अध्याय 11 — रचनाएँ
Constructions — पुस्तक-शैली में संपूर्ण रचना-विधि, औचित्य और उदाहरण
विषय-सूची
1. भूमिका
रूलर और परकार की सहायता से निश्चित शर्तों के अनुसार ज्यामितीय आकृति बनाने की प्रक्रिया रचना कहलाती है। इस अध्याय में आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय का प्रयोग करके रेखाखंड का विभाजन, दिए गए त्रिभुज के समरूप त्रिभुज की रचना तथा वृत्त की स्पर्श रेखाओं की रचना पढ़ेंगे।
आवश्यक उपकरण: रूलर, परकार और नुकीली पेंसिल। रचना में दूरी परकार से उठाएँ और समानांतर अथवा लंब रेखा की शुद्धता का ध्यान रखें।
2. रेखाखंड को दिए गए अनुपात में अंतःविभाजित करना
कार्यकारी नियम: यदि रेखाखंड AB को m : n के अनुपात में अंदर से विभाजित करना हो, तो किसी किरण पर बराबर दूरी के कुल (m + n) बिंदु बनाए जाते हैं। अंतिम बिंदु को B से मिलाकर mवें बिंदु से उसके समानांतर रेखा खींची जाती है।
उदाहरण 1: 7.8 cm लंबे रेखाखंड AB को 5 : 8 के अनुपात में अंतःविभाजित कीजिए।
रचना
AB = 7.8 cm का रेखाखंड खींचिए।A से एक न्यूनकोण बनाती हुई किरण AX खींचिए। सुविधा के लिए कोण 60° लिया जा सकता है।AX पर समान दूरी पर 13 बिंदु A₁, A₂, A₃, …, A₁₃ अंकित कीजिए, क्योंकि 5 + 8 = 13।A₁₃ को B से मिलाइए।A₅ से A₅C ∥ A₁₃B खींचिए, जो AB को C पर काटे।तब C, रेखाखंड AB को 5 : 8 के अनुपात में विभाजित करता है; अर्थात AC : CB = 5 : 8।रचना का औचित्य
ΔABA₁₃ में A₅C ∥ A₁₃B है।ACCB = AA₅A₅A₁₃ = 5x8x = 58अतः AC : CB = 5 : 8।दूसरी विधि:AB रेखाखंड खींचकर A तथा B से परस्पर समानांतर और विपरीत दिशाओं में AX तथा BY किरणें खींचिए।AX पर 5 और BY पर 8 समान भाग अंकित कीजिए।पाँचवें और आठवें बिंदु को मिलाने वाली रेखा AB को C पर काटेगी।तब AC : CB = 5 : 8।
3. रेखाखंड को दिए गए अनुपात में बाह्यविभाजित करना
ध्यान दें: m : n में बाह्य विभाजन तभी निश्चित रूप से किया जाता है जब m ≠ n। निर्माण में बड़े और छोटे अनुपात का अंतर उपयोग किया जाता है।
उदाहरण 2: AB = 12 cm को 3 : 5 के अनुपात में बाह्यविभाजित कीजिए।
रचना
AB = 12 cm का रेखाखंड खींचिए।A और B से विपरीत दिशाओं में समानांतर किरणें AX तथा BY खींचिए।दोनों किरणों पर कुल 8 समान भाग अंकित कीजिए, क्योंकि 3 + 5 = 8।A₈ को B तथा A₃ को B₅ से मिलाइए।रेखा A₃B₅, AB को P पर काटती है।तब P, AB को 3 : 5 के अनुपात में बाह्यविभाजित करता है; अर्थात PA : PB = 3 : 5।उदाहरण 3: दिए गए रेखाखंड PQ को 3 : 5 के अनुपात में बाह्यविभाजित कीजिए।
रचना
Q से एक न्यूनकोण बनाती हुई किरण QX खींचिए।QX पर पाँच समान भाग QC₁ = C₁C₂ = C₂C₃ = C₃C₄ = C₄C₅ अंकित कीजिए।C₂ को P से मिलाइए, क्योंकि 5 − 3 = 2।C₅ से C₅R ∥ C₂P खींचिए, जो QP के बढ़े हुए भाग को R पर काटे।तब R, PQ को 3 : 5 के अनुपात में बाह्यविभाजित करता है।4. दिए गए त्रिभुज के समरूप त्रिभुज की रचना
| मापनी गुणक | प्राप्त त्रिभुज |
|---|---|
| mn < 1 | दिए गए त्रिभुज से छोटा समरूप त्रिभुज |
| mn > 1 | दिए गए त्रिभुज से बड़ा समरूप त्रिभुज |
उदाहरण 4: ΔABC की रचना कीजिए जिसमें AB = 4 cm, BC = 5 cm और AC = 6 cm हो। फिर ऐसा समरूप त्रिभुज बनाइए जिसकी प्रत्येक भुजा ΔABC की संगत भुजा की 23 गुनी हो।
