BSEB Class 9 Mathematics
निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) – Complete Notes in Hindi
कार्तीय तल, निर्देशांक अक्ष, मूल बिंदु, चतुर्थांश और बिंदुओं के आलेखन की सरल एवं संपूर्ण व्याख्या।
विषय-सूची / Table of Contents
1. परिचय / Introduction
2. कार्तीय तल / Cartesian Plane
3. प्रमुख परिभाषाएँ / Definitions
4. निर्देशांक / Coordinates
5. चतुर्थांश / Quadrants
6. चिह्नों की परंपरा / Signs
7. अक्षों पर स्थित बिंदु
8. बिंदु का आलेखन / Plotting
9. हल किए हुए उदाहरण
10. सामान्य गलतियाँ
11. अभ्यास प्रश्न
12. त्वरित पुनरावृत्ति
1. निर्देशांक ज्यामिति का परिचय / Introduction to Coordinate Geometry
समतल पर किसी बिंदु की निश्चित स्थिति बताने के लिए दो परस्पर लंबवत संख्या रेखाओं का प्रयोग किया जाता है।
ज्यामिति की वह शाखा जिसमें बिंदुओं की स्थिति संख्याओं की सहायता से व्यक्त की जाती है,
निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) कहलाती है।
सरल परिभाषा: किसी समतल पर स्थित बिंदु का ठीक स्थान बताने वाली गणितीय विधि को
निर्देशांक ज्यामिति कहते हैं।
फ्रांसीसी गणितज्ञ रेने देकार्त (René Descartes) ने निर्देशांक पद्धति को विकसित किया।
इसी कारण इसे कार्तीय निर्देशांक पद्धति (Cartesian Coordinate System) भी कहते हैं।
वास्तविक जीवन में उपयोग: मानचित्र, GPS, भवन-निर्माण, कंप्यूटर ग्राफिक्स,
खेल के मैदान और कक्षा में सीट की स्थिति बताने में निर्देशांकों का प्रयोग होता है।
2. कार्तीय तल / Cartesian Plane
दो परस्पर लंबवत संख्या रेखाएँ जब किसी बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं, तब बनने वाले समतल को
कार्तीय तल कहते हैं।
क्षैतिज रेखा:
X′OX को x-अक्ष (x-axis) कहते हैं।
ऊर्ध्वाधर रेखा:
Y′OY को y-अक्ष (y-axis) कहते हैं।
3. प्रमुख परिभाषाएँ / Important Definitions
मूल बिंदु / Origin:
x-अक्ष और y-अक्ष जिस बिंदु पर मिलते हैं, उसे मूल बिंदु कहते हैं।
इसे O(0,0) से दर्शाते हैं।
निर्देशांक अक्ष / Coordinate Axes:
कार्तीय तल की परस्पर लंबवत रेखाओं x-अक्ष और y-अक्ष को निर्देशांक अक्ष कहते हैं।
भुज / Abscissa:
किसी बिंदु की y-अक्ष से लंबवत दूरी को उसका x-निर्देशांक या भुज कहते हैं।
कोटि / Ordinate:
किसी बिंदु की x-अक्ष से लंबवत दूरी को उसका y-निर्देशांक या कोटि कहते हैं।
बिंदु P के निर्देशांक = P(x, y)
पहले x-निर्देशांक, उसके बाद y-निर्देशांक
ध्यान रखें: P(4,5) और P(5,4) अलग-अलग बिंदु हैं।
निर्देशांकों का क्रम नहीं बदला जा सकता।
4. किसी बिंदु के निर्देशांक / Coordinates of a Point
यदि किसी बिंदु P का x-निर्देशांक x और y-निर्देशांक y है,
तो उस बिंदु को P(x,y) लिखा जाता है।
उदाहरण: P(4,5) का अर्थ है कि मूल बिंदु से x-अक्ष की धनात्मक दिशा में
4 इकाई और फिर y-अक्ष के समानांतर ऊपर की ओर 5 इकाई जाना होगा।
