Class 10 Sanskrit Chapter 9 स्वामी दयानन्दः Notes in Hindi | प्रश्न उत्तर, शब्दार्थ और MCQ

Class 10 Sanskrit Chapter 9 स्वामी दयानन्दः Notes in Hindi | प्रश्न उत्तर, शब्दार्थ और MCQ
BSEB EXAM GUIDE

Bihar Board Class 10 Sanskrit | पीयूषम्

पाठ 9 – स्वामी दयानन्दः

स्वामी दयानन्द सरस्वती का जीवन एवं समाज सुधार

Hindi Summary • शब्दार्थ • व्याकरण • प्रश्नोत्तर • MCQ

विषय-सूची

1. पाठ परिचय 2. हिंदी सारांश 3. पाठ की क्रमवार व्याख्या 4. महत्वपूर्ण जीवन-तथ्य 5. संस्कृत शब्दार्थ 6. संधि-विच्छेद 7. प्रकृति-प्रत्यय 8. समास 9. मौखिक अभ्यास 10. लिखित अभ्यास 11. अतिरिक्त प्रश्नोत्तर 12. महत्वपूर्ण MCQ 13. Quick Revision 14. FAQ

1. स्वामी दयानन्दः – पाठ परिचय

स्वामी दयानन्दः बिहार बोर्ड कक्षा 10 संस्कृत की पुस्तक पीयूषम् का नवम पाठ है। इस पाठ में स्वामी दयानन्द सरस्वती के जीवन, विचारों, धार्मिक सुधारों तथा आर्यसमाज की स्थापना का वर्णन है।

स्वामी दयानन्द आधुनिक भारत के प्रमुख समाज सुधारकों में से एक थे। उन्होंने समाज में व्याप्त अंधविश्वास, धार्मिक आडम्बर और सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया।

उन्होंने वैदिक धर्म के प्रचार, स्त्री-शिक्षा, सामाजिक समानता तथा राष्ट्रीय जागरण के लिए कार्य किया।

पाठ के मुख्य तथ्य:
पाठ – स्वामी दयानन्दः
पुस्तक – पीयूषम्
जन्म – 1824 ई.
बचपन का नाम – मूलशङ्करः
आर्यसमाज की स्थापना – 1875 ई.
निधन – 1883 ई.

2. स्वामी दयानन्दः का हिंदी सारांश

मध्यकाल में भारतीय समाज अनेक कुरीतियों, अंधविश्वासों और धार्मिक आडम्बरों से प्रभावित था। जातिगत भेदभाव, स्त्री-शिक्षा का अभाव तथा विभिन्न प्रकार की सामाजिक असमानताएँ समाज में विद्यमान थीं।

ऐसी परिस्थितियों में अनेक समाज सुधारकों ने भारतीय समाज को नई दिशा देने का प्रयास किया। स्वामी दयानन्द सरस्वती उनमें प्रमुख थे।

स्वामी दयानन्द का जन्म 1824 ईस्वी में गुजरात प्रदेश के टंकारा गाँव में हुआ था। उनके बचपन का नाम मूलशंकर था। उनके पिता का नाम कर्षणजी तिवारी था।

बाल्यकाल से ही मूलशंकर में धार्मिक विषयों के प्रति जिज्ञासा थी। शिवरात्रि के अवसर पर एक घटना ने उन्हें मूर्तिपूजा के विषय में गंभीर विचार करने के लिए प्रेरित किया।

उनकी बहन तथा परिवार के एक निकट संबंधी की मृत्यु से भी उनके मन में जीवन और मृत्यु के रहस्यों को जानने की इच्छा बढ़ी।

मूलशंकर ने सत्य और ज्ञान की खोज में घर का त्याग किया। बाद में वे स्वामी विरजानन्द के शिष्य बने और वैदिक साहित्य का अध्ययन किया।

उन्होंने वेदों के अध्ययन और वैदिक विचारों के प्रचार पर विशेष बल दिया। धार्मिक अंधविश्वासों, पाखंड तथा सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया।

