Class 10 Science Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Notes

Class 10 Science Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Notes
BIHAR BOARD • CLASS 10 SCIENCE

अध्याय 1 : रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Chemical Reactions and Equations

सम्पूर्ण नोट्स • हिंदी माध्यम • परीक्षा उपयोगी

Page 1

1. रासायनिक अभिक्रिया क्या है?

हमारे दैनिक जीवन में अनेक प्रकार के परिवर्तन होते रहते हैं। दूध से दही बनना, भोजन का पचना, लोहे पर जंग लगना, लकड़ी का जलना तथा मैग्नीशियम रिबन का जलना ऐसे ही कुछ उदाहरण हैं।

जब किसी परिवर्तन में एक या अधिक नए पदार्थ बनते हैं, तो सामान्यतः वह रासायनिक परिवर्तन कहलाता है।

रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction): वह प्रक्रिया जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप एक या एक से अधिक नए पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।

अभिकारक और उत्पाद

रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले प्रारंभिक पदार्थों को अभिकारक (Reactants) कहते हैं।

अभिक्रिया के फलस्वरूप बनने वाले नए पदार्थों को उत्पाद (Products) कहते हैं।

अभिकारक → उत्पाद

रासायनिक अभिक्रिया की पहचान

रासायनिक अभिक्रिया होने पर निम्न में से एक या अधिक परिवर्तन दिखाई दे सकते हैं:

  • अवस्था में परिवर्तन
  • रंग में परिवर्तन
  • गैस का निकलना
  • तापमान में परिवर्तन
  • अवक्षेप का बनना
महत्वपूर्ण: रासायनिक अभिक्रिया में पदार्थों के रासायनिक गुणों में परिवर्तन होता है और नए पदार्थ बन सकते हैं।
Page 2

2. मैग्नीशियम रिबन का जलना

मैग्नीशियम रिबन को वायु में जलाने पर यह अत्यंत चमकीली सफेद लौ के साथ जलता है। अभिक्रिया के बाद सफेद रंग का चूर्ण प्राप्त होता है।

यह सफेद पदार्थ मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) है।

2Mg + O2 → 2MgO
प्रेक्षण: मैग्नीशियम चमकीली सफेद लौ के साथ जलता है और सफेद रंग का मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है।

मैग्नीशियम रिबन को साफ क्यों किया जाता है?

मैग्नीशियम रिबन वायु के संपर्क में रहने पर उसकी सतह पर मैग्नीशियम ऑक्साइड की एक पतली परत बन जाती है। यह परत मैग्नीशियम को आसानी से जलने से रोकती है।

इसीलिए प्रयोग से पहले मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से साफ किया जाता है।

परीक्षा प्रश्न: मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले रेगमाल से क्यों साफ किया जाता है?

उत्तर: उसकी सतह पर उपस्थित मैग्नीशियम ऑक्साइड की परत को हटाने के लिए।
Page 3

3. रासायनिक समीकरण

रासायनिक अभिक्रियाओं को पूरा वाक्य लिखकर व्यक्त करना कठिन हो सकता है। इसलिए रासायनिक प्रतीकों और सूत्रों की सहायता से उन्हें संक्षिप्त रूप में लिखा जाता है।

रासायनिक समीकरण (Chemical Equation): किसी रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक प्रतीकों एवं सूत्रों द्वारा संक्षिप्त रूप में व्यक्त करना रासायनिक समीकरण कहलाता है।

शब्द समीकरण

मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड

तीर के बाईं ओर अभिकारक तथा दाईं ओर उत्पाद लिखे जाते हैं।

सूत्रों द्वारा समीकरण

Mg + O2 → MgO

ऊपर दिया गया समीकरण असंतुलित है क्योंकि अभिकारक और उत्पाद पक्ष में ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या समान नहीं है।

संतुलित रूप

2Mg + O2 → 2MgO
ध्यान दें: रासायनिक समीकरण में तीर (→) अभिक्रिया की दिशा को दर्शाता है।
Page 4

4. रासायनिक समीकरण को संतुलित करना

जिस रासायनिक समीकरण में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारक और उत्पाद दोनों पक्षों में समान होती है, उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।

समीकरण संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

रासायनिक समीकरण को संतुलित करना द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार आवश्यक है।