| बिंदु | x-निर्देशांक / भुज | y-निर्देशांक / कोटि | स्थिति |
|---|---|---|---|
| A(5,4) | 5 | 4 | प्रथम चतुर्थांश |
| B(−3,5) | −3 | 5 | द्वितीय चतुर्थांश |
| C(−10,−7) | −10 | −7 | तृतीय चतुर्थांश |
| D(12,−4) | 12 | −4 | चतुर्थ चतुर्थांश |
5. पाद या चतुर्थांश / Quadrants
x-अक्ष और y-अक्ष कार्तीय तल को चार भागों में विभाजित करते हैं। प्रत्येक भाग को
पाद या चतुर्थांश (Quadrant) कहते हैं।
| चतुर्थांश | x का चिह्न | y का चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| प्रथम / I | धनात्मक (+) | धनात्मक (+) | (4,3) |
| द्वितीय / II | ऋणात्मक (−) | धनात्मक (+) | (−4,3) |
| तृतीय / III | ऋणात्मक (−) | ऋणात्मक (−) | (−4,−3) |
| चतुर्थ / IV | धनात्मक (+) | ऋणात्मक (−) | (4,−3) |
I : (+,+) | II : (−,+) |
III : (−,−) | IV : (+,−)
6. निर्देशांकों के चिह्नों की परंपरा / Convention of Signs
- मूल बिंदु से दाईं ओर x-निर्देशांक धनात्मक होता है।
- मूल बिंदु से बाईं ओर x-निर्देशांक ऋणात्मक होता है।
- मूल बिंदु से ऊपर की ओर y-निर्देशांक धनात्मक होता है।
- मूल बिंदु से नीचे की ओर y-निर्देशांक ऋणात्मक होता है।
याद रखने की आसान तरकीब: बिंदु को पढ़ते समय पहले दाएँ या बाएँ चलें,
फिर ऊपर या नीचे जाएँ—अर्थात पहले x और फिर y।
7. अक्षों पर स्थित बिंदु / Points on Coordinate Axes
| बिंदु की स्थिति | निर्देशांक का रूप | उदाहरण |
|---|---|---|
| x-अक्ष पर | (x,0) | (5,0), (−3,0) |
| y-अक्ष पर | (0,y) | (0,4), (0,−6) |
| मूल बिंदु पर | (0,0) | O(0,0) |
अक्षों पर स्थित बिंदु किसी भी चतुर्थांश में नहीं होते। मूल बिंदु भी किसी चतुर्थांश में नहीं होता।
8. बिंदु का आलेखन / Plotting of a Point
कार्तीय तल पर किसी दिए गए बिंदु की स्थिति अंकित करने की प्रक्रिया को
बिंदु का आलेखन कहते हैं।
आलेखन की विधि / Method of Plotting
- परस्पर लंबवत x-अक्ष और y-अक्ष खींचें।
- दोनों अक्षों पर समान और उचित पैमाना निर्धारित करें।
- दिए गए बिंदु का x-निर्देशांक देखें और x-अक्ष पर उतनी दूरी चलें।
- अब y-निर्देशांक के अनुसार ऊपर या नीचे चलें।
- जहाँ दोनों स्थितियाँ मिलें, वहाँ बिंदु अंकित करके उसका नाम लिखें।
A(5,4) का आलेखन:
मूल बिंदु से दाईं ओर 5 इकाई चलें। वहाँ से ऊपर की ओर 4 इकाई चलकर A बिंदु अंकित करें।
यह प्रथम चतुर्थांश में होगा।
B(−3,5) का आलेखन:
मूल बिंदु से बाईं ओर 3 इकाई चलें। फिर ऊपर की ओर 5 इकाई जाकर B बिंदु अंकित करें।
यह द्वितीय चतुर्थांश में होगा।
9. हल किए हुए उदाहरण / Solved Examples
उदाहरण 1: बिंदु P(−6,4) किस चतुर्थांश में स्थित है?
हल: x ऋणात्मक और y धनात्मक है। अतः P द्वितीय चतुर्थांश में है।
उदाहरण 2: बिंदु Q(3,−7) का भुज और कोटि लिखिए।
हल: भुज = 3 तथा कोटि = −7।
उदाहरण 3: यदि किसी बिंदु का y-निर्देशांक शून्य है, तो वह कहाँ स्थित होगा?
