संस्कृत व्याकरण – कारक एवं विभक्ति
Chapter 6 | Sanskrit Karak Vibhakti Notes in Hindi
परिभाषा • भेद • नियम • उदाहरण • शब्द रूप • अभ्यास • MCQs
विषय-सूची
1. कारक किसे कहते हैं?
वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ जो संबंध होता है, उसे कारक कहते हैं।
रामः लेखन्या पत्रं लिखति।
अर्थ: राम कलम से पत्र लिखता है।
इस वाक्य में:
- रामः – लिखने वाला, अर्थात् कर्ता।
- पत्रम् – लिखने की क्रिया का कर्म।
- लेखन्या – लिखने का साधन, अर्थात् करण।
इस प्रकार कारक से यह पता चलता है कि किसी क्रिया में कौन कार्य कर रहा है, किस पर कार्य हो रहा है, किस साधन से कार्य हो रहा है आदि।
2. संस्कृत में कारक के छह भेद
संस्कृत व्याकरण में छह प्रमुख कारक माने जाते हैं।
| क्रम | कारक | अर्थ | सामान्य विभक्ति |
|---|---|---|---|
| 1 | कर्ता | कार्य करने वाला | प्रथमा |
| 2 | कर्म | जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े | द्वितीया |
| 3 | करण | क्रिया का प्रमुख साधन | तृतीया |
| 4 | सम्प्रदान | जिसके लिए कुछ दिया जाए | चतुर्थी |
| 5 | अपादान | जिससे अलगाव हो | पञ्चमी |
| 6 | अधिकरण | क्रिया का आधार या स्थान | सप्तमी |
1. कर्ता कारक
जो क्रिया करता है, उसे कर्ता कहते हैं। सामान्य कर्तरि प्रयोग में कर्ता प्रथमा विभक्ति में आता है।
यहाँ ‘रामः’ कर्ता है।
2. कर्म कारक
क्रिया से जिस वस्तु या व्यक्ति का संबंध कर्म के रूप में हो, उसे कर्म कारक कहते हैं। सामान्यतः द्वितीया विभक्ति होती है।
यहाँ ‘पुस्तकम्’ कर्म है।
3. करण कारक
जिस साधन की सहायता से क्रिया संपन्न होती है, उसे करण कारक कहते हैं।
यहाँ ‘लेखन्या’ करण है।
4. सम्प्रदान कारक
जिस व्यक्ति के लिए कोई वस्तु दी जाती है या जिसे कुछ प्रदान किया जाता है, वह सम्प्रदान कारक होता है।
यहाँ ‘बालकाय’ सम्प्रदान है।
5. अपादान कारक
जिससे अलग होने, दूर जाने या निकलने का भाव प्रकट हो, उसे अपादान कारक कहते हैं।
यहाँ ‘वृक्षात्’ अपादान है।
6. अधिकरण कारक
जिस स्थान या आधार पर कोई क्रिया होती है, उसे अधिकरण कारक कहते हैं।
यहाँ ‘विद्यालये’ अधिकरण है।
3. विभक्ति किसे कहते हैं?
संज्ञा और सर्वनाम शब्दों के अंत में लगने वाले वे रूपात्मक प्रत्यय, जिनसे वाक्य में उनके संबंध या प्रयोग का पता चलता है, विभक्ति कहलाते हैं।
रामः – राम
रामम् – राम को
रामेण – राम के द्वारा
रामाय – राम के लिए
रामात् – राम से
रामस्य – राम का
रामे – राम में
यहाँ मूल शब्द ‘राम’ है, लेकिन विभक्ति और वचन बदलने से उसका रूप भी बदलता है।
4. संस्कृत की आठ विभक्तियाँ
विद्यालयी व्याकरण में सात विभक्तियों के साथ सम्बोधन को जोड़कर आठ रूप-श्रेणियाँ पढ़ाई जाती हैं।
| विभक्ति | सामान्य प्रयोग | राम शब्द का एकवचन |
|---|---|---|
| प्रथमा | कर्ता | रामः |
| द्वितीया | कर्म | रामम् |
| तृतीया | करण | रामेण |
| चतुर्थी | सम्प्रदान | रामाय |
| पञ्चमी | अपादान | रामात् |
| षष्ठी | सम्बन्ध | रामस्य |
| सप्तमी | अधिकरण | रामे |
| सम्बोधन | पुकारना | हे राम! |
सभी विभक्तियों के उदाहरण
- प्रथमा: रामः गच्छति। – राम जाता है।
- द्वितीया: अहं रामं पश्यामि। – मैं राम को देखता हूँ।
- तृतीया: रामेण कार्यं क्रियते। – राम द्वारा कार्य किया जाता है।
- चतुर्थी: रामाय पुस्तकं ददामि। – मैं राम को पुस्तक देता हूँ।
- पञ्चमी: रामात् धनं गृह्णामि। – मैं राम से धन लेता हूँ।
- षष्ठी: रामस्य पुस्तकम् अस्ति। – राम की पुस्तक है।
- सप्तमी: रामे विश्वासः अस्ति। – राम में विश्वास है।
- सम्बोधन: हे राम! अत्र आगच्छ। – हे राम! यहाँ आओ।
5. कारक और विभक्ति में अंतर
| कारक | विभक्ति |
|---|---|
| क्रिया के साथ अर्थ-संबंध बताता है। | शब्द का व्याकरणिक रूप बताती है। |
| छह प्रमुख कारक हैं। | सात विभक्तियाँ तथा सम्बोधन रूप पढ़ाए जाते हैं। |
| कर्ता, कर्म, करण आदि कारक हैं। | प्रथमा, द्वितीया, तृतीया आदि विभक्तियाँ हैं। |
