Class 10 Sanskrit Chapter 11 व्याघ्रपथिककथा Notes in Hindi | कहानी, प्रश्न उत्तर, शब्दार्थ और MCQ

Class 10 Sanskrit Chapter 11 व्याघ्रपथिककथा Notes in Hindi | कहानी, प्रश्न उत्तर, शब्दार्थ और MCQ
BSEB EXAM GUIDE

Bihar Board Class 10 Sanskrit | पीयूषम्

पाठ 11 – व्याघ्रपथिककथा

बूढ़ा बाघ और पथिक की शिक्षाप्रद कहानी

Hindi Translation | Grammar | Question Answer | MCQ

विषय-सूची

1. पाठ परिचय 2. हिंदी सारांश 3. कहानी की हिंदी व्याख्या 4. महत्वपूर्ण शब्दार्थ 5. संधि-विच्छेद 6. प्रकृति-प्रत्यय 7. समास 8. मौखिक अभ्यास 9. लिखित अभ्यास 10. अतिरिक्त प्रश्नोत्तर 11. महत्वपूर्ण MCQ 12. Quick Revision 13. FAQs

1. व्याघ्रपथिककथा – पाठ परिचय

व्याघ्रपथिककथा बिहार बोर्ड कक्षा 10 की संस्कृत पाठ्यपुस्तक पीयूषम् का ग्यारहवाँ पाठ है।

यह कहानी नारायण पण्डित द्वारा रचित हितोपदेश के मित्रलाभ नामक खंड से संकलित है।

इस कहानी में एक बूढ़ा बाघ सोने का कंगन देने का लालच दिखाकर एक पथिक को अपने जाल में फँसा लेता है।

यह पाठ हमें सिखाता है कि लोभ के कारण मनुष्य अपनी बुद्धि और विवेक खो देता है।

महत्वपूर्ण तथ्य
पाठ – व्याघ्रपथिककथा
कक्षा – 10
पुस्तक – पीयूषम्
मूल ग्रंथ – हितोपदेश
खंड – मित्रलाभ
रचयिता – नारायण पण्डित
मुख्य पात्र – बूढ़ा बाघ और पथिक
मुख्य शिक्षा – लोभ का परिणाम विनाशकारी होता है।

2. व्याघ्रपथिककथा का हिंदी सारांश

एक समय की बात है। एक बूढ़ा बाघ तालाब के किनारे बैठा हुआ था। उसके हाथ में सोने का एक कंगन था।

वह आने-जाने वाले लोगों को आवाज देकर कहता था कि वह सोने का कंगन दान करना चाहता है।

एक पथिक ने बाघ की आवाज सुनी। सोने का कंगन पाने की इच्छा से वह बाघ के पास जाना चाहता था।

पहले उसे बाघ से डर लगा, क्योंकि बाघ हिंसक पशु होता है।

बाघ ने उसे विश्वास दिलाने के लिए कहा कि अब वह बूढ़ा हो चुका है। उसके दाँत और नाखून कमजोर हो गए हैं।

बाघ ने यह भी कहा कि पहले वह हिंसा करता था, लेकिन अब उसने धर्म और दान का मार्ग अपना लिया है।

बाघ की मीठी बातों और सोने के कंगन के लालच में पथिक उसकी बातों पर विश्वास कर बैठा।

बाघ ने उसे पहले तालाब में स्नान करने को कहा। पथिक स्नान करने के लिए पानी में उतरा और कीचड़ में फँस गया।

जब वह कीचड़ से निकल नहीं सका, तब बाघ उसकी सहायता करने के बहाने उसके पास आया और उसे मार डाला।

कहानी की शिक्षा: हमें लोभ नहीं करना चाहिए। किसी की मीठी बातों पर बिना विचार किए विश्वास करना खतरनाक हो सकता है।

3. कहानी के प्रमुख संस्कृत अंश और हिंदी अर्थ

प्रसंग 1 – बूढ़ा बाघ

कश्चित् वृद्धव्याघ्रः स्नातः कुशहस्तः सरस्तीरे ब्रूते।
हिंदी अर्थ: एक बूढ़ा बाघ स्नान करके हाथ में कुश लिए तालाब के किनारे बोल रहा था।

