Class 10 Sanskrit Sandhi Notes in Hindi | संधि के प्रकार, नियम और उदाहरण

Class 10 Sanskrit Sandhi Notes in Hindi | संधि के प्रकार, नियम और उदाहरण
BSEB EXAM GUIDE

Bihar Board Class 10 Sanskrit Grammar

संधि (Sandhi) – सम्पूर्ण संस्कृत व्याकरण

परिभाषा | भेद | नियम | उदाहरण | संधि-विच्छेद

स्वर संधि | व्यंजन संधि | विसर्ग संधि | 20 MCQ

विषय-सूची

1. संधि किसे कहते हैं?

परिभाषा: दो वर्णों के समीप आने पर उनके मेल से जो ध्वन्यात्मक परिवर्तन होता है, उसे संधि कहते हैं।

संस्कृत भाषा में संधि का विशेष महत्त्व है। शब्दों और पदों के मेल पर वर्णों के रूप में परिवर्तन हो सकता है।

उदाहरण:
विद्या + आलयः = विद्यालयः
देव + इन्द्रः = देवेन्द्रः
तत् + एव = तदेव
मनः + रथः = मनोरथः

संधि-विच्छेद किसे कहते हैं?

संधि से बने पद को उसके मूल पदों या वर्णों में अलग करने की प्रक्रिया को संधि-विच्छेद कहते हैं।

विद्यालयः = विद्या + आलयः
देवेन्द्रः = देव + इन्द्रः
महोत्सवः = महा + उत्सवः

संधि के तीन मुख्य भेद

क्रम संधि आधार
1 स्वर संधि स्वरों के मेल से परिवर्तन
2 व्यंजन संधि व्यंजनों के संपर्क से परिवर्तन
3 विसर्ग संधि विसर्ग के बाद वर्ण आने से परिवर्तन
ध्यान दें: संधि और समास अलग-अलग व्याकरणिक प्रक्रियाएँ हैं। हर संयुक्त शब्द में संधि होना आवश्यक नहीं है।

2. स्वर संधि (Swar Sandhi)

परिभाषा: जब दो स्वरों के मेल से स्वर में परिवर्तन होता है, उसे स्वर संधि कहते हैं।

स्वर संधि के पाँच प्रमुख भेद हैं:

1. दीर्घ संधि
2. गुण संधि
3. वृद्धि संधि
4. यण् संधि
5. अयादि संधि

(क) दीर्घ संधि

नियम: समान वर्ग के ह्रस्व या दीर्घ स्वरों के मिलने पर उनका दीर्घ स्वर बनता है।

स्वरों का मेलपरिणाम
अ + अआ
अ + आआ
आ + अआ
आ + आआ
इ + इ / ईई
ई + इ / ईई
उ + उ / ऊऊ
ऊ + उ / ऊऊ
उदाहरण:
विद्या + आलयः = विद्यालयः
गिरि + ईशः = गिरीशः
सु + उक्तिः = सूक्तिः

पहचान: जहाँ सवर्ण स्वरों के मेल से आ, ई या ऊ जैसा दीर्घ स्वर बने, वहाँ दीर्घ संधि हो सकती है।

(ख) गुण संधि

नियम: अ अथवा आ के बाद इ/ई, उ/ऊ या ऋ आने पर क्रमशः ए, ओ और अर् का आदेश होता है।

स्वरों का मेलपरिणाम
अ/आ + इ/ईए
अ/आ + उ/ऊओ
अ/आ + ऋअर्
उदाहरण:
देव + इन्द्रः = देवेन्द्रः
महा + उत्सवः = महोत्सवः
महा + ऋषिः = महर्षिः

(ग) वृद्धि संधि

नियम: अ या आ के बाद ए/ऐ आने पर ऐ तथा ओ/औ आने पर औ बनता है।

स्वरों का मेलपरिणाम
अ/आ + ए/ऐऐ
अ/आ + ओ/औऔ
उदाहरण:
सदा + एव = सदैव
महा + औषधम् = महौषधम्

(घ) यण् संधि

नियम: इ/ई, उ/ऊ तथा ऋ के बाद असवर्ण स्वर आने पर क्रमशः य्, व् तथा र् का आदेश होता है।

