 3
शून्य बहुपद / Zero Polynomial परिभाषित नहीं p(x) = 0 0x2 + 0x + 0

6. बहुपद का मान / Value of a Polynomial

किसी बहुपद p(x) में चर x के स्थान पर कोई निश्चित संख्या रखने पर प्राप्त परिणाम उस संख्या पर बहुपद का मान कहलाता है।
उदाहरण: p(x) = x2 − 3x + 2

p(0) = 02 − 3(0) + 2 = 2
p(1) = 12 − 3(1) + 2 = 0
p(2) = 22 − 3(2) + 2 = 0
p(3) = 32 − 3(3) + 2 = 2

अतः p(0)=2, p(1)=0, p(2)=0 और p(3)=2।

हल करने की विधि / Working Method

1बहुपद को साफ मानक रूप में लिखें।
2x के प्रत्येक स्थान पर दिया गया मान रखें।
3पहले घात, फिर गुणा तथा अंत में जोड़-घटाव करें।

7. बहुपद के शून्यक / Zeroes of a Polynomial

यदि किसी वास्तविक संख्या a के लिए p(a)=0 हो, तो a को बहुपद p(x) का शून्यक या Zero कहते हैं।
a, p(x) का शून्यक ⇔ p(a) = 0
उदाहरण 1: p(x)=x2−3x+2

p(1)=1−3+2=0
p(2)=4−6+2=0
अतः 1 और 2 इस बहुपद के शून्यक हैं।
उदाहरण 2: p(x)=x−2

p(2)=2−2=0
अतः 2 इस रैखिक बहुपद का शून्यक है।

बहुपद समीकरण का मूल / Root of Polynomial Equation

समीकरण p(x)=0 को संतुष्ट करने वाला मान उसका मूल कहलाता है। किसी बहुपद के शून्यक और संबंधित बहुपद समीकरण के मूल एक ही होते हैं।

प्रत्येक रैखिक बहुपद ax+b, जहाँ a ≠ 0, का केवल एक शून्यक होता है और वह −b/a होता है।

शून्य एवं अचर बहुपद / Zero and Constant Polynomial

  • शून्य बहुपद p(x)=0 के लिए प्रत्येक वास्तविक संख्या शून्यक है।
  • अशून्य अचर बहुपद p(x)=c का कोई शून्यक नहीं होता।
  • किसी बहुपद के एक से अधिक शून्यक हो सकते हैं।
  • शून्य संख्या भी किसी बहुपद का शून्यक हो सकती है।

8. बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म / Polynomial Division Algorithm

यदि p(x) भाज्य और g(x) भाजक बहुपद हों तथा g(x) ≠ 0 हो, तो ऐसे अद्वितीय बहुपद q(x) और r(x) होते हैं कि:

p(x) = g(x)q(x) + r(x)

जहाँ r(x)=0 अथवा r(x) की घात, g(x) की घात से कम होती है।

याद रखें:
भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल

9. शेषफल प्रमेय / Remainder Theorem

यदि p(x), एक या उससे अधिक घात वाला बहुपद है, तो p(x) को (x−a) से भाग देने पर प्राप्त शेषफल p(a) होता है।

प्रमाण / Proof

विभाजन एल्गोरिथ्म से:

p(x) = (x−a)q(x) + r(x)

क्योंकि भाजक x−a की घात 1 है, इसलिए शेषफल r(x) की घात 1 से कम होगी। अतः r(x)=k, जहाँ k एक अचर संख्या है।

x=a रखने पर:

p(a) = (a−a)q(a) + k = k

अतः शेषफल k=p(a)। इसलिए p(x) को x−a से भाग देने पर शेषफल p(a) प्राप्त होता है। सिद्ध हुआ।

उदाहरण: p(x)=x3−4x+5 को x−2 से भाग देने पर शेषफल ज्ञात करें।

यहाँ a=2
p(2)=23−4(2)+5
=8−8+5=5

अतः शेषफल = 5
x+a से भाग देने पर x+a=x−(−a), इसलिए p(x) में x=−a रखना होगा।

10. गुणनखंड प्रमेय / Factor Theorem

x−a, बहुपद p(x) का एक गुणनखंड होगा, यदि और केवल यदि p(a)=0।
(x−a), p(x) का गुणनखंड ⇔ p(a)=0

प्रमाण / Proof

शेषफल प्रमेय के अनुसार:

p(x) = (x−a)q(x) + p(a)

यदि x−a, p(x) का गुणनखंड है, तो भाग देने पर शेषफल शून्य होगा। अतः p(a)=0।

इसके विपरीत यदि p(a)=0, तो:

p(x) = (x−a)q(x)