प्रसंग 2 – सोने के कंगन का लालच

भो भोः पान्थाः! इदं सुवर्णकङ्कणं गृह्यताम्।
हिंदी अर्थ: हे यात्रियो! यह सोने का कंगन ले लो।

प्रसंग 3 – पथिक का विचार

एक पथिक सोने का कंगन प्राप्त करना चाहता था। लेकिन उसे यह भय भी था कि बाघ उसे मार सकता है।

भावार्थ: लोभ और भय के बीच पथिक का मन डगमगा रहा था।

प्रसंग 4 – बाघ का छल

बाघ ने कहा कि वह अब बूढ़ा है और पहले की तरह हिंसा नहीं करता। उसने धर्म और दान की बातें करके पथिक का विश्वास जीतने का प्रयास किया।

भावार्थ: दुष्ट व्यक्ति भी अपने स्वार्थ के लिए सज्जनता का दिखावा कर सकता है।

प्रसंग 5 – पथिक का कीचड़ में फँसना

बाघ के कहने पर पथिक स्नान करने तालाब में गया। वहाँ वह कीचड़ में फँस गया।

भावार्थ: लालच में आकर पथिक ने अपनी सुरक्षा की उपेक्षा कर दी।

प्रसंग 6 – दुखद अंत

बाघ ने पथिक को कीचड़ से निकालने के बहाने उसके पास जाकर मार डाला।

भावार्थ: लोभ के कारण पथिक अपने प्राणों से हाथ धो बैठा।

मुख्य नीति-वचन

अनिर्णीतबलोऽपि न गतिं जानीयात्।

किसी काम को करने से पहले उसके परिणाम और जोखिम पर विचार करना चाहिए।

पाठ का मूल संस्कृत गद्य अपनी पुस्तक के पृष्ठ 84–85 से भी पढ़ें। परीक्षा में पुस्तक की सटीक पंक्तियों को प्राथमिकता दें।

4. महत्वपूर्ण शब्दार्थ

संस्कृत शब्दहिंदी अर्थ
स्नातःनहाया हुआ
सरःतालाब
तीरम्तट
पान्थाःपथिक
सुवर्णकङ्कणम्सोने का कंगन
लोभाकृष्टेनलालच से आकर्षित होकर
आलोचितम्विचार किया
प्रवृत्तिःकार्य
विपयेकरना चाहिए
निष्कम्पामिनिश्चय करता हूँ
प्रसार्यफैलाकर
मारात्मकःहिंसक
उवाचकहा
दुर्गन्धःबुरी गंध वाला
दाराःपत्नी
ईश्वरेधनी में
नीकस्यनिर्धन का
अनुपकारिणेउपकार न करने वाले के लिए
स्नात्वानहाकर
पलायितुम्भागने के लिए
अभ्यःअवसर
उक्त्वाकहकर
उपायम्निकट जाकर

5. संधि-विच्छेद

संधियुक्त पदसंधि-विच्छेद
कश्चित्कः + चित्
सरस्तीरेसरः + तीरे
पान्थेनालोचितम्पान्थेन + आलोचितम्
भाग्येनैतत्संभवतिभाग्येन + एतत् + संभवति
किंत्वस्मिन्नासन्देहेकिम् + तु + अस्मिन् + आसन्देहे
प्रवृत्तिंप्रवृत्तिः + म्
अनिर्णीतबलोऽपिअनिर्णीत + बलः + अपि
गतिंजानीयात्गतिः + जानीयात्
विषसंसर्गोऽमृतम्विषसंसर्गः + अमृतम्
तदपितत् + अपि
सर्वत्रार्थेऽर्जनेसर्वत्र + अर्थे + अर्जने
पान्थोऽवदत्पान्थः + अवदत्
प्रागेवप्राक् + एव
वयमेववयम् + एव
दाराश्चदाराः + च
कश्चिदिरहाहम्कश्चित् + इह + अहम्
धर्मशास्त्राण्यधीतानिधर्मशास्त्राणि + अधीतानि
प्रत्यच्छेश्वरेप्रत्यच्छ + ईश्वरे
व्याधिरस्थीयम्व्याधिः + अस्थीयम्
अत्यच्चअति + च
तत्त्वमितितत्त्वम् + इति
यदनाम्यत् + दानम्