मूल स्वरपरिवर्तन
इ / ईय्
उ / ऊव्
ऋर्
उदाहरण:
इति + आदि = इत्यादि
सु + आगतम् = स्वागतम्
पितृ + आदेशः = पित्रादेशः

(ङ) अयादि संधि

नियम: ए, ऐ, ओ तथा औ के बाद स्वर आने पर क्रमशः अय्, आय्, अव् तथा आव् का आदेश होता है।

मूल स्वरपरिवर्तन
ए + स्वरअय् + स्वर
ऐ + स्वरआय् + स्वर
ओ + स्वरअव् + स्वर
औ + स्वरआव् + स्वर
महत्त्वपूर्ण: अयादि संधि का नियम वर्ण-स्तर पर समझें। किसी शब्द की वास्तविक धातु-व्युत्पत्ति और उसका संधि-विच्छेद एक ही बात नहीं हैं।

स्वर संधि की सारणी

संधि मुख्य नियम उदाहरण
दीर्घ सवर्ण स्वर → दीर्घ गिरि + ईशः = गिरीशः
गुण अ + इ = ए देव + इन्द्रः = देवेन्द्रः
वृद्धि आ + ए = ऐ सदा + एव = सदैव
यण् इ + अ → य इति + आदि = इत्यादि
अयादि ए → अय् आदि वर्ण-स्तर पर नियम देखें

3. व्यंजन संधि (Vyanjan Sandhi)

परिभाषा: व्यंजन के बाद स्वर या व्यंजन आने से व्यंजन में जो परिवर्तन होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं।

(क) जश्त्व संधि

कुछ परिस्थितियों में वर्ग के प्रथम वर्ण का उसके तृतीय वर्ण में परिवर्तन होता है।

मूल व्यंजनपरिवर्तित व्यंजन
क्ग्
च्ज्
ट्ड्
त्द्
प्ब्
उदाहरण:
वाक् + ईशः = वागीशः
तत् + एव = तदेव
सत् + गुणः = सद्गुणः

(ख) श्चुत्व संधि

तवर्ग के वर्णों का श् या चवर्ग के वर्णों से संपर्क होने पर नियमानुसार चवर्गीय परिवर्तन होता है।

सत् + चित् = सच्चित्
तत् + जनः = तज्जनः

(ग) ष्टुत्व संधि

तवर्ग के वर्णों का ष् या टवर्ग के वर्णों से संपर्क होने पर नियमानुसार टवर्गीय परिवर्तन होता है।

तत् + टीका = तट्टीका

(घ) अनुस्वार एवं परसवर्ण संबंधी परिवर्तन

म् के बाद व्यंजन आने पर नियमानुसार अनुस्वार या संबंधित वर्ग का पंचम वर्ण आ सकता है।

सम् + गमः = संगमः
सम् + कल्पः = संकल्पः

(ङ) तुगागम

कुछ निर्धारित स्थितियों में छ् से पहले त् का आगम होता है।

आ + छादनम् = आच्छादनम्
याद रखें: व्यंजन संधि में सभी व्यंजनों पर एक ही नियम लागू नहीं होता। पदांत, अगले वर्ण और विशिष्ट व्याकरणिक परिस्थिति के अनुसार नियम बदलते हैं।

4. विसर्ग संधि (Visarga Sandhi)

परिभाषा: विसर्ग (ः) के बाद स्वर या व्यंजन आने पर विसर्ग में जो परिवर्तन होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।

(क) विसर्ग का ओ में परिवर्तन

अकारांत पदों के कुछ प्रचलित संधि-रूपों में अः के बाद उपयुक्त घोष वर्ण आने पर ओ रूप मिलता है।

मनः + रथः = मनोरथः
यशः + दा = यशोदा

(ख) अः + अ

कुछ पदों में अः के बाद अ आने पर ओऽ रूप बनता है। अवग्रह चिह्न (ऽ) का प्रयोग होता है।

रामः + अस्ति = रामोऽस्ति
बालः + अस्ति = बालोऽस्ति

(ग) विसर्ग का र् में परिवर्तन

इः, उः आदि के बाद उपयुक्त स्वर या घोष वर्ण आने पर र् का आदेश होता है।

मुनिः + आगच्छति = मुनिरागच्छति
गुरुः + वदति = गुरुर्वदति

(घ) विसर्ग का श् या स् में परिवर्तन

कुछ परिस्थितियों में विसर्ग के बाद चवर्ग या तवर्ग का वर्ण आने पर विसर्ग का क्रमशः श् या स् में परिवर्तन होता है।

