Class 10 History Chapter 1 यूरोप में राष्ट्रवाद Notes in Hindi

Class 10 History Chapter 1 यूरोप में राष्ट्रवाद Notes in Hindi
Class 10 History • Chapter 1

यूरोप में राष्ट्रवाद Nationalism in Europe

Bihar Board Class 10 History Chapter 1 के सम्पूर्ण हिंदी नोट्स – फ्रांसीसी क्रांति, नेपोलियन, वियना कांग्रेस, यूरोपीय क्रांतियाँ, इटली-जर्मनी का एकीकरण और बाल्कन राष्ट्रवाद।

1. राष्ट्रवाद का अर्थ

राष्ट्रवाद (Nationalism): वह भावना जिसमें समान इतिहास, संस्कृति, भाषा, परंपराओं तथा राजनीतिक आकांक्षाओं से जुड़े लोग स्वयं को एक राष्ट्र का सदस्य मानते हैं।

18वीं और 19वीं शताब्दी में यूरोप में राष्ट्रवाद एक शक्तिशाली राजनीतिक और सामाजिक विचार के रूप में विकसित हुआ। इसने लोगों में साझा राष्ट्रीय पहचान पैदा की और अनेक आधुनिक राष्ट्र-राज्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2. राष्ट्र-राज्य क्या है?

राष्ट्र-राज्य (Nation-State): ऐसा राज्य जिसमें अधिकांश नागरिक स्वयं को एक समान राष्ट्रीय पहचान से जुड़ा हुआ मानते हैं।

आधुनिक राष्ट्र-राज्यों के बनने से पहले यूरोप अनेक राज्यों, रियासतों और साम्राज्यों में विभाजित था। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग कानून, प्रशासन और राजनीतिक व्यवस्थाएँ थीं।

3. फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद

1789 की फ्रांसीसी क्रांति यूरोप में आधुनिक राष्ट्रवाद के विकास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक थी।

क्रांति से पहले फ्रांस में निरंकुश राजतंत्र था। फ्रांसीसी क्रांति ने इस धारणा को चुनौती दी कि राज्य केवल राजा की संपत्ति है। इसके स्थान पर नागरिकों को राष्ट्र का आधार माना जाने लगा।

फ्रांसीसी क्रांति के प्रमुख सिद्धांत

  • स्वतंत्रता (Liberty)
  • समानता (Equality)
  • बंधुत्व (Fraternity)

क्रांति के बाद प्रमुख परिवर्तन

  • नागरिकों में समानता की भावना को बढ़ावा मिला।
  • राष्ट्रीय ध्वज राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बना।
  • केंद्रीकृत प्रशासन की दिशा में परिवर्तन हुआ।
  • समान कानून लागू करने का प्रयास किया गया।
  • नागरिकता और राष्ट्र की आधुनिक अवधारणा मजबूत हुई।
फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद

फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्रवाद

4. नेपोलियन बोनापार्ट और राष्ट्रवाद

फ्रांसीसी क्रांति के बाद नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस की राजनीति में शक्तिशाली बनकर उभरा। उसने यूरोप के अनेक क्षेत्रों में फ्रांसीसी प्रभाव स्थापित किया।

नेपोलियन संहिता – 1804

1804 में लागू Civil Code को नेपोलियन संहिता (Napoleonic Code) कहा जाता है।

  • कानून के सामने समानता को बढ़ावा मिला।
  • जन्म आधारित विशेषाधिकारों को हटाने की दिशा में परिवर्तन हुआ।
  • संपत्ति के अधिकार को महत्व दिया गया।
  • प्रशासन को अधिक व्यवस्थित बनाया गया।
ध्यान दें: नेपोलियन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में कर, सेंसरशिप और सैन्य भर्ती जैसी नीतियों के कारण विरोध भी उत्पन्न हुआ। इससे विदेशी शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय भावना मजबूत हुई।
नेपोलियन और नेपोलियन संहिता 1804
नेपोलियन एवं नेपोलियन संहिता – 1804