अतः x−a, p(x) का गुणनखंड है। सिद्ध हुआ।

उदाहरण: जाँचें कि x−2, p(x)=x2−5x+6 का गुणनखंड है या नहीं।

p(2)=22−5(2)+6
=4−10+6=0

अतः x−2, p(x) का एक गुणनखंड है।

11. बीजीय सर्वसमिकाएँ / Algebraic Identities

वह बीजीय समानता जो चरों के सभी स्वीकार्य मानों के लिए सत्य होती है, बीजीय सर्वसमिका कहलाती है।
1. (a+b)2 = a2 + 2ab + b2
2. (a−b)2 = a2 − 2ab + b2
3. (a+b)(a−b) = a2 − b2
4. (x+a)(x+b) = x2 + (a+b)x + ab
5. (a+b)3 = a3 + 3a2b + 3ab2 + b3
6. (a−b)3 = a3 − 3a2b + 3ab2 − b3
7. a3+b3 = (a+b)(a2−ab+b2)
8. a3−b3 = (a−b)(a2+ab+b2)
9. a3+b3+c3−3abc = (a+b+c)(a2+b2+c2−ab−bc−ca)
यदि a+b+c=0, तो a3+b3+c3=3abc।

हल किए गए उदाहरण / Solved Examples

उदाहरण 1: (2x+3)2 का विस्तार करें।

(a+b)2=a2+2ab+b2
(2x+3)2 =(2x)2+2(2x)(3)+32
=4x2+12x+9
उदाहरण 2: 49x2−25 का गुणनखंड करें।

a2−b2=(a+b)(a−b)
49x2−25=(7x)2−52
=(7x+5)(7x−5)
उदाहरण 3: x2+7x+12 का गुणनखंड करें।

ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका योग 7 और गुणनफल 12 हो। ये संख्याएँ 3 और 4 हैं।
x2+7x+12=(x+3)(x+4)

12. सामान्य गलतियाँ / Common Mistakes

  • x−2 या x1/2 वाले व्यंजक को बहुपद न मानें।
  • बहुपद की घात पदों की संख्या नहीं, चर की सबसे बड़ी घात होती है।
  • x+a से भाग देने पर p(a) नहीं, बल्कि p(−a) निकालें।
  • शून्य बहुपद की घात को शून्य न लिखें; यह परिभाषित नहीं है।
  • Factor Theorem में p(a)=0 होना आवश्यक है।
  • (a−b)2 में मध्य पद −2ab होता है।

13. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न / Important Practice Questions

  1. बताइए कि x2+1/x बहुपद क्यों नहीं है।
  2. 5x4−3x2+7 की घात एवं अग्र गुणांक बताइए।
  3. 3x2−5x−10 किस प्रकार का बहुपद है?
  4. p(x)=x2−4 के लिए p(2) और p(−2) ज्ञात कीजिए।
  5. p(x)=x2−7x+12 के शून्यक ज्ञात कीजिए।
  6. x3−2x2+4 को x−2 से भाग देने पर शेषफल ज्ञात करें।
  7. जाँचें कि x+1, x3−x2−x+1 का गुणनखंड है या नहीं।
  8. (3x−2)2 का विस्तार कीजिए।
  9. 81x2−16 का गुणनखंड कीजिए।
  10. x2+9x+20 का गुणनखंड कीजिए।
उत्तर देखने के लिए क्लिक करें / View Answers
  1. क्योंकि 1/x=x−1; चर की घात ऋणात्मक है।
  2. घात 4 तथा अग्र गुणांक 5।
  3. द्विघातीय त्रिपदी बहुपद।
  4. p(2)=0 और p(−2)=0।
  5. 3 और 4।
  6. शेषफल 4।
  7. हाँ, क्योंकि p(−1)=0।
  8. 9x2−12x+4।
  9. (9x+4)(9x−4)।
  10. (x+4)(x+5)।

14. त्वरित पुनरावृत्ति / Quick Revision

  • बहुपद में चर की घात अशून्यात्मक पूर्णांक होती है।
  • चर की सबसे बड़ी घात बहुपद की घात कहलाती है।
  • p(a)=0 होने पर a, p(x) का शून्यक है।
  • x−a से भाग देने पर शेषफल p(a) होता है।
  • x−a गुणनखंड होगा, यदि और केवल यदि p(a)=0।
  • शून्य बहुपद की घात परिभाषित नहीं होती।
  • अशून्य अचर बहुपद का कोई शून्यक नहीं होता।

15. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQs

बहुपद की सबसे सरल पहचान क्या है?

चर की सभी घातें 0, 1, 2, 3, … में हों। ऋणात्मक या भिन्नात्मक घात होने पर व्यंजक बहुपद नहीं होगा।

क्या बहुपद का गुणांक अपरिमेय हो सकता है?

हाँ। उदाहरण के लिए 5x2−√2x+√3 भी वास्तविक गुणांकों वाला बहुपद है।

बहुपद की घात कैसे ज्ञात करते हैं?

समान पदों को सरल करने के बाद चर की सबसे बड़ी घात देखी जाती है।

शून्यक और गुणनखंड में क्या संबंध है?

यदि a किसी बहुपद का शून्यक है, तो x−a उस बहुपद का गुणनखंड होता है।