1875 ईस्वी में उन्होंने मुंबई में आर्यसमाज की स्थापना की। इस संस्था का उद्देश्य वैदिक विचारों का प्रचार और समाज में सुधार लाना था।

स्वामी दयानन्द के विचारों से प्रेरित होकर शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक संस्थाएँ स्थापित की गईं। उनकी मृत्यु के बाद 1883 ईस्वी से आगे उनके अनुयायियों ने उनके विचारों का प्रचार जारी रखा।

स्वामी दयानन्द ने भारतीय समाज को सत्य, ज्ञान, शिक्षा, स्वावलम्बन और सामाजिक समानता का संदेश दिया।

एक पंक्ति में सारांश: स्वामी दयानन्द सरस्वती ने वैदिक विचारों के प्रचार, आर्यसमाज की स्थापना और सामाजिक कुरीतियों के विरोध द्वारा भारतीय समाज में सुधार लाने का प्रयास किया।

3. पाठ की क्रमवार हिंदी व्याख्या

पहला भाग – तत्कालीन भारतीय समाज

पाठ के आरंभ में मध्यकालीन भारतीय समाज की समस्याओं का वर्णन किया गया है। समाज में अंधविश्वास, धार्मिक आडम्बर, जातिगत भेदभाव और शिक्षा का अभाव था।

दूसरा भाग – स्वामी दयानन्द का जन्म

स्वामी दयानन्द का जन्म गुजरात प्रदेश के टंकारा गाँव में 1824 ईस्वी में हुआ। बचपन में उनका नाम मूलशंकर था।

तीसरा भाग – धार्मिक जिज्ञासा

मूलशंकर बचपन से ही धार्मिक विषयों में रुचि रखते थे। शिवरात्रि की घटना के बाद उन्होंने मूर्तिपूजा के संबंध में प्रश्न उठाए।

चौथा भाग – सत्य की खोज

परिवार में मृत्यु की घटनाओं से वे प्रभावित हुए। उन्होंने जीवन के सत्य की खोज करने का निश्चय किया और घर छोड़ दिया।

पाँचवाँ भाग – गुरु विरजानन्द

स्वामी दयानन्द ने विरजानन्द से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने वैदिक साहित्य का गहन अध्ययन किया।

छठा भाग – समाज सुधार

स्वामी दयानन्द ने अंधविश्वास, धार्मिक पाखंड तथा सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया। उन्होंने शिक्षा और सामाजिक सुधार पर बल दिया।

सातवाँ भाग – आर्यसमाज की स्थापना

1875 ईस्वी में स्वामी दयानन्द ने मुंबई में आर्यसमाज की स्थापना की। इस संस्था ने वैदिक विचारों और समाज सुधार का प्रचार किया।

आठवाँ भाग – योगदान और विरासत

स्वामी दयानन्द के विचारों से प्रेरित होकर अनेक शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना हुई। उनके अनुयायियों ने उनकी मृत्यु के बाद भी उनके विचारों को आगे बढ़ाया।

मुख्य शिक्षा: सत्य की खोज, शिक्षा का विस्तार, सामाजिक समानता और अंधविश्वास से मुक्ति इस पाठ के प्रमुख संदेश हैं।

4. महत्वपूर्ण जीवन-तथ्य

विषयउत्तर
प्रसिद्ध नामस्वामी दयानन्द सरस्वती
बचपन का नाममूलशङ्करः (मूलशंकर)
जन्म-वर्ष1824 ई.
जन्मस्थानटंकारा, गुजरात
पिताकर्षणजी तिवारी
गुरुस्वामी विरजानन्द
प्रमुख संस्थाआर्यसमाज
स्थापना-वर्ष1875 ई.
स्थापना-स्थानमुंबई
प्रमुख विचारवैदिक धर्म, सत्य, शिक्षा और समाज सुधार
प्रमुख ग्रंथसत्यार्थ प्रकाश
निधन-वर्ष1883 ई.