5. वियना कांग्रेस – 1815

नेपोलियन की पराजय के बाद यूरोप की प्रमुख शक्तियाँ 1815 में वियना में एकत्र हुईं। इस सम्मेलन को वियना कांग्रेस (Congress of Vienna) कहा जाता है।

इस सम्मेलन में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्लेमेंस वॉन मेटरनिख (Metternich) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य उद्देश्य

  • यूरोप में पुराने राजवंशों की पुनर्स्थापना।
  • यूरोप में शक्ति-संतुलन स्थापित करना।
  • फ्रांस के विस्तार को नियंत्रित करना।
  • राष्ट्रवादी और उदारवादी आंदोलनों को नियंत्रित करना।
वियना कांग्रेस 1815 Class 10 History
वियना कांग्रेस – 1815

6. रूढ़िवाद (Conservatism)

1815 के बाद यूरोप की अनेक सरकारें रूढ़िवादी विचारधारा से प्रभावित थीं। रूढ़िवादी लोग पारंपरिक संस्थाओं को बनाए रखना चाहते थे।

  • राजतंत्र
  • चर्च
  • सामाजिक पदानुक्रम
  • पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था

हालाँकि बाद में कई रूढ़िवादियों ने यह स्वीकार किया कि सीमित आधुनिकीकरण से राज्य को अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

7. उदारवाद (Liberalism)

उदारवाद: ऐसी विचारधारा जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता, कानून के सामने समानता और प्रतिनिधि शासन को महत्व देती है।

राजनीतिक उदारवाद

  • व्यक्ति की स्वतंत्रता
  • कानून के सामने समानता
  • प्रतिनिधि सरकार
  • निरंकुश शासन का विरोध

आर्थिक उदारवाद

आर्थिक क्षेत्र में उदारवादी बाजार की स्वतंत्रता और व्यापार पर अनावश्यक प्रतिबंध हटाने के पक्ष में थे।

8. जॉलवेरिन (Zollverein)

जॉलवेरिन: जर्मन राज्यों का सीमा शुल्क संघ (Customs Union) था।

इसकी पहल प्रशा (Prussia) ने की। इसके कारण विभिन्न जर्मन राज्यों के बीच व्यापारिक बाधाएँ कम हुईं और आर्थिक एकता को बढ़ावा मिला।

आर्थिक एकीकरण ने आगे चलकर जर्मनी के राजनीतिक एकीकरण के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ तैयार कीं।

9. 1830 एवं 1848 की यूरोपीय क्रांतियाँ

1830 और 1848 के दौरान यूरोप के अनेक भागों में राष्ट्रवादी और उदारवादी आंदोलनों का विस्तार हुआ।

1830 की क्रांति

फ्रांस में 1830 में राजनीतिक क्रांति हुई। इसी दौर में बेल्जियम ने नीदरलैंड के संयुक्त राज्य से अलग होकर स्वतंत्रता प्राप्त की।

1848 की क्रांति

1848 में यूरोप के अनेक क्षेत्रों में लोगों ने संविधान, राजनीतिक स्वतंत्रता, प्रतिनिधि सरकार और राष्ट्रीय एकता की माँग की।

  • संविधान की माँग
  • राजनीतिक स्वतंत्रता
  • प्रतिनिधि शासन
  • राष्ट्रीय एकता
  • नागरिक अधिकार
1830 और 1848 की यूरोपीय क्रांतियाँ
1830 एवं 1848 की यूरोपीय क्रांतियाँ

10. यूनान का स्वतंत्रता संग्राम

19वीं शताब्दी में यूनान के लोगों ने ऑटोमन साम्राज्य के विरुद्ध स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया।

यूनानी आंदोलन को यूरोप के अनेक बुद्धिजीवियों, कलाकारों और राष्ट्रवाद समर्थकों का सहयोग मिला।