द्रव्यमान संरक्षण का नियम: किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।

उदाहरण

असंतुलित समीकरण:

Fe + H2O → Fe3O4 + H2

संतुलित समीकरण:

3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2

संतुलन करते समय मुख्य नियम

  • पहले दोनों पक्षों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या गिनें।
  • आवश्यकतानुसार रासायनिक सूत्रों के आगे गुणांक लगाएँ।
  • रासायनिक सूत्र के अंदर लिखे उपांक (subscript) को न बदलें।
  • अंत में सभी तत्वों के परमाणुओं की संख्या दोबारा जाँचें।
बहुत महत्वपूर्ण: समीकरण संतुलित करते समय किसी यौगिक का रासायनिक सूत्र नहीं बदला जाता। केवल उसके आगे गुणांक लगाया जाता है।
Page 5

5. रासायनिक समीकरण में भौतिक अवस्थाएँ

रासायनिक समीकरण को अधिक जानकारीपूर्ण बनाने के लिए अभिकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्थाएँ भी लिखी जाती हैं।

संकेत भौतिक अवस्था
(s) ठोस — Solid
(l) द्रव — Liquid
(g) गैस — Gas
(aq) जलीय विलयन — Aqueous Solution

उदाहरण

2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l)

यदि किसी अभिक्रिया के लिए ताप, दाब या उत्प्रेरक की आवश्यकता होती है, तो उसकी जानकारी सामान्यतः तीर के ऊपर या नीचे लिखी जाती है।

Page 6

6. रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख प्रकार

अभिकारकों और उत्पादों में होने वाले परिवर्तन के आधार पर रासायनिक अभिक्रियाओं को विभिन्न प्रकारों में बाँटा जाता है।

  1. संयोजन अभिक्रिया — Combination Reaction
  2. अपघटन अभिक्रिया — Decomposition Reaction
  3. विस्थापन अभिक्रिया — Displacement Reaction
  4. द्विविस्थापन अभिक्रिया — Double Displacement Reaction
  5. ऑक्सीकरण एवं अपचयन — Oxidation and Reduction
आसान पहचान:
जुड़ना = संयोजन
टूटना = अपघटन
एक तत्व का दूसरे को हटाना = विस्थापन
दो यौगिकों के आयनों का आदान-प्रदान = द्विविस्थापन
Page 7

7. संयोजन अभिक्रिया

जिस रासायनिक अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं, उसे संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction) कहते हैं।
A + B → AB

कैल्शियम ऑक्साइड और जल की अभिक्रिया

CaO + H2O → Ca(OH)2 + ऊष्मा

CaO को बिना बुझा चूना (Quick Lime) कहा जाता है।

Ca(OH)2 को बुझा हुआ चूना (Slaked Lime) कहा जाता है।

इस अभिक्रिया में काफी मात्रा में ऊष्मा निकलती है।

दीवारों की सफेदी

दीवारों पर लगाए गए कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड की वायु में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड से धीरे-धीरे अभिक्रिया होती है।

Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O

बना हुआ कैल्शियम कार्बोनेट दीवार को चमकदार रूप प्रदान करता है।

Page 8

8. ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया

जिस रासायनिक अभिक्रिया में उत्पादों के निर्माण के साथ ऊष्मा निकलती है, उसे ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction) कहते हैं।

मीथेन का दहन

CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O + ऊष्मा

श्वसन

हमारे शरीर में ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए श्वसन को भी ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया माना जाता है।

C6H12O6 + 6O2 → 6CO2 + 6H2O + ऊर्जा

ऊष्माशोषी अभिक्रिया

जिस अभिक्रिया में ऊर्जा अथवा ऊष्मा का अवशोषण होता है, उसे ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction) कहते हैं।
Page 9

9. अपघटन अभिक्रिया

जिस अभिक्रिया में एक अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक सरल उत्पाद बनाता है, उसे अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction) कहते हैं।
AB → A + B

कैल्शियम कार्बोनेट का अपघटन

CaCO3 → CaO + CO2

कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करने पर कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं।