6. प्रकृति-प्रत्यय विभाग

पदप्रकृति + प्रत्यय
स्नातःस्ना + क्त
प्रसार्यप्र + सृ + णिच् + ल्यप्
दातव्यम्दा + तव्यत्
स्नात्वास्ना + क्त्वा
पलायितुम्परा + अय् + तुमुन्
उक्त्वावच् + क्त्वा
चिन्तयन्चिन्त् + शतृ
मृतःमृ + क्त
संप्राप्तसम् + प्र + आप् + क्त
उपगम्यउप + गम् + ल्यप्
धृतःधृ + क्त

7. समास

समस्त पदविग्रह / प्रकार
सुवर्णकङ्कणम् सुवर्णस्य कङ्कणम् – षष्ठी तत्पुरुष
गलितनखदन्तः गलिताः नखाः दन्ताश्च यस्य सः – बहुव्रीहि
हस्तिनागम् हस्ती इव नागः – उपमान संबंधी प्रयोग
वंशहीनः वंशेन हीनः – तृतीया तत्पुरुष
कुशहस्तः कुशः हस्ते यस्य सः – बहुव्रीहि
विषसंसर्गः विषस्य संसर्गः – षष्ठी तत्पुरुष

8. मौखिक अभ्यास

अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तरं वदत

क. कः स्नातः कुशहस्तः सरस्तीरे ब्रूते?

उत्तरम् – वृद्धव्याघ्रः।

ख. ‘भाग्येनैतत्संभवति’ इति केन आलोचितम्?

उत्तरम् – पान्थेन।

ग. वृद्धव्याघ्रः किं दातुम् इच्छति स्म?

उत्तरम् – सुवर्णकङ्कणम्।

घ. पथिकः कुत्र निमग्नः अभवत्?

उत्तरम् – महापङ्के।

ङ. पथिकः केन व्यापादितः खादितश्च?

उत्तरम् – वृद्धव्याघ्रेण।

उदाहरणानुसारम् उत्तरं वदत

उदाहरणम्: स्ना + क्त्वा = स्नात्वा

क. पति + क्त्वा

उत्तरम् – पतित्वा।

ख. खाद् + क्त्वा

उत्तरम् – खादित्वा।

ग. गम् + क्त्वा

उत्तरम् – गत्वा।

घ. दृश् + क्त्वा

उत्तरम् – दृष्ट्वा।

ङ. हस् + क्त्वा

उत्तरम् – हसित्वा।

उदाहरणानुसारम् पदं वदत

क. श्रु + तव्यत्

उत्तरम् – श्रोतव्यम्।

ख. गम् + तव्यत्

उत्तरम् – गन्तव्यम्।

ग. स्मृ + तव्यत्

उत्तरम् – स्मर्तव्यम्।

घ. कृ + तव्यत्

उत्तरम् – कर्तव्यम्।

ङ. हस् + तव्यत्

उत्तरम् – हसितव्यम्।

प्रकृति-प्रत्यय

क. गतः

उत्तरम् – गम् + क्त।

ख. उक्तः

उत्तरम् – वच् + क्त।

ग. कृतः

उत्तरम् – कृ + क्त।

घ. पठितः

उत्तरम् – पठ् + क्त।

ङ. चलितः

उत्तरम् – चल् + क्त।

9. लिखित अभ्यास – पुस्तक के प्रश्न उत्तर

अभ्यास 1 – एकपदेन उत्तरं लिखत

क. वृद्धव्याघ्रः कुत्र ब्रूते?

उत्तरम् – सरस्तीरे।

ख. कः लोभाकृष्टः अभवत्?