निः + चलः = निश्चलः
नमः + ते = नमस्ते

(ङ) विसर्ग का यथावत् रहना

कुछ प्रचलित शब्दों में क्, ख्, प् या फ् के पहले विसर्ग यथावत् रहता है।

दुः + खम् = दुःखम्
प्रातः + कालः = प्रातःकालः
परीक्षा टिप: विसर्ग संधि करते समय केवल अगला वर्ण न देखें। विसर्ग से पहले का स्वर और मूल पद भी पहचानें।

5. महत्वपूर्ण संधि-विच्छेद सारणी

संधियुक्त शब्द संधि-विच्छेद प्रकार
विद्यालयःविद्या + आलयःदीर्घ
गिरीशःगिरि + ईशःदीर्घ
सूक्तिःसु + उक्तिःदीर्घ
देवेन्द्रःदेव + इन्द्रःगुण
महोत्सवःमहा + उत्सवःगुण
महर्षिःमहा + ऋषिःगुण
सदैवसदा + एववृद्धि
महौषधम्महा + औषधम्वृद्धि
इत्यादिइति + आदियण्
स्वागतम्सु + आगतम्यण्
तदेवतत् + एवव्यंजन
सद्गुणःसत् + गुणःव्यंजन
वागीशःवाक् + ईशःव्यंजन
मनोरथःमनः + रथःविसर्ग
रामोऽस्तिरामः + अस्तिविसर्ग
निश्चलःनिः + चलःविसर्ग
नमस्तेनमः + तेविसर्ग

6. संधि अभ्यास प्रश्न एवं उत्तर

अभ्यास A – संधि कीजिए

1. देव + इन्द्रः
2. महा + उत्सवः
3. सदा + एव
4. इति + आदि
5. तत् + एव
6. मनः + रथः
7. रामः + अस्ति
8. सत् + गुणः
9. विद्या + आलयः
10. निः + चलः

View Answer – अभ्यास A

1. देवेन्द्रः
2. महोत्सवः
3. सदैव
4. इत्यादि
5. तदेव
6. मनोरथः
7. रामोऽस्ति
8. सद्गुणः
9. विद्यालयः
10. निश्चलः

अभ्यास B – संधि-विच्छेद कीजिए

1. गिरीशः
2. महर्षिः
3. स्वागतम्
4. वागीशः
5. मनोरथः
6. सदैव
7. रामोऽस्ति
8. देवेन्द्रः

View Answer – अभ्यास B

1. गिरि + ईशः
2. महा + ऋषिः
3. सु + आगतम्
4. वाक् + ईशः
5. मनः + रथः
6. सदा + एव
7. रामः + अस्ति
8. देव + इन्द्रः

7. महत्वपूर्ण 20 Objective Questions

प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्प हैं। सही उत्तर देखने के लिए View Answer पर क्लिक करें।

1. संधि के मुख्य भेद कितने हैं?
A. दो
B. तीन
C. चार
D. पाँच
View Answer

B. तीन

2. देव + इन्द्रः का सही रूप क्या है?
A. देविन्द्रः
B. देवेन्द्रः
C. देवैन्द्रः
D. देवोन्द्रः
View Answer

B. देवेन्द्रः

3. देवेन्द्रः में कौन-सी संधि है?
A. दीर्घ
B. गुण
C. वृद्धि
D. विसर्ग
View Answer

B. गुण

4. सदा + एव का सही रूप क्या है?
A. सदेव
B. सदाव
C. सदैव
D. सदिव
View Answer

C. सदैव

5. सदैव में कौन-सी संधि है?
A. गुण
B. वृद्धि
C. यण्
D. दीर्घ
View Answer

B. वृद्धि

6. गिरि + ईशः से क्या बनेगा?
A. गिरीशः
B. गिरेशः
C. गिर्यीशः
D. गिरिशः
View Answer

A. गिरीशः

7. गिरीशः किस संधि का उदाहरण है?
A. वृद्धि
B. विसर्ग
C. दीर्घ
D. व्यंजन
View Answer