फेरस सल्फेट का अपघटन

2FeSO4 → Fe2O3 + SO2 + SO3
हरे रंग के फेरस सल्फेट क्रिस्टल गर्म करने पर अंततः भूरे रंग का फेरिक ऑक्साइड बनाते हैं तथा सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड गैसें निकलती हैं।
Page 10

10. अपघटन अभिक्रिया के प्रकार

1. तापीय अपघटन

ऊष्मा देने के कारण होने वाले अपघटन को तापीय अपघटन कहते हैं।

2Pb(NO3)2 → 2PbO + 4NO2 + O2

2. विद्युत अपघटन

विद्युत ऊर्जा के कारण किसी यौगिक के अपघटन को विद्युत अपघटन कहते हैं।

2H2O → 2H2 + O2

3. प्रकाशीय अपघटन

प्रकाश की उपस्थिति में होने वाली अपघटन अभिक्रिया को प्रकाशीय अपघटन कहते हैं।

2AgCl → 2Ag + Cl2
2AgBr → 2Ag + Br2
सिल्वर क्लोराइड सफेद रंग का होता है। सूर्य के प्रकाश में रखने पर यह धूसर हो जाता है क्योंकि सिल्वर का निर्माण होता है।
सिल्वर क्लोराइड तथा सिल्वर ब्रोमाइड प्रकाश के प्रति संवेदनशील होते हैं। इन अभिक्रियाओं का उपयोग श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में किया गया है।
Page 11

11. विस्थापन अभिक्रिया

जिस अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक में उपस्थित कम क्रियाशील तत्व को विस्थापित कर देता है, उसे विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) कहते हैं।
A + BC → AC + B

लोहा और कॉपर सल्फेट

Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu

लोहा ताँबे से अधिक क्रियाशील होता है। इसलिए वह कॉपर सल्फेट के विलयन से ताँबे को विस्थापित कर देता है।

कॉपर सल्फेट के नीले विलयन का रंग धीरे-धीरे हल्का हरा हो जाता है तथा लोहे की कील पर भूरे रंग का ताँबा जमा होता है।

अन्य उदाहरण

Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu
Pb + CuCl2 → PbCl2 + Cu
Page 12

12. द्विविस्थापन अभिक्रिया

जिस रासायनिक अभिक्रिया में दो यौगिक अपने आयनों का परस्पर आदान-प्रदान करके दो नए यौगिक बनाते हैं, उसे द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction) कहते हैं।
AB + CD → AD + CB

उदाहरण

Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4↓ + 2NaCl

इस अभिक्रिया में सफेद रंग का अघुलनशील बेरियम सल्फेट (BaSO4) बनता है।

अवक्षेपण अभिक्रिया

जिस अभिक्रिया में एक अघुलनशील ठोस पदार्थ बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction) कहते हैं। बने हुए अघुलनशील ठोस पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं।
रासायनिक समीकरण में चिह्न का प्रयोग अवक्षेप को दर्शाने के लिए किया जाता है।
Page 13

13. ऑक्सीकरण एवं अपचयन

ऑक्सीकरण (Oxidation)

किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का जुड़ना अथवा उससे हाइड्रोजन का निकलना ऑक्सीकरण कहलाता है।

अपचयन (Reduction)

किसी पदार्थ से ऑक्सीजन का निकलना अथवा उसमें हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन कहलाता है।

उदाहरण

CuO + H2 → Cu + H2O

इस अभिक्रिया में CuO से ऑक्सीजन निकलती है। अतः CuO का अपचयन होता है।

हाइड्रोजन में ऑक्सीजन जुड़ती है और जल बनता है। अतः H2 का ऑक्सीकरण होता है।

रेडॉक्स अभिक्रिया

जिस रासायनिक अभिक्रिया में ऑक्सीकरण तथा अपचयन दोनों एक साथ होते हैं, उसे रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction) कहते हैं।
Page 14

14. संक्षारण (Corrosion)

ऑक्सीकरण का प्रभाव हमारे दैनिक जीवन में धातुओं पर भी दिखाई देता है।

जब कोई धातु अपने आसपास उपस्थित नमी, ऑक्सीजन, अम्ल आदि के प्रभाव से धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती है, तो इस प्रक्रिया को संक्षारण (Corrosion) कहते हैं।