उत्तरम् – पान्थः।

ग. कः सुवर्णकङ्कणं दातुम् इच्छति स्म?

उत्तरम् – वृद्धव्याघ्रः।

घ. कः स्नानार्थं जलं गतिवस्त्वचन् च अभवत्?

उत्तरम् – पान्थः।

ङ. कः वंशहीनः आसीत्?

उत्तरम् – वृद्धव्याघ्रः।

च. कः पङ्के अभवत्?

उत्तरम् – पान्थः।

अभ्यास 2 – पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत

क. केन तत् कङ्कणं ‘इति कः’ अवदत्?

उत्तरम् – पान्थः सुवर्णकङ्कणं प्राप्तुम् इच्छन् वृद्धव्याघ्रं पृष्टवान्।

ख. व्याघ्रः कीदृशः आसीत्?

उत्तरम् – व्याघ्रः वृद्धः गलितनखदन्तः च आसीत्।

ग. व्याघ्रेण कानि अधीतानि?

उत्तरम् – व्याघ्रेण धर्मशास्त्राणि अधीतानि।

घ. कस्य पुत्रा दाराश्च मृताः?

उत्तरम् – व्याघ्रस्य पुत्रा दाराश्च मृताः।

ङ. कः महापङ्के निमग्नः पलायितुमक्षमः?

उत्तरम् – पान्थः महापङ्के निमग्नः पलायितुमक्षमः।

अभ्यास 3 – संधि-विच्छेद

पदविच्छेद
सरस्तीरेसरः + तीरे
भाग्येनैतत्संभवतिभाग्येन + एतत् + संभवति
पान्थोऽवदत्पान्थः + अवदत्
वयमेववयम् + एव
दाराश्चदाराः + च
धर्मशास्त्राण्यधीतानिधर्मशास्त्राणि + अधीतानि
अत्यच्चअति + च

अभ्यास 4 – प्रकृति-प्रत्यय

पदविभाग
स्नात्वास्ना + क्त्वा
स्नातुम्स्ना + तुमुन्
प्रसार्यप्र + सृ + णिच् + ल्यप्
उपगम्यउप + गम् + ल्यप्
उक्त्वावच् + क्त्वा
धृतःधृ + क्त

अभ्यास 5 – विपरीतार्थक पद

पदविलोम
आलोचितम्अनालोचितम्
गृह्यताम्त्यज्यताम्
दुर्धर्षःसुधर्षः
पवित्रःअपवित्रः
अवदत्अनवदत्

अभ्यास 6 – रिक्तस्थान पूर्ति

क. भो भोः पान्थाः! इदं ________ गृह्यताम्।

उत्तरम् – सुवर्णकङ्कणम्।

ख. व्याघ्रः ________ प्रसार्य दर्शयति।

उत्तरम् – हस्तम्।

ग. तदुपदेशादिदानीमहं कथं न ________?

उत्तरम् – विश्वसनीयः।

घ. वृद्धव्याघ्रेण संप्राप्तः सः ________ मृतः।

उत्तरम् – पान्थः।

ङ. अहह, ________ पतितोऽस्मि।

उत्तरम् – महापङ्के।

अभ्यास 7 – रेखांकित पद के आधार पर प्रश्न निर्माण

क. व्याघ्रः हस्तं प्रसार्य दर्शयति।

प्रश्न – व्याघ्रः किं प्रसार्य दर्शयति?

ख. वृद्धः पथिकं दृष्ट्वा व्याघ्रोऽवदत्।

प्रश्न – कं दृष्ट्वा व्याघ्रोऽवदत्?

ग. व्याघ्रेण धृतः स पथिकोऽचिन्तयत्।

प्रश्न – केन धृतः स पथिकोऽचिन्तयत्?

घ. ईश्वरे धनं मा प्रयच्छ।

प्रश्न – कस्मै धनं मा प्रयच्छ?

ङ. स्नातं कृत्वा विना नाशः।

प्रश्न – किं कृत्वा विना नाशः?

