Bihar Board Class 10 Maths Chapter 6 Notes – त्रिभुज

Bihar Board Class 10 Maths Chapter 6 Notes – त्रिभुज
कक्षा 10 गणित • अध्याय 6

त्रिभुज (Triangles) — Bihar Board संपूर्ण नोट्स

Bihar Board कक्षा 10 के अनुसार समरूपता, आधारभूत समानुपात प्रमेय, समरूपता की कसौटियाँ, क्षेत्रफलों का अनुपात तथा पाइथागोरस प्रमेय—परिभाषा, प्रमाण और हल सहित।

📚 विषय-सूची (Table of Contents)

1. भूमिका एवं पूर्व ज्ञान

त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बनी बंद आकृति है। इसके तीन शीर्ष, तीन भुजाएँ और तीन कोण होते हैं। कक्षा 9 में हमने सर्वांगसम त्रिभुज पढ़े थे। इस अध्याय में समान आकार, परंतु आवश्यक नहीं कि समान माप वाली आकृतियों का अध्ययन करेंगे।

सर्वांगसम (Congruent): आकृति और आकार दोनों समान।
समरूप (Similar): आकृति समान, पर आकार समान या अलग हो सकता है।
प्रत्येक सर्वांगसम आकृति-युग्म समरूप होता है, लेकिन प्रत्येक समरूप आकृति-युग्म सर्वांगसम नहीं होता।

2. समरूप आकृतियाँ

दो आकृतियाँ समरूप कहलाती हैं यदि उनका आकार एक जैसा हो। समान भुजाओं वाले बहुभुजों के लिए संगत कोण बराबर तथा संगत भुजाएँ समान अनुपात में होनी चाहिए।
  • सभी वृत्त परस्पर समरूप होते हैं।
  • सभी वर्ग परस्पर समरूप होते हैं।
  • सभी समबाहु त्रिभुज परस्पर समरूप होते हैं।
  • सभी आयत परस्पर समरूप नहीं होते; उनकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात समान होना चाहिए।
Scale Factor = नई आकृति की संगत भुजामूल आकृति की संगत भुजा

3. समरूप त्रिभुज

दो त्रिभुज समरूप होते हैं यदि उनके संगत कोण बराबर हों तथा संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों।
ABCDEF
△ABC ∼ △DEF∠A=∠D,  ∠B=∠E,  ∠C=∠FABDE = BCEF = CAFD
ध्यान दें: △ABC ∼ △DEF लिखने पर क्रम निश्चित करता है कि A↔D, B↔E और C↔F हैं। गलत क्रम से भुजाओं का अनुपात गलत हो जाता है।

4. आधारभूत समानुपात प्रमेय (BPT/थेल्स प्रमेय)

प्रमेय: यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समानांतर खींची गई रेखा शेष दो भुजाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर काटती है, तो वह उन दोनों भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है।
ABCDEDE ∥ BC
यदि DE ∥ BC, तो  ADDB = AEEC
प्रमाण — पुस्तक-जैसे क्रम में

दिया है: △ABC में DE ∥ BC।

सिद्ध करना है: AD/DB = AE/EC।

BE और CD को मिलाएँ। D से AC पर DM तथा E से AB पर EN लंब खींचें।
ar(△ADE)=12×AD×ENar(△BDE)=12×DB×EN
ar(△ADE)ar(△BDE)=ADDB  …(i)
इसी प्रकार, ar(△ADE)ar(△DEC)=AEEC  …(ii)
△BDE और △DEC एक ही आधार DE पर तथा समान समांतर रेखाओं DE और BC के बीच हैं। अतः उनके क्षेत्रफल बराबर हैं।
ar(△BDE)=ar(△DEC)
समीकरण (i) और (ii) से—ADDB=AEEC
अतः आधारभूत समानुपात प्रमेय सिद्ध हुआ।

5. आधारभूत समानुपात प्रमेय का विलोम

विलोम प्रमेय: यदि कोई रेखा त्रिभुज की दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है, तो वह तीसरी भुजा के समानांतर होती है।
यदि ADDB=AEEC, तो DE ∥ BC
विलोम का संक्षिप्त प्रमाण
मान लें DE, BC के समानांतर नहीं है। D से BC के समानांतर DE′ खींचें, जो AC को E′ पर काटती है।
BPT से—ADDB=AE′E′C
परंतु दिया है—ADDB=AEEC
अतः AE′/E′C = AE/EC, जिससे E और E′ एक ही बिंदु होंगे। इसलिए DE और DE′ एक ही रेखा हैं।
अतः DE ∥ BC।