C. दीर्घ

8. महा + उत्सवः से क्या बनेगा?
A. महात्सवः
B. महोत्सवः
C. महौत्सवः
D. महेत्सवः
View Answer

B. महोत्सवः

9. इति + आदि का सही रूप क्या है?
A. इत्यादि
B. इतादि
C. इतेदि
D. इत्येदि
View Answer

A. इत्यादि

10. इत्यादि में कौन-सी संधि है?
A. दीर्घ
B. यण्
C. वृद्धि
D. विसर्ग
View Answer

B. यण्

11. सु + आगतम् का सही रूप क्या है?
A. सुआगतम्
B. सोगतम्
C. स्वागतम्
D. सागतम्
View Answer

C. स्वागतम्

12. तत् + एव का रूप क्या है?
A. तत्तेव
B. तदेव
C. तथेव
D. ततेव
View Answer

B. तदेव

13. तदेव में कौन-सी संधि है?
A. विसर्ग
B. वृद्धि
C. व्यंजन
D. दीर्घ
View Answer

C. व्यंजन

14. सत् + गुणः का सही रूप क्या है?
A. सत्गुणः
B. सद्गुणः
C. सगुणः
D. सत्गुनः
View Answer

B. सद्गुणः

15. मनः + रथः से क्या बनेगा?
A. मनरथः
B. मनोरथः
C. मनःरथः
D. मनरथम्
View Answer

B. मनोरथः

16. मनोरथः में कौन-सी संधि है?
A. विसर्ग
B. दीर्घ
C. वृद्धि
D. यण्
View Answer

A. विसर्ग

17. रामः + अस्ति का सही रूप क्या है?
A. रामस्ति
B. रामोस्ति
C. रामोऽस्ति
D. रामास्ति
View Answer

C. रामोऽस्ति

18. निः + चलः से क्या बनेगा?
A. निश्चलः
B. निचलः
C. निरचलः
D. निःचलः
View Answer

A. निश्चलः

19. महा + ऋषिः से क्या बनेगा?
A. महाऋषिः
B. महर्षिः
C. महेर्षिः
D. महार्षिः
View Answer

B. महर्षिः

20. विद्यालयः का सही संधि-विच्छेद क्या है?
A. विद्य + आलयः
B. विद्या + लयः
C. विद्या + आलयः
D. विद्य + अलयः
View Answer

C. विद्या + आलयः

8. Quick Revision – परीक्षा से पहले

संधियाद रखने का नियम
दीर्घअ + अ = आ, इ + ई = ई
गुणअ + इ = ए, अ + उ = ओ
वृद्धिआ + ए = ऐ, आ + औ = औ
यण्इ → य्, उ → व्, ऋ → र्
अयादिए → अय्, ऐ → आय्, ओ → अव्, औ → आव्
व्यंजनतत् + एव = तदेव
विसर्गरामः + अस्ति = रामोऽस्ति
परीक्षा की तैयारी: संधि के प्रश्न में पहले मूल पद पहचानें, फिर परिवर्तन वाला वर्ण देखें, संधि का प्रकार लिखें और नियम के अनुसार उत्तर की जाँच करें।

9. Frequently Asked Questions

संधि किसे कहते हैं?

दो वर्णों के समीप आने पर उनके मेल से होने वाले ध्वन्यात्मक परिवर्तन को संधि कहते हैं।

संधि के मुख्य भेद कितने हैं?

तीन – स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।

स्वर संधि के पाँच भेद कौन-कौन से हैं?

दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण् और अयादि संधि।

देवेन्द्रः में कौन-सी संधि है?

गुण संधि। देव + इन्द्रः = देवेन्द्रः।

सदैव में कौन-सी संधि है?

वृद्धि संधि। सदा + एव = सदैव।

इत्यादि में कौन-सी संधि है?

यण् संधि। इति + आदि = इत्यादि।

रामोऽस्ति में कौन-सी संधि है?

विसर्ग संधि। रामः + अस्ति = रामोऽस्ति।

संधि और समास में क्या अंतर है?

संधि वर्णों के मेल से होने वाला ध्वन्यात्मक परिवर्तन है, जबकि समास में दो या अधिक पद मिलकर संक्षिप्त समस्त पद बनाते हैं।

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Class 10 Sanskrit Grammar – Sandhi

परिभाषा | नियम | उदाहरण | अभ्यास | 20 MCQ

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