इस आंदोलन ने यह स्पष्ट किया कि संस्कृति, इतिहास और साझा विरासत राष्ट्रीय पहचान के शक्तिशाली आधार बन सकते हैं।

11. फ्रैंकफर्ट संसद

1848 में जर्मन क्षेत्रों के राष्ट्रवादी और उदारवादी प्रतिनिधि फ्रैंकफर्ट में एकत्र हुए।

उनका उद्देश्य विभिन्न जर्मन राज्यों को एक संयुक्त राष्ट्र में संगठित करना तथा एक संविधान तैयार करना था।

यह प्रयास तत्काल सफल नहीं हुआ, लेकिन जर्मन राष्ट्रवाद के विकास में फ्रैंकफर्ट संसद का महत्वपूर्ण स्थान है।

12. इटली का एकीकरण

19वीं शताब्दी के मध्य तक इटली कई राज्यों में विभाजित था। कुछ क्षेत्रों पर विदेशी शक्तियों का प्रभाव था।

ज्युसेपे मेजिनी (Giuseppe Mazzini)

मेजिनी इटली का प्रमुख राष्ट्रवादी क्रांतिकारी था। उसने Young Italy नामक संगठन की स्थापना की और एक स्वतंत्र तथा एकीकृत इटली का सपना प्रस्तुत किया।

काउंट कैमिलो डी कैवूर (Count Cavour)

कैवूर सार्डिनिया-पिडमॉन्ट का प्रधानमंत्री था। उसने कूटनीति, राजनीतिक गठबंधनों और रणनीति द्वारा इटली के एकीकरण को आगे बढ़ाया।

ज्युसेपे गैरीबाल्डी (Giuseppe Garibaldi)

गैरीबाल्डी ने दक्षिणी इटली में सैन्य अभियान चलाया। उसके स्वयंसेवक सैनिक Red Shirts के नाम से प्रसिद्ध थे।

विक्टर इमैनुएल द्वितीय

1861 में इटली के राज्य की घोषणा हुई और विक्टर इमैनुएल द्वितीय को उसका राजा बनाया गया।

याद रखें:
मेजिनी → राष्ट्रवादी विचार
कैवूर → कूटनीति
गैरीबाल्डी → सैन्य अभियान
विक्टर इमैनुएल II → राजनीतिक नेतृत्व
इटली का एकीकरण Mazzini Cavour Garibaldi
इटली का एकीकरण

13. जर्मनी का एकीकरण

जर्मनी भी पहले अनेक जर्मन भाषी राज्यों में विभाजित था। इनमें प्रशा (Prussia) सबसे शक्तिशाली राज्यों में से एक था।

ऑटो वॉन बिस्मार्क

ऑटो वॉन बिस्मार्क (Otto von Bismarck) प्रशा का प्रधानमंत्री था और जर्मनी के एकीकरण का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है।

उसने प्रशा की सेना, प्रशासन, युद्ध और कूटनीति का उपयोग करके जर्मन राज्यों को एकीकरण की दिशा में आगे बढ़ाया।

1871: जर्मनी का एकीकरण पूरा हुआ और वर्साय में प्रशा के राजा विलियम प्रथम (William I) को जर्मन सम्राट घोषित किया गया।
जर्मनी का एकीकरण Otto von Bismarck
जर्मनी का एकीकरण – 1871

14. ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य का निर्माण

ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य का निर्माण फ्रांस या जर्मनी की तरह किसी एक बड़ी क्रांति से नहीं हुआ। यह एक लंबी राजनीतिक प्रक्रिया थी।

इंग्लैंड ने धीरे-धीरे वेल्स, स्कॉटलैंड और आयरलैंड पर अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया।

1707 – Act of Union: इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के राजनीतिक संघ के परिणामस्वरूप United Kingdom of Great Britain का निर्माण हुआ।