रचना
BC = 5 cm खींचिए। B और C केंद्र मानकर क्रमशः 4 cm तथा 6 cm त्रिज्या के चाप खींचिए। चाप A पर मिलें; AB और AC मिलाने पर ΔABC बनेगा।B से एक किरण BX खींचकर उस पर तीन समान बिंदु B₁, B₂, B₃ अंकित कीजिए।B₃ को C से मिलाइए। B₂ से B₂C′ ∥ B₃C खींचिए, जो BC को C′ पर काटे।C′ से C′A′ ∥ CA खींचिए, जो BA को A′ पर काटे।तब ΔA′BC′ अभीष्ट त्रिभुज है और उसकी प्रत्येक भुजा ΔABC की संगत भुजा की 23 गुनी है।औचित्य
B₂C′ ∥ B₃C तथा C′A′ ∥ CA होने से ΔA′BC′ ∼ ΔABC।BA′BA = BC′BC = A′C′AC = 23उदाहरण 5: ΔABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 6 cm, AB = 5 cm और ∠ABC = 60° हो। ऐसा समरूप त्रिभुज बनाइए जिसकी भुजाएँ ΔABC की संगत भुजाओं की 34 हों।
रचना
AB = 5 cm खींचकर B पर ∠ABY = 60° बनाइए और किरण पर BC = 6 cm काटिए। AC मिलाकर ΔABC बनाइए।A से एक किरण AX खींचकर उस पर चार समान बिंदु A₁, A₂, A₃, A₄ अंकित कीजिए।A₄ को B से मिलाइए। A₃ से A₃B′ ∥ A₄B खींचिए, जो AB को B′ पर काटे।B′ से B′C′ ∥ BC खींचिए, जो AC को C′ पर काटे।तब ΔAB′C′ अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ΔABC की संगत भुजाओं की 34 हैं।उदाहरण 6: ΔABC बनाइए जिसमें BC = 5 cm, CA = 6 cm तथा AB = 7 cm हो। ऐसा समरूप त्रिभुज बनाइए जिसकी प्रत्येक भुजा ΔABC की संगत भुजा की 75 गुनी हो।
रचना
दिए गए मापों से ΔABC की रचना कीजिए।B से किरण BX खींचकर उस पर सात समान बिंदु B₁, B₂, …, B₇ अंकित कीजिए।B₅ को C से मिलाइए। B₇ से B₇C′ ∥ B₅C खींचिए, जो BC के बढ़े भाग को C′ पर काटे।C′ से C′A′ ∥ CA खींचिए, जो BA के बढ़े भाग को A′ पर काटे।तब ΔA′BC′ अभीष्ट त्रिभुज है और उसकी प्रत्येक भुजा ΔABC की संगत भुजा की 75 गुनी है।5. वृत्त के किसी दिए गए बिंदु पर स्पर्श रेखा
सिद्धांत: वृत्त के स्पर्श-बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु से गुजरने वाली त्रिज्या पर लंब होती है।
उदाहरण 7: O केंद्र से 6 cm व्यास का वृत्त खींचिए और व्यास AOB के सिरों A तथा B पर स्पर्श रेखाएँ खींचिए।
रचना
O केंद्र से 3 cm त्रिज्या का वृत्त खींचिए।एक व्यास AOB खींचिए।B पर AB के लंब CD की रचना कीजिए।CD बिंदु B पर वृत्त की अभीष्ट स्पर्श रेखा है। इसी प्रकार A पर भी OA के लंब स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।6. वृत्त का केंद्र ज्ञात किए बिना दिए गए बिंदु पर स्पर्श रेखा
रचना-विधि:वृत्त पर दिए गए बिंदु P से एक जीवा PQ खींचिए।वृत्त पर P तथा Q से भिन्न कोई बिंदु R लेकर PR तथा QR मिलाइए।PQ के विपरीत ओर P पर ऐसा कोण ∠QPY बनाइए कि ∠QPY = ∠PRQ हो।YP को X तक बढ़ाइए।स्पर्श रेखा–जीवा प्रमेय के विलोम से XPY वृत्त की P पर अभीष्ट स्पर्श रेखा है।
7. वृत्त के बाहर के बिंदु से स्पर्श रेखाएँ
सिद्धांत: बाह्य बिंदु P से केंद्र O वाले वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ बनाने के लिए OP को व्यास मानकर एक सहायक वृत्त बनाया जाता है। दोनों वृत्तों के प्रतिच्छेद-बिंदु स्पर्श-बिंदु होते हैं।
उदाहरण 8: O केंद्र से 3 cm त्रिज्या का वृत्त खींचिए। वृत्त के बाहर बिंदु P इस प्रकार लीजिए कि OP = 8 cm हो। P से वृत्त पर स्पर्श रेखाएँ खींचिए।