5. महत्वपूर्ण संस्कृत शब्दार्थ

संस्कृत शब्दहिंदी अर्थ
अदूषयन्दूषित किया
वैषम्यम्असमानता
गर्हितानिन्दित
निवारकाःदूर करने वाले
तृप्तम्अवसरम्
विवाहम्विवाह
अकिञ्चित्करःतुच्छ
विहायछोड़कर
अनास्थाआस्था का अभाव
परित्यज्यत्यागकर
प्रज्ञाचक्षुःज्ञानरूपी आँखों वाला
दीक्षितःदीक्षा प्राप्त किया हुआ
सम्प्रतिइस समय
अनन्तरम्बाद में
धर्माडम्बरःधार्मिक दिखावा
सत्यार्थप्रकाशःस्वामी दयानन्द का प्रमुख ग्रंथ
मूर्तिपूजामूर्ति की पूजा
समाजदूषणानिसमाज की बुराइयाँ
शिक्षापद्धतिःशिक्षा की प्रणाली
संस्कृतशिक्षासंस्कृत की शिक्षा
समाजसुधारकःसमाज सुधारक
स्वकीयान्अपने
प्रचारःप्रसार
प्रतिवादःविरोध
संस्थापयत्स्थापना की
शिष्यःविद्यार्थी, अनुयायी
वेदाःवेद
विचाराःविचार

6. संधि-विच्छेद

पुस्तक के व्याकरण भाग के प्रमुख उदाहरण:

संधियुक्त पदसंधि-विच्छेद
इत्यादयःइति + आदयः
धर्मान्तरम्धर्म + अन्तरम्
धर्माडम्बरःधर्म + आडम्बरः
सत्यार्थप्रकाशःसत्य + अर्थप्रकाशः
प्रादुर्भूतम्प्रादुः + अभूतम्
संकल्प्य चसंकल्प्य + च
वर्षेऽस्मिन्वर्षे + अस्मिन्
तादृशेषुतादृश + एषु
शिवोपासकःशिव + उपासकः
विद्याधीतिःविद्या + अधीतिः
मूलशङ्करोऽचिन्तयत्मूलशङ्करः + अचिन्तयत्
विहायोऽयम्विहाय + अयम्
स्वर्गीयानामभावविचारात्स्वर्गीयानाम् + अभाव + विचारात्
समाजोद्धारकःसमाज + उद्धारकः
विद्यालयानाञ्चविद्यालयानाम् + च
अभ्यास: संधि-विच्छेद में विसर्ग, स्वर और व्यंजन के परिवर्तनों को ध्यान से देखें।

7. प्रकृति-प्रत्यय विभाग

पदप्रकृति + प्रत्यय
जातम्जन् + क्त
आहूतःआ + ह्वे + क्त
दृष्टम्दृश् + क्त
गतःगम् + क्त
जाताजन् + क्त + टाप्
समागतःसम् + आ + गम् + क्त
परित्यज्यपरि + त्यज् + ल्यप्
आगत्यआ + गम् + ल्यप्
प्रारब्धम्प्र + आ + रभ् + क्त
दर्शयित्वादृश् + णिच् + क्त्वा

8. समास – महत्वपूर्ण उदाहरण

समस्त पदविग्रहसमास
कुलतिलकःकुलस्य तिलकःषष्ठी तत्पुरुष
अव्यापकतान व्यापकतानञ् तत्पुरुष
धर्मान्तरम्धर्मस्य अन्तरम्षष्ठी तत्पुरुष
धर्माडम्बरःधर्मस्य आडम्बरःषष्ठी तत्पुरुष
सत्यार्थप्रकाशःसत्यस्य अर्थस्य प्रकाशःषष्ठी तत्पुरुष
वैषम्यनिवारकःवैषम्यस्य निवारकःषष्ठी तत्पुरुष
शिवोपासकःशिवस्य उपासकःषष्ठी तत्पुरुष
समाजदूषणानिसमाजस्य दूषणानिषष्ठी तत्पुरुष
शिक्षापद्धतिःशिक्षायाः पद्धतिःषष्ठी तत्पुरुष
संस्कृतशिक्षासंस्कृतस्य शिक्षाषष्ठी तत्पुरुष