ब्रिटिश राष्ट्रीय पहचान के निर्माण में अंग्रेजी भाषा और ब्रिटिश संस्थाओं का प्रभाव प्रमुख रहा।

15. राष्ट्रवाद के प्रतीक – Marianne और Germania

राष्ट्रवाद को लोगों तक पहुँचाने के लिए कलाकारों ने राष्ट्रों को मानवीय रूप में प्रस्तुत किया। इसे Personification of Nation कहा जाता है।

Marianne – फ्रांस

Marianne फ्रांसीसी राष्ट्र और गणतंत्र का प्रतीक बनी। वह स्वतंत्रता और गणतांत्रिक आदर्शों का प्रतिनिधित्व करती थी।

Germania – जर्मनी

Germania जर्मन राष्ट्र का प्रतीकात्मक महिला रूप था। यह जर्मन एकता और राष्ट्रीय भावना का प्रतिनिधित्व करती थी।

Marianne and Germania राष्ट्रवाद के प्रतीक
Marianne और Germania – राष्ट्रवाद के प्रतीक

16. रोमांटिकवाद और राष्ट्रवाद

Romanticism एक सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने भावनाओं, लोक संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय विरासत को महत्व दिया।

राष्ट्रवादी विचारकों ने राष्ट्रीय पहचान विकसित करने के लिए निम्न साधनों का उपयोग किया:

  • लोकगीत
  • लोककथाएँ
  • स्थानीय भाषाएँ
  • ऐतिहासिक परंपराएँ
  • सांस्कृतिक प्रतीक

भाषा की भूमिका

भाषा राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम बनी। कई क्षेत्रों में स्थानीय भाषा का संरक्षण विदेशी शासन के विरुद्ध सांस्कृतिक प्रतिरोध का रूप बन गया।

17. बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवाद

बाल्कन क्षेत्र यूरोप में राष्ट्रवादी तनाव का एक प्रमुख केंद्र था। इस क्षेत्र में विभिन्न जातीय और राष्ट्रीय समुदाय रहते थे।

लंबे समय तक बाल्कन का बड़ा हिस्सा ऑटोमन साम्राज्य के नियंत्रण में था। जैसे-जैसे ऑटोमन साम्राज्य कमजोर हुआ, विभिन्न समुदायों ने स्वतंत्र राष्ट्रों की माँग शुरू कर दी।

बाल्कन में तनाव के कारण

  • विभिन्न राष्ट्रीयताओं की स्वतंत्रता की माँग।
  • क्षेत्रीय दावे और आपसी प्रतिस्पर्धा।
  • ऑटोमन साम्राज्य का कमजोर होना।
  • बड़ी यूरोपीय शक्तियों का हस्तक्षेप।
  • तेजी से बढ़ती राष्ट्रवादी भावना।
बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवाद Class 10 History
बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवाद

18. प्रमुख व्यक्तित्व एवं उनका योगदान

व्यक्तित्व प्रमुख योगदान
नेपोलियन बोनापार्ट प्रशासनिक सुधार एवं Napoleonic Code
मेटरनिख 1815 की वियना कांग्रेस में प्रमुख भूमिका
ज्युसेपे मेजिनी इटली में राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार
कैवूर इटली के एकीकरण में कूटनीतिक नेतृत्व
गैरीबाल्डी इटली के एकीकरण में सैन्य योगदान
विक्टर इमैनुएल II एकीकृत इटली के राजा
ऑटो वॉन बिस्मार्क जर्मनी के एकीकरण का प्रमुख नेतृत्व
विलियम I 1871 में जर्मन सम्राट घोषित

19. महत्वपूर्ण तिथियाँ

वर्ष घटना
1789 फ्रांसीसी क्रांति
1804 नेपोलियन संहिता
1815 वियना कांग्रेस
1830 यूरोप में उदारवादी एवं राष्ट्रवादी क्रांतियाँ
1848 यूरोपीय क्रांतियाँ एवं फ्रैंकफर्ट संसद
1861 इटली के राज्य की घोषणा
1871 जर्मनी का एकीकरण