| कारक का संबंध अर्थ से है। | विभक्ति का संबंध शब्द के रूप से है। |
6. विभक्ति प्रयोग के महत्वपूर्ण नियम
नियम 1 – सामान्य कर्ता में प्रथमा
बालिका नृत्यति। = लड़की नृत्य करती है।
नियम 2 – सामान्य कर्म में द्वितीया
छात्रः पाठं पठति। = छात्र पाठ पढ़ता है।
नियम 3 – साधन में तृतीया
बालकः हस्तेन लिखति। = बालक हाथ से लिखता है।
नियम 4 – देने के पात्र में चतुर्थी
माता पुत्राय फलम् ददाति। = माता पुत्र को फल देती है।
नियम 5 – अलगाव में पञ्चमी
वृक्षात् फलम् पतति। = पेड़ से फल गिरता है।
नियम 6 – सम्बन्ध में षष्ठी
रामस्य गृहम् अस्ति। = राम का घर है।
नियम 7 – स्थान या आधार में सप्तमी
कक्षायां छात्राः सन्ति। = कक्षा में छात्र हैं।
नियम 8 – पुकारने में सम्बोधन
हे बालक! पठ। = हे बालक! पढ़ो।
कर्ता – प्रथमा
कर्म – द्वितीया
करण – तृतीया
सम्प्रदान – चतुर्थी
अपादान – पञ्चमी
सम्बन्ध – षष्ठी
अधिकरण – सप्तमी
पुकारना – सम्बोधन
7. राम शब्द रूप – तीनों वचन
राम एक अकारान्त पुल्लिंग शब्द है। इसकी विभक्ति तालिका परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | रामः | रामौ | रामाः |
| द्वितीया | रामम् | रामौ | रामान् |
| तृतीया | रामेण | रामाभ्याम् | रामैः |
| चतुर्थी | रामाय | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| पञ्चमी | रामात् | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| षष्ठी | रामस्य | रामयोः | रामाणाम् |
| सप्तमी | रामे | रामयोः | रामेषु |
| सम्बोधन | हे राम! | हे रामौ! | हे रामाः! |
8. वाक्यों में कारक एवं विभक्ति का प्रयोग
| संस्कृत वाक्य | हिंदी अर्थ | मुख्य विभक्ति |
|---|---|---|
| रामः पठति। | राम पढ़ता है। | प्रथमा |
| सीता पुस्तकं पठति। | सीता पुस्तक पढ़ती है। | द्वितीया |
| सः लेखन्या लिखति। | वह कलम से लिखता है। | तृतीया |
| गुरुः शिष्याय ज्ञानं ददाति। | गुरु शिष्य को ज्ञान देते हैं। | चतुर्थी |
| पर्वतात् नदी प्रवहति। | पहाड़ से नदी बहती है। | पञ्चमी |
| बालकस्य नाम मोहनः अस्ति। | बालक का नाम मोहन है। | षष्ठी |
| उद्याने पुष्पाणि सन्ति। | बगीचे में फूल हैं। | सप्तमी |
| हे मित्र! आगच्छ। | हे मित्र! आओ। | सम्बोधन |
9. कुछ विशेष विभक्ति प्रयोग
नमः के साथ चतुर्थी
गुरवे नमः। = गुरु को नमस्कार।
शिवाय नमः। = शिव को नमस्कार।
सह के साथ तृतीया
रामः मित्रेण सह गच्छति। = राम मित्र के साथ जाता है।
प्रति के साथ द्वितीया
सः ग्रामं प्रति गच्छति। = वह गाँव की ओर जाता है।
बिना / विना के प्रयोग
रामेण विना कार्यं न भवति। = राम के बिना काम नहीं होता।
विना के साथ अन्य विभक्ति-प्रयोग भी मिलते हैं; इसलिए इसे केवल एक विभक्ति तक सीमित न समझें।
10. अभ्यास प्रश्न – उत्तर सहित
A. रिक्त स्थान भरें
- संस्कृत में ______ प्रमुख कारक हैं।
- कर्ता कारक में सामान्यतः ______ विभक्ति होती है।
- कर्म कारक में सामान्यतः ______ विभक्ति होती है।
- करण कारक में ______ विभक्ति होती है।
- सम्प्रदान कारक में ______ विभक्ति होती है।
- अपादान कारक में ______ विभक्ति होती है।
- सम्बन्ध के लिए ______ विभक्ति का प्रयोग होता है।
- अधिकरण कारक में ______ विभक्ति होती है।
उत्तर देखें
1. छह
2. प्रथमा
3. द्वितीया
4. तृतीया
5. चतुर्थी
6. पञ्चमी
7. षष्ठी
8. सप्तमी
B. विभक्ति पहचानिए
- रामेण
- रामाय
- रामस्य
- रामात्
- रामेषु
- रामान्
उत्तर देखें
1. तृतीया एकवचन
2. चतुर्थी एकवचन
3. षष्ठी एकवचन
4. पञ्चमी एकवचन
5. सप्तमी बहुवचन
6. द्वितीया बहुवचन
C. लघु उत्तरीय प्रश्न
1. कारक की परिभाषा लिखिए।
उत्तर देखें
संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध कारक कहलाता है।
2. कारक के छह भेद लिखिए।
उत्तर देखें
कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान और अधिकरण।
3. कारक और विभक्ति में अंतर लिखिए।
उत्तर देखें
कारक क्रिया से अर्थ-संबंध बताता है, जबकि विभक्ति शब्द का व्याकरणिक रूप व्यक्त करती है।