6. त्रिभुजों की समरूपता की कसौटियाँ

AAA कसौटी

यदि दो त्रिभुजों के तीनों संगत कोण बराबर हों, तो वे समरूप होते हैं।

AA कसौटी

यदि दो संगत कोण बराबर हों, तो तीसरे कोण भी स्वतः बराबर होंगे; अतः त्रिभुज समरूप हैं।

SSS कसौटी

यदि संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

AB/DE = BC/EF = CA/FD

SAS कसौटी

यदि दो संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों और उनके बीच के कोण बराबर हों, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

याद रखें: समरूपता के लिए RHS कसौटी नहीं होती। RHS सर्वांगसमता की कसौटी है।
उदाहरण: क्या 3, 4, 5 और 6, 8, 10 भुजाओं वाले त्रिभुज समरूप हैं?
36=12,  48=12,  510=12
तीनों संगत भुजाओं का अनुपात समान है।
अतः दोनों त्रिभुज SSS कसौटी से समरूप हैं।

7. सही संगतता कैसे पहचानें?

बराबर कोणों को पहले मिलाएँ। फिर उन्हीं के सामने वाली भुजाओं को संगत भुजाएँ मानें।

△ABC△PQRसंगत भुजाएँ
∠A∠PBC ↔ QR
∠B∠QCA ↔ RP
∠C∠RAB ↔ PQ
△ABC ∼ △PQR ⇒ ABPQ=BCQR=CARP

8. समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात

दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है।
यदि △ABC ∼ △DEF, तोar(△ABC)ar(△DEF) = (ABDE)2 = (BCEF)2 = (CAFD)2
उदाहरण: दो समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाएँ 4 cm और 6 cm हैं। क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात करें।
भुजाओं का अनुपात = 4:6 = 2:3
क्षेत्रफलों का अनुपात = (2:3)2 = 4:9
उत्तर: क्षेत्रफलों का अनुपात 4:9 है।
यदि क्षेत्रफलों का अनुपात m:n हो, तो संगत भुजाओं का अनुपात √m:√n होगा।

9. पाइथागोरस प्रमेय

प्रमेय: समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग शेष दोनों भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।
ABCकर्ण AC
यदि ∠B=90°, तो AC2=AB2+BC2
समरूपता द्वारा प्रमाण

समकोण △ABC में B से कर्ण AC पर BD लंब खींचें।

△ADB ∼ △ABC (AA कसौटी)ADAB=ABAC∴ AB2=AD×AC  …(i)
इसी प्रकार △BDC ∼ △ABCDCBC=BCAC∴ BC2=DC×AC  …(ii)
समीकरण (i) और (ii) जोड़ने पर—AB2+BC2=AC(AD+DC)
परंतु AD+DC=AC∴ AB2+BC2=AC×AC=AC2
अतः AC² = AB² + BC²। प्रमेय सिद्ध हुआ।
उदाहरण: समकोण त्रिभुज की लंब और आधार 6 cm तथा 8 cm हैं। कर्ण ज्ञात करें।
कर्ण2=62+82
=36+64=100
कर्ण=√100=10 cm
उत्तर: कर्ण 10 cm है।

10. पाइथागोरस प्रमेय का विलोम

यदि किसी त्रिभुज में सबसे बड़ी भुजा का वर्ग शेष दोनों भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर हो, तो सबसे बड़ी भुजा के सामने का कोण समकोण होता है।
यदि AC2=AB2+BC2, तो ∠B=90°
उदाहरण: 7 cm, 24 cm और 25 cm भुजाओं वाला त्रिभुज समकोण है या नहीं?
सबसे बड़ी भुजा 25 cm है।
252=625
72+242=49+576=625
252=72+242
अतः पाइथागोरस के विलोम से यह समकोण त्रिभुज है।

11. महत्वपूर्ण परिणाम

  1. त्रिभुज की एक भुजा के मध्य-बिंदु से दूसरी भुजा के समानांतर खींची गई रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।
  2. त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समानांतर होती है और उसकी आधी होती है।
  3. समरूप त्रिभुजों की संगत ऊँचाइयों, माध्यिकाओं और कोण समद्विभाजकों का अनुपात संगत भुजाओं के अनुपात के बराबर होता है।
  4. समरूप त्रिभुजों के परिमापों का अनुपात संगत भुजाओं के अनुपात के बराबर होता है।
  5. समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात संगत भुजाओं के अनुपात का वर्ग होता है।
यदि △ABC ∼ △DEF और AB:DE=k, तोपरिमापों का अनुपात = kक्षेत्रफलों का अनुपात = k2

12. पुस्तक-जैसे हल किए हुए उदाहरण

उदाहरण 1: △ABC में DE ∥ BC। यदि AD=3 cm, DB=2 cm और AE=4.5 cm हो, तो EC ज्ञात करें।