9. पुस्तक का मौखिक अभ्यास

स्वामी दयानन्द के विषय में दो वाक्य

स्वामी दयानन्दः महान् समाजसुधारकः आसीत्।
सः आर्यसमाजस्य स्थापनां कृतवान्।

प्रमुख पदों के विग्रह

पदविग्रह
धर्माडम्बरःधर्मस्य आडम्बरः
सत्यार्थवेधीसत्यस्य अर्थं वेत्ति इति
वैषम्यनिवारकःवैषम्यस्य निवारकः
शिक्षासंस्थापनेशिक्षायाः संस्थापने
संस्कृतशिक्षासंस्कृतस्य शिक्षा

10. पुस्तक के लिखित अभ्यास – प्रश्नोत्तर

अतिलघूत्तराणि प्रश्नानि

1. मध्यकाले कः भारतीयं समाजम् अदूषयत्?

उत्तरम्: धर्माडम्बरः।

2. के हिन्दुसमाजे तिरस्कृत्य धर्मान्तरं स्वीकृतवन्तः?

उत्तरम्: दलिताः।

3. स्वामिनः दयानन्दस्य जन्म कुत्र अभवत्?

उत्तरम्: टंकाराग्रामे।

4. विग्रहप्रतिमां दृष्ट्वा किं अभवत्?

उत्तरम्: मूर्तिपूजायाम् अनास्था अभवत्।

5. रात्रिजागरणकाले विहाय मूलशङ्करः कुत्र गतः?

उत्तरम्: गृहं गतः।

रिक्तस्थान पूर्ति

1. स्वामी दयानन्दः ________ आसीत्। (समाजोद्धारकः / कृषकः)

समाजोद्धारकः

2. बालकस्य नाम ________ इति कृतम्। (मूलशङ्करः / मूलशङ्करम्)

मूलशङ्करः

3. रात्रिजागरणे विग्रहप्रतिमायाः ________ दृश्यन्ते स्म। (मूषकाः / व्याघ्राः)

मूषकाः

4. रात्रिजागरणं विहाय मूलशङ्करः ________ गतः। (गृहम् / विद्यालयम्)

गृहम्

5. स्वामी दयानन्दः ________ संस्थापकः आसीत्। (आर्यसमाजस्य / विश्वसमाजस्य)

आर्यसमाजस्य

प्रकृति-प्रत्यय – अभ्यास

शब्दउत्तर
दृष्टम्दृश् + क्त
गतःगम् + क्त
गमनम्गम् + ल्युट्
उपगम्यउप + गम् + ल्यप्
गन्तुम्गम् + तुमुन्

लङ् लकार में परिवर्तन

1. सः ग्रन्थं लिखति।

सः ग्रन्थम् अलिखत्।

2. सः प्राचीनशास्त्राणि दोषम् असंशयत्।

सः प्राचीनशास्त्राणि दोषम् असंशयत्।

3. सः गृहं अवगच्छति।

सः गृहम् अवगच्छत्।

4. तत्र देवः पूजितः।

यह वाक्य पहले से भूतकालिक कर्मवाच्य रूप में है।

5. सः ग्रन्थं पठति।

सः ग्रन्थम् अपठत्।

विलोम शब्द

शब्दविलोम
विनयःअविनयः
दोषःगुणः
पराजितःविजितः
अनास्थाआस्था
उपकारःअपकारः
प्रारब्धःसमाप्तः
गर्हिताप्रशंसिता
वैषम्यम्साम्यम्

सर्वनाम-रूप अभ्यास

मूल पदरूप
गम् + क्तगतः
गम् + क्त्वागत्वा
गम् + अनीयऱ्गमनीयम्
गम् + ल्यप्उपगम्य (उपसर्ग सहित)
गम् + क्तगतम्

11. अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

1. स्वामी दयानन्द सरस्वती कौन थे?

स्वामी दयानन्द सरस्वती एक महान समाज सुधारक, धार्मिक विचारक और आर्यसमाज के संस्थापक थे।

2. स्वामी दयानन्द का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

उनका जन्म 1824 ईस्वी में गुजरात के टंकारा गाँव में हुआ था।

3. स्वामी दयानन्द का बचपन का नाम क्या था?