11. कारक एवं विभक्ति – 20 महत्वपूर्ण MCQs
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देखने के लिए View Answer पर क्लिक करें।
B. पाँच
C. छह
D. आठ
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C. छहB. द्वितीया
C. तृतीया
D. चतुर्थी
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A. प्रथमाB. द्वितीया
C. पञ्चमी
D. षष्ठी
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B. द्वितीयाB. चतुर्थी
C. तृतीया
D. सप्तमी
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C. तृतीयाB. चतुर्थी
C. षष्ठी
D. प्रथमा
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B. चतुर्थीB. प्रथमा
C. तृतीया
D. सप्तमी
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A. पञ्चमीB. सप्तमी
C. द्वितीया
D. चतुर्थी
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B. सप्तमीB. प्रथमा
C. तृतीया
D. पञ्चमी
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A. षष्ठीB. तृतीया एकवचन
C. सप्तमी एकवचन
D. प्रथमा एकवचन
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B. तृतीया एकवचनB. षष्ठी एकवचन
C. द्वितीया एकवचन
D. सप्तमी एकवचन
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A. चतुर्थी एकवचनB. पञ्चमी
C. षष्ठी
D. सप्तमी
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B. पञ्चमीB. द्वितीया
C. षष्ठी
D. चतुर्थी
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C. षष्ठीB. चतुर्थी
C. प्रथमा
D. पञ्चमी
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A. सप्तमीB. द्वितीया बहुवचन
C. तृतीया बहुवचन
D. सप्तमी बहुवचन
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B. द्वितीया बहुवचनB. षष्ठी-सप्तमी
C. तृतीया-चतुर्थी-पञ्चमी
D. केवल चतुर्थी
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C. तृतीया-चतुर्थी-पञ्चमीB. तृतीया-चतुर्थी
C. प्रथमा-द्वितीया
D. पञ्चमी-षष्ठी
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A. षष्ठी-सप्तमीB. तृतीया
C. सप्तमी
D. षष्ठी
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C. सप्तमीB. अपादान
C. सम्प्रदान
D. अधिकरण
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B. अपादानB. द्वितीया
C. चतुर्थी
D. सप्तमी
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A. तृतीयाB. अपादान
C. सम्बोधन
D. अधिकरण
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C. सम्बोधन12. Quick Revision – परीक्षा के लिए
| कारक/प्रयोग | विभक्ति | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्ता | प्रथमा | रामः |
| कर्म | द्वितीया | रामम् |
| करण | तृतीया | रामेण |
| सम्प्रदान | चतुर्थी | रामाय |
| अपादान | पञ्चमी | रामात् |
| सम्बन्ध | षष्ठी | रामस्य |
| अधिकरण | सप्तमी | रामे |
| सम्बोधन | सम्बोधन | हे राम! |
- कारक क्रिया से संबंध बताता है, विभक्ति शब्द का रूप।
- संस्कृत में छह प्रमुख कारक होते हैं।
- सात विभक्तियों के अतिरिक्त सम्बोधन रूप भी पढ़ा जाता है।
13. Frequently Asked Questions
कारक किसे कहते हैं?
वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध कारक कहलाता है।
संस्कृत में कितने कारक हैं?
छह प्रमुख कारक हैं – कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान और अधिकरण।
संस्कृत में कितनी विभक्तियाँ हैं?
सात विभक्तियाँ हैं। विद्यालयी शब्दरूप तालिकाओं में सम्बोधन को जोड़कर आठ पंक्तियाँ पढ़ाई जाती हैं।
कारक और विभक्ति में क्या अंतर है?
कारक क्रिया से अर्थ-संबंध बताता है, जबकि विभक्ति शब्द के व्याकरणिक रूप को व्यक्त करती है।
षष्ठी विभक्ति का प्रयोग कब होता है?
सामान्यतः सम्बन्ध व्यक्त करने के लिए। उदाहरण – रामस्य पुस्तकम्।
सम्बोधन क्या है?
किसी को पुकारने या संबोधित करने का प्रयोग सम्बोधन कहलाता है। उदाहरण – हे राम!