अभ्यास 8 – रेखांकित पद का अनुवाद

क. तत् सरसि स्नात्वा सुवर्णकङ्कणं गृहाण।

हिंदी अर्थ – तालाब में स्नान करके सोने का कंगन ले लो।

ख. असौ व्याघ्रेण व्यापादितः खादितश्च।

हिंदी अर्थ – वह बाघ द्वारा मार दिया गया और खा लिया गया।

ग. कथं मारात्मकं त्वयि विश्वासः?

हिंदी अर्थ – तुम हिंसक हो, तुम पर विश्वास कैसे किया जाए?

घ. तत् उपदेशात् इदानीमहं कथं न विश्वासपात्रः?

हिंदी अर्थ – उस उपदेश के कारण अब मैं विश्वास के योग्य क्यों नहीं हूँ?

ङ. अवशेन्द्रियचित्तानां क्रिया हस्तिनामिव भवति।

हिंदी अर्थ – इंद्रियों और चित्त पर नियंत्रण न रखने वालों के कर्म हाथियों के समान होते हैं।

10. अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

1. व्याघ्रपथिककथा का मुख्य पात्र कौन है?

बूढ़ा बाघ और पथिक।

2. बूढ़ा बाघ कहाँ बैठा था?

तालाब के किनारे।

3. बाघ के पास क्या था?

सोने का कंगन।

4. बाघ पथिक को क्या देना चाहता था?

सोने का कंगन।

5. पथिक बाघ के पास क्यों गया?

सोने का कंगन पाने के लालच में।

6. बाघ ने पथिक को क्या करने को कहा?

तालाब में स्नान करने को।

7. पथिक कहाँ फँस गया?

तालाब के कीचड़ में।

8. पथिक को किसने मारा?

बूढ़े बाघ ने।

9. यह कहानी किस ग्रंथ से ली गई है?

हितोपदेश से।

10. कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?

लोभ से बचना चाहिए और किसी के छलपूर्ण वचनों पर बिना विचार विश्वास नहीं करना चाहिए।

11. महत्वपूर्ण Objective Questions – 20 MCQ

उत्तर देखने के लिए View Answer पर क्लिक करें।

1. व्याघ्रपथिककथा किस कक्षा का पाठ है?

A. 8
B. 9
C. 10
D. 12
View Answer

C. 10

2. व्याघ्रपथिककथा किस पुस्तक में है?

A. पीयूषम्
B. भारती
C. सरस्वती
D. संस्कृत भारती
View Answer

A. पीयूषम्

3. यह कहानी किस ग्रंथ से ली गई है?

A. रामायण
B. हितोपदेश
C. महाभारत
D. गीता
View Answer

B. हितोपदेश

4. हितोपदेश के रचयिता कौन हैं?

A. कालिदास
B. नारायण पण्डित
C. वाल्मीकि
D. व्यास
View Answer

B. नारायण पण्डित

5. बाघ कहाँ बैठा था?

A. पहाड़ पर
B. तालाब के किनारे
C. घर में
D. नगर में
View Answer

B. तालाब के किनारे

6. बाघ के हाथ में क्या था?

A. पुस्तक
B. सोने का कंगन
C. तलवार
D. फल
View Answer

B. सोने का कंगन

7. बाघ किसे कंगन देना चाहता था?

A. राजा
B. पथिक
C. मंत्री
D. किसान
View Answer

B. पथिक

8. पथिक किस कारण बाघ के पास गया?

A. भय
B. लोभ
C. प्रेम
D. क्रोध
View Answer

B. लोभ

9. ‘सरः’ का अर्थ क्या है?

A. नदी
B. तालाब
C. पर्वत
D. वन
View Answer

B. तालाब

10. ‘पान्थः’ का अर्थ क्या है?

A. पथिक
B. राजा
C. गुरु
D. सेवक
View Answer

A. पथिक

11. ‘सुवर्णकङ्कणम्’ का अर्थ क्या है?

A. चाँदी की अंगूठी
B. सोने का कंगन
C. सोने का मुकुट
D. लोहे की जंजीर
View Answer

B. सोने का कंगन

12. ‘स्नात्वा’ का अर्थ क्या है?