दिया है: DE ∥ BC

BPT से—ADDB=AEEC
32=4.5EC
3×EC=2×4.5=9
EC=93=3 cm
उत्तर: EC=3 cm
उदाहरण 2: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल 64 cm² और 121 cm² हैं। संगत भुजाओं का अनुपात ज्ञात करें।
क्षेत्रफल 1क्षेत्रफल 2=(भुजा 1भुजा 2)2
भुजा 1भुजा 2=√(64121)=811
उत्तर: संगत भुजाओं का अनुपात 8:11 है।
उदाहरण 3: एक 15 m ऊँचा खंभा 10 m लंबी छाया बनाता है। उसी समय पेड़ की छाया 18 m है। पेड़ की ऊँचाई ज्ञात करें।

सूर्य की किरणों के कारण बने दोनों समकोण त्रिभुज AA कसौटी से समरूप हैं।

पेड़ की ऊँचाई18=1510
पेड़ की ऊँचाई=18×1510=27 m
उत्तर: पेड़ की ऊँचाई 27 m है।
उदाहरण 4: 13 cm लंबी सीढ़ी का निचला सिरा दीवार से 5 cm दूर है। दीवार पर ऊँचाई ज्ञात करें।
ऊँचाई2+52=132
ऊँचाई2=169−25=144
ऊँचाई=√144=12 cm
उत्तर: सीढ़ी दीवार पर 12 cm की ऊँचाई तक पहुँचेगी।

13. त्वरित पुनरावृत्ति

BPTDE ∥ BC ⇒ AD/DB=AE/EC
BPT का विलोमAD/DB=AE/EC ⇒ DE ∥ BC
समरूपता कसौटियाँAA/AAA, SSS, SAS
क्षेत्रफल अनुपातar₁/ar₂=(side₁/side₂)2
पाइथागोरसकर्ण2=लंब2+आधार2
संकेतसमरूप: ∼  |  सर्वांगसम: ≅
सामान्य गलतियाँ: संगत शीर्षों का क्रम न बदलें; क्षेत्रफल के अनुपात में भुजा के अनुपात का वर्ग लगाएँ; पाइथागोरस में सबसे बड़ी भुजा को कर्ण मानें।
Bihar Board परीक्षा फोकस: परिभाषा एवं सूत्र वस्तुनिष्ठ/लघु उत्तरीय प्रश्नों में, BPT तथा पाइथागोरस के प्रमाण दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में और अनुपात/क्षेत्रफल आधारित गणनाएँ 2–5 अंकों के प्रश्नों में विशेष रूप से उपयोगी हैं। प्रमाण लिखते समय दिया है, सिद्ध करना है, रचना और निष्कर्ष अवश्य लिखें।

14. Bihar Board परीक्षा अभ्यास

  1. △ABC में DE ∥ BC है। AD=4, DB=6 और AE=5 हो, तो EC ज्ञात करें।
  2. 5, 12, 13 भुजाओं वाला त्रिभुज समकोण है या नहीं?
  3. दो समरूप त्रिभुजों की भुजाओं का अनुपात 3:5 है। क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात करें।
  4. △ABC ∼ △PQR, AB=6, PQ=9 और BC=8 हो, तो QR ज्ञात करें।
  5. एक 9 m खंभे की छाया 6 m है। उसी समय किसी भवन की छाया 20 m है। भवन की ऊँचाई ज्ञात करें।
उत्तर देखें

1. EC=7.5; 2. हाँ; 3. 9:25; 4. QR=12; 5. 30 m.

15. महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर

समरूप और सर्वांगसम त्रिभुज में क्या अंतर है?

समरूप त्रिभुजों का आकार समान होता है, जबकि सर्वांगसम त्रिभुजों का आकार और माप दोनों समान होते हैं।

BPT का पूरा नाम क्या है?

Basic Proportionality Theorem, हिंदी में आधारभूत समानुपात प्रमेय; इसे थेल्स प्रमेय भी कहते हैं।

क्या केवल एक कोण बराबर होने से दो त्रिभुज समरूप होंगे?

नहीं। कम-से-कम दो संगत कोण बराबर होने चाहिए अथवा SSS/SAS की शर्तें पूरी होनी चाहिए।

समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों में वर्ग क्यों आता है?

क्षेत्रफल दो लंबाइयों के गुणन पर निर्भर करता है; प्रत्येक लंबाई k गुना होने पर क्षेत्रफल k² गुना होता है।

पाइथागोरस प्रमेय कब लगाया जाता है?

केवल समकोण त्रिभुज में। यदि समकोण सिद्ध करना हो तो इसके विलोम का प्रयोग किया जाता है।