मूलशंकर।

4. स्वामी दयानन्द के गुरु कौन थे?

स्वामी विरजानन्द।

5. आर्यसमाज की स्थापना कब हुई?

1875 ईस्वी में।

6. आर्यसमाज की स्थापना कहाँ हुई?

मुंबई में।

7. स्वामी दयानन्द ने किन कुरीतियों का विरोध किया?

उन्होंने धार्मिक अंधविश्वास, आडम्बर, सामाजिक असमानता और जातिगत भेदभाव का विरोध किया।

8. स्वामी दयानन्द का प्रमुख ग्रंथ कौन-सा है?

सत्यार्थ प्रकाश।

9. स्वामी दयानन्द ने शिक्षा के क्षेत्र में क्या योगदान दिया?

उन्होंने शिक्षा के प्रसार पर बल दिया। उनके विचारों से प्रेरित होकर अनेक शिक्षण संस्थाएँ स्थापित की गईं।

10. स्वामी दयानन्द का निधन कब हुआ?

1883 ईस्वी में।

11. स्वामी दयानन्द के जीवन से क्या शिक्षा मिलती है?

उनके जीवन से सत्य की खोज, ज्ञान प्राप्ति, अंधविश्वास का विरोध और समाज सेवा की प्रेरणा मिलती है।

12. Important Objective Questions – 20 MCQ

सही उत्तर देखने के लिए View Answer पर क्लिक करें। ये पाठ पर आधारित अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न हैं।

1. स्वामी दयानन्दः किस कक्षा का पाठ है?

A. 8
B. 9
C. 10
D. 12
View Answer
C. 10

2. स्वामी दयानन्द का जन्म किस वर्ष हुआ?

A. 1824
B. 1857
C. 1875
D. 1883
View Answer
A. 1824

3. स्वामी दयानन्द का जन्म किस राज्य में हुआ?

A. बिहार
B. गुजरात
C. पंजाब
D. राजस्थान
View Answer
B. गुजरात

4. स्वामी दयानन्द का जन्मस्थान कौन-सा था?

A. टंकारा
B. पटना
C. वाराणसी
D. दिल्ली
View Answer
A. टंकारा

5. स्वामी दयानन्द का बचपन का नाम क्या था?

A. रामशंकर
B. मूलशंकर
C. दयाशंकर
D. शिवशंकर
View Answer
B. मूलशंकर

6. स्वामी दयानन्द के गुरु कौन थे?

A. विरजानन्द
B. रामकृष्ण
C. विवेकानन्द
D. कबीर
View Answer
A. विरजानन्द

7. स्वामी दयानन्द ने किस संस्था की स्थापना की?

A. ब्रह्म समाज
B. आर्यसमाज
C. रामकृष्ण मिशन
D. प्रार्थना समाज
View Answer
B. आर्यसमाज

8. आर्यसमाज की स्थापना कब हुई?

A. 1824
B. 1857
C. 1875
D. 1905
View Answer
C. 1875

9. आर्यसमाज की स्थापना कहाँ हुई?

A. पटना
B. मुंबई
C. लखनऊ
D. जयपुर
View Answer
B. मुंबई

10. स्वामी दयानन्द का प्रमुख ग्रंथ कौन-सा है?

A. गीतांजलि
B. सत्यार्थ प्रकाश
C. रामचरितमानस
D. अर्थशास्त्र
View Answer
B. सत्यार्थ प्रकाश

11. स्वामी दयानन्द ने किसका प्रचार किया?

A. वैदिक विचारों का
B. अंधविश्वास का
C. जातिगत भेदभाव का
D. आलस्य का
View Answer
A. वैदिक विचारों का

12. स्वामी दयानन्द ने किसका विरोध किया?

A. शिक्षा
B. सत्य
C. धार्मिक आडम्बर
D. ज्ञान
View Answer
C. धार्मिक आडम्बर

13. मूलशंकर को किस घटना से मूर्तिपूजा पर संदेह हुआ?