20. महत्वपूर्ण शब्दावली

राष्ट्रवाद: राष्ट्र के प्रति सामूहिक पहचान और एकता की भावना।
राष्ट्र-राज्य: ऐसा राज्य जिसमें नागरिक साझा राष्ट्रीय पहचान रखते हैं।
उदारवाद: व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और प्रतिनिधि शासन पर जोर देने वाली विचारधारा।
रूढ़िवाद: पारंपरिक राजनीतिक और सामाजिक संस्थाओं को बनाए रखने पर जोर देने वाली विचारधारा।
जॉलवेरिन: जर्मन राज्यों का सीमा शुल्क संघ।
मताधिकार: चुनाव में मतदान करने का अधिकार।

21. परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण बिंदु

  1. 1789 की फ्रांसीसी क्रांति ने आधुनिक राष्ट्रवाद को महत्वपूर्ण प्रेरणा दी।
  2. 1804 में Napoleonic Code लागू हुआ।
  3. 1815 में वियना कांग्रेस हुई।
  4. मेटरनिख वियना कांग्रेस का प्रमुख व्यक्तित्व था।
  5. मेजिनी ने Young Italy की स्थापना की।
  6. कैवूर ने इटली के एकीकरण में कूटनीतिक भूमिका निभाई।
  7. गैरीबाल्डी के स्वयंसेवक Red Shirts कहलाते थे।
  8. 1861 में इटली के राज्य की घोषणा हुई।
  9. बिस्मार्क ने जर्मन एकीकरण में केंद्रीय भूमिका निभाई।
  10. 1871 में जर्मनी का एकीकरण हुआ।
  11. Marianne फ्रांस का प्रतीक थी।
  12. Germania जर्मन राष्ट्र का प्रतीक थी।
  13. बाल्कन क्षेत्र राष्ट्रवादी तनाव का महत्वपूर्ण केंद्र बना।

22. महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1. राष्ट्रवाद से क्या समझते हैं?

उत्तर: राष्ट्रवाद वह भावना है जिसमें समान इतिहास, संस्कृति, भाषा और राजनीतिक आकांक्षाओं से जुड़े लोग स्वयं को एक राष्ट्र का सदस्य मानते हैं तथा राष्ट्र के प्रति एकता और निष्ठा रखते हैं।

प्रश्न 2. फ्रांसीसी क्रांति ने राष्ट्रवाद को कैसे बढ़ावा दिया?

उत्तर: फ्रांसीसी क्रांति ने निरंकुश राजतंत्र को चुनौती दी तथा स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के विचारों को बढ़ावा दिया। नागरिकों को राष्ट्र की संप्रभुता का आधार माना गया।

प्रश्न 3. नेपोलियन संहिता क्या थी?

उत्तर: 1804 में नेपोलियन द्वारा लागू Civil Code को नेपोलियन संहिता कहा जाता है। इसने कानून के सामने समानता, संपत्ति के अधिकार तथा प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा दिया।

प्रश्न 4. वियना कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर: नेपोलियन के बाद यूरोप में पुराने राजवंशों को पुनः स्थापित करना, शक्ति-संतुलन बनाना तथा राष्ट्रवादी और उदारवादी आंदोलनों को नियंत्रित करना इसका प्रमुख उद्देश्य था।

प्रश्न 5. मेजिनी कौन था?