रचना
O केंद्र से 3 cm त्रिज्या का वृत्त खींचिए और OP = 8 cm लेकर बाह्य बिंदु P अंकित कीजिए।OP मिलाकर उसका मध्य-बिंदु M ज्ञात कीजिए।M केंद्र और MP त्रिज्या से सहायक वृत्त खींचिए, जो मूल वृत्त को A तथा B पर काटे।PA तथा PB मिलाइए।PA और PB, P से खींची गई अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।औचित्य
सहायक वृत्त में OP व्यास है, इसलिए ∠OAP = ∠OBP = 90°।अतः OA ⟂ PA और OB ⟂ PB। इसलिए PA तथा PB मूल वृत्त की स्पर्श रेखाएँ हैं।उदाहरण 9: 1.8 cm त्रिज्या के वृत्त पर उसके केंद्र O से 2.8 cm दूर स्थित बिंदु P से दो स्पर्श रेखाएँ खींचिए और उनकी लंबाई ज्ञात कीजिए।
रचना
O केंद्र से 1.8 cm त्रिज्या का वृत्त खींचिए और OP = 2.8 cm लेकर P अंकित कीजिए।OP का मध्य-बिंदु M ज्ञात करके M केंद्र और OM त्रिज्या से सहायक वृत्त खींचिए। सहायक वृत्त मूल वृत्त को A और B पर काटे।PA तथा PB मिलाइए। ये दोनों अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।गणना
समकोण ΔOAP में, ∠PAO = 90°।PA² = OP² − OA²PA² = (2.8)² − (1.8)² = 7.84 − 3.24 = 4.60PA = √4.60 ≈ 2.14 cmअतः PA = PB ≈ 2.14 cm।8. अतिरिक्त पुस्तक-शैली के उदाहरण
उदाहरण 10: एक समकोण त्रिभुज ABC में AB = 3 cm, BC = 4 cm और ∠B = 90° है। B, C और D से गुजरने वाले वृत्त पर A से स्पर्श रेखा खींचिए।
रचना
AB = 3 cm और BC = 4 cm परस्पर लंब खींचकर AC मिलाइए।BC के मध्य-बिंदु F को केंद्र और FB = 2 cm त्रिज्या लेकर वृत्त खींचिए। यह AC को D पर काटेगा और B, C, D से गुजरेगा।A को केंद्र मानकर AB = 3 cm त्रिज्या का चाप खींचिए, जो वृत्त को Q पर काटे।AQ मिलाइए।AQ और AB बिंदु A से वृत्त पर खींची गई अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।महत्वपूर्ण परिणाम: एक ही बाह्य बिंदु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ समान होती हैं। यदि PA और PB स्पर्श रेखाएँ हैं, तो PA = PB।
9. त्वरित पुनरावृत्ति
- आंतरिक विभाजन में किरण पर m + n समान भाग बनाए जाते हैं।
- बाह्य विभाजन में अनुपात के अंतर का बिंदु समानांतर रेखा बनाने में उपयोग होता है।
- मापनी गुणक 1 से कम हो तो नया समरूप त्रिभुज छोटा और 1 से अधिक हो तो बड़ा होता है।
- स्पर्श-बिंदु पर त्रिज्या, स्पर्श रेखा पर लंब होती है।
- बाह्य बिंदु और केंद्र को मिलाने वाले रेखाखंड को व्यास मानकर बनाया सहायक वृत्त स्पर्श-बिंदु देता है।
- बाह्य बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं।
10. अभ्यास प्रश्न
- 8 cm लंबे रेखाखंड को 3 : 5 के अनुपात में अंतःविभाजित कीजिए।
- 10 cm लंबे रेखाखंड को 2 : 3 के अनुपात में बाह्यविभाजित कीजिए।
- 5 cm, 6 cm और 7 cm भुजाओं वाला त्रिभुज बनाकर उसकी भुजाओं की 35 गुनी भुजाओं वाला समरूप त्रिभुज बनाइए।
- दिए गए वृत्त के किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा की रचना कीजिए।
- 4 cm त्रिज्या के वृत्त के केंद्र से 7 cm दूर स्थित बिंदु से दो स्पर्श रेखाएँ खींचिए।
- यदि OP = 13 cm और वृत्त की त्रिज्या 5 cm है, तो P से खींची गई स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्रश्न 6 का उत्तर: 12 cm