लोहे पर जंग लगना

नमी और ऑक्सीजन की उपस्थिति में लोहे पर लाल-भूरे रंग की परत बनती है। इसे सामान्यतः जंग कहा जाता है।

संक्षारण के अन्य उदाहरण

  • चाँदी की वस्तुओं पर काली परत बनना।
  • ताँबे की वस्तुओं पर हरी परत बनना।
  • लोहे की वस्तुओं पर जंग लगना।

संक्षारण से बचाव

  • पेंट करके
  • तेल या ग्रीस लगाकर
  • जस्तीकरण (Galvanisation) द्वारा
  • मिश्रधातु बनाकर
  • धातु की सुरक्षात्मक परत चढ़ाकर
जस्तीकरण: लोहे या इस्पात पर जस्ता (Zinc) की पतली परत चढ़ाकर उसे जंग से बचाने की प्रक्रिया जस्तीकरण कहलाती है।
Page 15

15. विकृतगंधिता (Rancidity)

वसा और तेल युक्त खाद्य पदार्थों के ऑक्सीकरण के कारण उनके स्वाद और गंध में होने वाले अप्रिय परिवर्तन को विकृतगंधिता (Rancidity) कहते हैं।

यदि तेल या वसा वाला भोजन लंबे समय तक खुला रखा जाए तो उसमें खराब गंध और स्वाद आने लगता है।

विकृतगंधिता रोकने के उपाय

  • खाद्य पदार्थों को वायुरुद्ध डिब्बों में रखना।
  • खाद्य पदार्थों को कम तापमान पर रखना।
  • प्रतिऑक्सीकारक (Antioxidants) का उपयोग करना।
  • ऑक्सीजन से संपर्क कम करना।
  • कुछ खाद्य पैकेटों में नाइट्रोजन गैस भरना।
चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस क्यों भरी जाती है?

चिप्स में उपस्थित तेल और वसा का ऑक्सीकरण रोकने तथा उन्हें विकृतगंधिता से बचाने के लिए पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है।
Page 16

16. महत्वपूर्ण रासायनिक समीकरण

अभिक्रिया संतुलित समीकरण
मैग्नीशियम का दहन 2Mg + O2 → 2MgO
बिना बुझा चूना + जल CaO + H2O → Ca(OH)2
सफेदी की अभिक्रिया Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O
मीथेन का दहन CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O
कैल्शियम कार्बोनेट का अपघटन CaCO3 → CaO + CO2
फेरस सल्फेट का अपघटन 2FeSO4 → Fe2O3 + SO2 + SO3
सिल्वर क्लोराइड का अपघटन 2AgCl → 2Ag + Cl2
लोहा + कॉपर सल्फेट Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu
द्विविस्थापन Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4 + 2NaCl
रेडॉक्स अभिक्रिया CuO + H2 → Cu + H2O
Exam Tip: इन समीकरणों को केवल याद न करें। यह भी पहचानें कि कौन-सा समीकरण किस प्रकार की अभिक्रिया का उदाहरण है।
Page 17

17. अभिक्रियाओं की पहचान

अभिक्रिया पहचान
संयोजन दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं।
अपघटन एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है।
विस्थापन अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से हटाता है।
द्विविस्थापन दो यौगिकों के आयनों का परस्पर आदान-प्रदान होता है।
ऑक्सीकरण ऑक्सीजन का जुड़ना अथवा हाइड्रोजन का निकलना।
अपचयन ऑक्सीजन का निकलना अथवा हाइड्रोजन का जुड़ना।
रेडॉक्स ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों एक साथ होते हैं।
अवक्षेपण अघुलनशील ठोस पदार्थ का निर्माण होता है।
Page 18

18. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • रासायनिक अभिक्रिया में नए पदार्थ बनते हैं।
  • प्रारंभिक पदार्थों को अभिकारक कहते हैं।
  • अभिक्रिया से बनने वाले पदार्थों को उत्पाद कहते हैं।
  • संतुलित समीकरण में दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है।
  • समीकरण संतुलित करते समय रासायनिक सूत्र के उपांक नहीं बदलते।
  • संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक अभिकारकों से एक उत्पाद बनता है।
  • अपघटन अभिक्रिया में एक अभिकारक से दो या अधिक उत्पाद बनते हैं।
  • अपघटन ऊष्मा, प्रकाश अथवा विद्युत ऊर्जा द्वारा हो सकता है।
  • विस्थापन अभिक्रिया तत्वों की क्रियाशीलता पर निर्भर करती है।
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया में आयनों का आदान-प्रदान होता है।
  • अघुलनशील ठोस बनने वाली अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।
  • ऑक्सीकरण और अपचयन एक साथ होने वाली अभिक्रिया रेडॉक्स अभिक्रिया है।
  • लोहे पर जंग लगना संक्षारण का उदाहरण है।
  • तेल और वसा का ऑक्सीकरण विकृतगंधिता का कारण बनता है।
  • नाइट्रोजन गैस खाद्य पदार्थों के ऑक्सीकरण को कम करने में सहायता करती है।
Page 19

19. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं?

उत्तर: वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक पदार्थ रासायनिक परिवर्तन के फलस्वरूप नए पदार्थों में परिवर्तित होते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।

प्रश्न 2. संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है?

उत्तर: जिस रासायनिक समीकरण में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या अभिकारक और उत्पाद दोनों पक्षों में समान होती है, उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं।

प्रश्न 3. मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले साफ क्यों किया जाता है?

उत्तर: मैग्नीशियम रिबन की सतह पर बनी मैग्नीशियम ऑक्साइड की परत को हटाने के लिए उसे जलाने से पहले साफ किया जाता है।

प्रश्न 4. संयोजन अभिक्रिया क्या है?

उत्तर: जिस अभिक्रिया में दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं, उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।

प्रश्न 5. अपघटन अभिक्रिया क्या है?

उत्तर: जिस अभिक्रिया में एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक उत्पाद बनाता है, उसे अपघटन अभिक्रिया कहते हैं।

प्रश्न 6. विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रिया में अंतर बताइए।

उत्तर: विस्थापन अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक से कम क्रियाशील तत्व को विस्थापित करता है, जबकि द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिकों के आयनों का परस्पर आदान-प्रदान होता है।

प्रश्न 7. ऑक्सीकरण क्या है?

उत्तर: किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का जुड़ना अथवा उसमें से हाइड्रोजन का निकलना ऑक्सीकरण कहलाता है।

प्रश्न 8. अपचयन क्या है?

उत्तर: किसी पदार्थ से ऑक्सीजन का निकलना अथवा उसमें हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन कहलाता है।

प्रश्न 9. संक्षारण क्या है?

उत्तर: वातावरण के प्रभाव से किसी धातु का धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होना संक्षारण कहलाता है।

प्रश्न 10. विकृतगंधिता क्या है?

उत्तर: वसा और तेल युक्त खाद्य पदार्थों के ऑक्सीकरण के कारण उनके स्वाद और गंध में होने वाला अप्रिय परिवर्तन विकृतगंधिता कहलाता है।

प्रश्न 11. चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन क्यों भरी जाती है?

उत्तर: चिप्स में उपस्थित तेल और वसा के ऑक्सीकरण को रोकने तथा विकृतगंधिता से बचाने के लिए नाइट्रोजन गैस भरी जाती है।

Page 20

20. Chapter 1 — Quick Revision

रासायनिक अभिक्रिया:
अभिकारकों से नए उत्पादों का निर्माण।

संतुलित समीकरण:
अभिकारक और उत्पाद दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान।

संयोजन: A + B → AB

अपघटन: AB → A + B

विस्थापन: A + BC → AC + B

द्विविस्थापन: AB + CD → AD + CB

ऑक्सीकरण:
ऑक्सीजन का जुड़ना अथवा हाइड्रोजन का निकलना।

अपचयन:
ऑक्सीजन का निकलना अथवा हाइड्रोजन का जुड़ना।

रेडॉक्स:
ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों का एक साथ होना।

संक्षारण:
वातावरण के प्रभाव से धातु का धीरे-धीरे क्षय।

विकृतगंधिता:
वसा एवं तेल के ऑक्सीकरण से स्वाद और गंध का खराब होना।

Board Exam Tip: इस अध्याय में रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना, अभिक्रिया का प्रकार पहचानना, ऑक्सीकरण-अपचयन, संक्षारण तथा विकृतगंधिता विशेष रूप से तैयार करें।