उत्तर: ज्युसेपे मेजिनी इटली का राष्ट्रवादी क्रांतिकारी था। उसने Young Italy की स्थापना की और स्वतंत्र तथा एकीकृत इटली का समर्थन किया।

प्रश्न 6. इटली के एकीकरण में कैवूर की भूमिका बताइए।

उत्तर: कैवूर सार्डिनिया-पिडमॉन्ट का प्रधानमंत्री था। उसने कूटनीति, राजनीतिक गठबंधनों और रणनीतिक युद्धों के माध्यम से इटली के एकीकरण को आगे बढ़ाया।

प्रश्न 7. गैरीबाल्डी का योगदान क्या था?

उत्तर: गैरीबाल्डी ने अपने Red Shirts स्वयंसेवकों के साथ दक्षिणी इटली में सैन्य अभियान चलाया और उन क्षेत्रों को इटली के एकीकरण की प्रक्रिया में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 8. जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका बताइए।

उत्तर: बिस्मार्क प्रशा का प्रधानमंत्री था। उसने प्रशा की सैन्य शक्ति, कूटनीति और युद्धों का उपयोग करके जर्मन राज्यों को एकीकृत किया। 1871 में जर्मन साम्राज्य की स्थापना हुई।

प्रश्न 9. जॉलवेरिन क्या था?

उत्तर: जॉलवेरिन जर्मन राज्यों का सीमा शुल्क संघ था जिसने राज्यों के बीच व्यापारिक बाधाएँ कम कीं और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा दिया।

प्रश्न 10. बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवादी तनाव क्यों बढ़ा?

उत्तर: ऑटोमन साम्राज्य के कमजोर होने, विभिन्न राष्ट्रीयताओं की स्वतंत्रता की माँग, क्षेत्रीय दावों और यूरोपीय शक्तियों के हस्तक्षेप के कारण बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवादी तनाव बढ़ा।

23. महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न: इटली के एकीकरण का वर्णन कीजिए।

उत्तर: 19वीं शताब्दी में इटली अनेक राज्यों में विभाजित था। मेजिनी ने राष्ट्रीय एकता की विचारधारा को लोकप्रिय बनाया। सार्डिनिया-पिडमॉन्ट के प्रधानमंत्री कैवूर ने कूटनीतिक प्रयासों और गठबंधनों के माध्यम से एकीकरण को आगे बढ़ाया। गैरीबाल्डी ने अपने Red Shirts के साथ दक्षिणी इटली में सैन्य अभियान चलाया। 1861 में इटली के राज्य की घोषणा हुई और विक्टर इमैनुएल द्वितीय राजा बने। बाद में अन्य क्षेत्रों के जुड़ने से इटली का एकीकरण पूरा हुआ।

प्रश्न: जर्मनी के एकीकरण की प्रक्रिया समझाइए।

उत्तर: जर्मनी अनेक राज्यों में विभाजित था। जॉलवेरिन ने आर्थिक एकता को बढ़ावा दिया। राजनीतिक एकीकरण का नेतृत्व प्रशा ने किया। प्रशा के प्रधानमंत्री ऑटो वॉन बिस्मार्क ने सैन्य शक्ति, कूटनीति और युद्धों के माध्यम से जर्मन राज्यों को एकजुट किया। 1871 में वर्साय में विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया और जर्मन साम्राज्य की स्थापना हुई।

24. Quick Revision

1789 → फ्रांसीसी क्रांति

1804 → नेपोलियन संहिता

1815 → वियना कांग्रेस

1830 → उदारवादी एवं राष्ट्रवादी क्रांतियाँ

1848 → यूरोपीय क्रांतियाँ + फ्रैंकफर्ट संसद

1861 → इटली के राज्य की घोषणा

1871 → जर्मनी का एकीकरण


एक लाइन में याद करें:
फ्रांसीसी क्रांति ने आधुनिक राष्ट्रवाद को बल दिया → मेजिनी ने इटली की राष्ट्रीय एकता का विचार फैलाया → कैवूर और गैरीबाल्डी ने इटली के एकीकरण को आगे बढ़ाया → बिस्मार्क ने प्रशा के नेतृत्व में जर्मनी को एकीकृत किया।

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