हल: वह बिंदु x-अक्ष पर स्थित होगा।
उदाहरण 4: y-अक्ष से 4 इकाई दाईं ओर और x-अक्ष से 6 इकाई नीचे स्थित बिंदु लिखिए।
हल: दाईं ओर x = 4 तथा नीचे y = −6। इसलिए बिंदु (4,−6) है।
उदाहरण 5: बिंदु A(−2,−5) को किस चतुर्थांश में अंकित किया जाएगा?
हल: दोनों निर्देशांक ऋणात्मक हैं, इसलिए यह तृतीय चतुर्थांश में होगा।
10. सामान्य गलतियाँ / Common Mistakes
- निर्देशांक लिखते समय x और y का क्रम बदल देना।
- ऋणात्मक चिह्न को भूल जाना।
- पहले y-अक्ष और बाद में x-अक्ष की दूरी लेना।
- x-अक्ष के बिंदु को (0,x) लिखना—सही रूप (x,0) है।
- अक्षों पर स्थित बिंदुओं को किसी चतुर्थांश का भाग मान लेना।
- दोनों अक्षों पर अलग-अलग या असमान पैमाना लेकर आलेखन करना।
11. अभ्यास प्रश्न / Practice Questions
- बिंदु A(7,3) किस चतुर्थांश में स्थित है?
- बिंदु B(−5,8) का भुज और कोटि लिखिए।
- बिंदु C(−4,−6) किस चतुर्थांश में स्थित है?
- बिंदु D(0,9) किस अक्ष पर स्थित है?
- बिंदु E(−7,0) किस अक्ष पर स्थित है?
- मूल बिंदु के निर्देशांक क्या होते हैं?
- चतुर्थ चतुर्थांश में निर्देशांकों के चिह्न क्या होते हैं?
- y-अक्ष से 3 इकाई बाईं ओर और x-अक्ष से 5 इकाई ऊपर स्थित बिंदु लिखिए।
- बिंदुओं P(2,4) और Q(4,2) में क्या अंतर है?
- A(3,5), B(−3,5), C(−3,−5) और D(3,−5) का आलेखन कीजिए।
उत्तर देखने के लिए क्लिक करें
1. प्रथम चतुर्थांश
2. भुज = −5, कोटि = 8
3. तृतीय चतुर्थांश
4. y-अक्ष
5. x-अक्ष
6. (0,0)
7. (+,−)
8. (−3,5)
9. दोनों अलग-अलग बिंदु हैं क्योंकि निर्देशांकों का क्रम अलग है।
10. चारों बिंदु क्रमशः I, II, III और IV चतुर्थांश में होंगे।
12. त्वरित पुनरावृत्ति / Quick Revision
मूल बिंदु: O(0,0)
x-अक्ष: क्षैतिज रेखा X′OX
y-अक्ष: ऊर्ध्वाधर रेखा Y′OY
निर्देशांक: हमेशा (x,y) के क्रम में
भुज: x-निर्देशांक
कोटि: y-निर्देशांक
x-अक्ष का बिंदु: (x,0)
y-अक्ष का बिंदु: (0,y)
दायाँ = +x, बायाँ = −x, ऊपर = +y, नीचे = −y
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQs
निर्देशांक ज्यामिति क्या है?
समतल पर किसी बिंदु की स्थिति संख्याओं द्वारा बताने वाली ज्यामिति की शाखा निर्देशांक ज्यामिति है।
मूल बिंदु के निर्देशांक क्या होते हैं?
मूल बिंदु के निर्देशांक हमेशा (0,0) होते हैं।
किस निर्देशांक को पहले लिखा जाता है?
पहले x-निर्देशांक अर्थात भुज और उसके बाद y-निर्देशांक अर्थात कोटि लिखी जाती है।
अक्षों पर स्थित बिंदु किस चतुर्थांश में होते हैं?
अक्षों पर स्थित बिंदु किसी भी चतुर्थांश में नहीं होते।
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