A. शिवरात्रि की घटना
B. युद्ध
C. विवाह
D. यात्रा
View Answer
A. शिवरात्रि की घटना

14. ‘वैषम्यम्’ का अर्थ क्या है?

A. समानता
B. असमानता
C. प्रसन्नता
D. शिक्षा
View Answer
B. असमानता

15. ‘गर्हिता’ का अर्थ क्या है?

A. प्रशंसित
B. निन्दित
C. शिक्षित
D. प्रसिद्ध
View Answer
B. निन्दित

16. ‘अनास्था’ का अर्थ क्या है?

A. श्रद्धा
B. आस्था का अभाव
C. सम्मान
D. उत्साह
View Answer
B. आस्था का अभाव

17. ‘परित्यज्य’ का अर्थ क्या है?

A. ग्रहण करके
B. छोड़कर
C. देखकर
D. पढ़कर
View Answer
B. छोड़कर

18. स्वामी दयानन्द ने किस क्षेत्र में सुधार पर बल दिया?

A. सामाजिक और धार्मिक
B. केवल खेल
C. केवल व्यापार
D. केवल संगीत
View Answer
A. सामाजिक और धार्मिक

19. स्वामी दयानन्द का निधन किस वर्ष हुआ?

A. 1824
B. 1875
C. 1883
D. 1947
View Answer
C. 1883

20. स्वामी दयानन्दः पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

A. अंधविश्वास का समर्थन
B. सत्य, शिक्षा और समाज सुधार
C. शिक्षा का विरोध
D. सामाजिक भेदभाव बढ़ाना
View Answer
B. सत्य, शिक्षा और समाज सुधार

13. Quick Revision – परीक्षा उपयोगी तथ्य

प्रश्नउत्तर
अध्याय संख्या9
अध्याय नामस्वामी दयानन्दः
बचपन का नाममूलशंकर
जन्म-वर्ष1824 ई.
जन्मस्थानटंकारा, गुजरात
गुरुविरजानन्द
संस्थाआर्यसमाज
स्थापना-वर्ष1875 ई.
स्थापना-स्थानमुंबई
प्रमुख ग्रंथसत्यार्थ प्रकाश
निधन-वर्ष1883 ई.
प्रमुख योगदानवैदिक धर्म प्रचार, शिक्षा और समाज सुधार
Exam Revision:
1824 – जन्म
मूलशंकर – बचपन का नाम
विरजानन्द – गुरु
1875 – आर्यसमाज की स्थापना
सत्यार्थ प्रकाश – प्रमुख ग्रंथ
1883 – निधन

14. Frequently Asked Questions

स्वामी दयानन्दः किस कक्षा का पाठ है?

यह बिहार बोर्ड कक्षा 10 संस्कृत पीयूषम् का नवम पाठ है।

स्वामी दयानन्द का जन्म कब हुआ?

1824 ईस्वी में।

स्वामी दयानन्द का बचपन का नाम क्या था?

मूलशंकर।

स्वामी दयानन्द के गुरु कौन थे?

स्वामी विरजानन्द।

आर्यसमाज की स्थापना कब हुई?

1875 ईस्वी में।

आर्यसमाज की स्थापना कहाँ हुई?

मुंबई में।

स्वामी दयानन्द का प्रमुख ग्रंथ कौन-सा है?

सत्यार्थ प्रकाश।

स्वामी दयानन्द का निधन कब हुआ?

1883 ईस्वी में।

इस पाठ से क्या शिक्षा मिलती है?

सत्य की खोज, शिक्षा, सामाजिक समानता और अंधविश्वास के विरोध की शिक्षा मिलती है।

15. पाठ्यपुस्तक संदर्भ

पुस्तक: पीयूषम्
कक्षा: 10
पाठ: 9 – स्वामी दयानन्दः
पृष्ठ: 68–76

मूल पाठ, शब्दार्थ और अभ्यास के अध्ययन के लिए बिहार बोर्ड की निर्धारित पाठ्यपुस्तक का उपयोग करें।

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Class 10 Sanskrit – Chapter 9

स्वामी दयानन्दः – Complete Notes

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