A. खाकर
B. नहाकर
C. सोकर
D. पढ़कर
View Answer

B. नहाकर

13. पथिक कहाँ फँस गया?

A. जंगल में
B. कीचड़ में
C. पहाड़ पर
D. घर में
View Answer

B. कीचड़ में

14. पथिक को किसने मारा?

A. सिंह
B. बाघ
C. हाथी
D. भालू
View Answer

B. बाघ

15. ‘उक्त्वा’ का अर्थ क्या है?

A. देखकर
B. कहकर
C. सुनकर
D. चलकर
View Answer

B. कहकर

16. ‘पलायितुम्’ का अर्थ क्या है?

A. भागने के लिए
B. खाने के लिए
C. बैठने के लिए
D. सोने के लिए
View Answer

A. भागने के लिए

17. ‘स्नात्वा’ में कौन-सा प्रत्यय है?

A. क्त
B. क्त्वा
C. ल्यप्
D. तुमुन्
View Answer

B. क्त्वा

18. ‘उपगम्य’ में कौन-सा प्रत्यय है?

A. ल्यप्
B. क्त
C. क्त्वा
D. तव्यत्
View Answer

A. ल्यप्

19. बाघ ने पथिक को क्या करने को कहा?

A. भागने
B. स्नान करने
C. सोने
D. भोजन करने
View Answer

B. स्नान करने

20. व्याघ्रपथिककथा की मुख्य शिक्षा क्या है?

A. लोभ करना चाहिए
B. किसी पर भी विश्वास करना चाहिए
C. लोभ से बचना चाहिए
D. हिंसा करनी चाहिए
View Answer

C. लोभ से बचना चाहिए

12. Quick Revision

महत्वपूर्ण तथ्यउत्तर
पाठ संख्या11
पाठ का नामव्याघ्रपथिककथा
पुस्तकपीयूषम्
मूल ग्रंथहितोपदेश
खंडमित्रलाभ
रचयितानारायण पण्डित
मुख्य पात्रबूढ़ा बाघ और पथिक
बाघ का स्थानतालाब का किनारा
लालच की वस्तुसोने का कंगन
पथिक कहाँ फँसा?कीचड़ में
पथिक को किसने मारा?बाघ ने
मुख्य शिक्षालोभ से बचना चाहिए
Exam Revision:
व्याघ्र – बाघ
पथिक – यात्री
सुवर्णकङ्कणम् – सोने का कंगन
सरः – तालाब
स्नात्वा – नहाकर
पलायितुम् – भागने के लिए
उक्त्वा – कहकर
हितोपदेश – मूल ग्रंथ

13. Frequently Asked Questions

व्याघ्रपथिककथा किस कक्षा का पाठ है?

बिहार बोर्ड कक्षा 10 संस्कृत का ग्यारहवाँ पाठ।

व्याघ्रपथिककथा किस पुस्तक में है?

पीयूषम् में।

व्याघ्रपथिककथा किस ग्रंथ से ली गई है?

हितोपदेश से।

हितोपदेश के रचयिता कौन हैं?

नारायण पण्डित।

बूढ़े बाघ के पास क्या था?

सोने का कंगन।

पथिक की मृत्यु कैसे हुई?

वह कीचड़ में फँस गया और बाघ ने उसे मार डाला।

इस कहानी की मुख्य शिक्षा क्या है?

लालच से बचना और सोच-समझकर निर्णय लेना।

14. पाठ्यपुस्तक संदर्भ

पुस्तक: पीयूषम्
कक्षा: 10
पाठ: 11 – व्याघ्रपथिककथा
पृष्ठ: 84–92
मूल ग्रंथ: हितोपदेश
खंड: मित्रलाभ

यह सामग्री विद्यार्थियों की अध्ययन सुविधा और परीक्षा की तैयारी के लिए तैयार की गई है।

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Class 10 Sanskrit – Chapter 11

व्याघ्रपथिककथा – Complete Notes

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