त्रिभुज के प्रकार, कोण-योगफल, बाह्य कोण प्रमेय, माध्यिका, सर्वांगसमता, SAS, ASA, SSS, RHS तथा समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों का सरल अध्ययन।
विषय-सूची / Table of Contents
1. त्रिभुज का परिचय / Introduction to Triangle
△ABC में AB, BC और CA इसकी भुजाएँ हैं तथा ∠BAC, ∠ABC और ∠ACB इसके तीन कोण हैं। A, B और C त्रिभुज के शीर्ष कहलाते हैं।
2. त्रिभुज के अंग / Parts of a Triangle
3. भुजाओं के आधार पर त्रिभुजों का वर्गीकरण
4. कोणों के आधार पर त्रिभुजों का वर्गीकरण
| त्रिभुज | पहचान |
|---|---|
| न्यूनकोण त्रिभुज | तीनों कोण 90° से छोटे होते हैं। |
| समकोण त्रिभुज | एक कोण ठीक 90° होता है। |
| अधिककोण त्रिभुज | एक कोण 90° से अधिक होता है। |
5. त्रिभुज के बाह्य कोण / Exterior Angles
त्रिभुज की किसी भुजा को आगे बढ़ाने पर विस्तारित भुजा और उसकी संलग्न भुजा के बीच बनने वाला कोण त्रिभुज का बाह्य कोण कहलाता है।
6. त्रिभुज की माध्यिका / Median of a Triangle
प्रत्येक त्रिभुज में तीन माध्यिकाएँ होती हैं और वे एक ही बिंदु पर मिलती हैं।
7. त्रिभुज का कोण-योगफल प्रमेय
संक्षिप्त प्रमाण
- शीर्ष A से भुजा BC के समानांतर एक रेखा खींचें।
- एकांतर अंतःकोणों के कारण B और C के कोण, A पर बने संबंधित कोणों के बराबर होंगे।
- A पर एक सीधी रेखा पर बने तीनों कोणों का योग 180° होगा।
- अतः ∠A + ∠B + ∠C = 180°।
∠C = 180° − (80° + 60°)
∠C = 40°
8. बाह्य कोण प्रमेय / Exterior Angle Theorem
उपप्रमेय
त्रिभुज का प्रत्येक बाह्य कोण उसके किसी भी एक अंतःअभिमुख कोण से बड़ा होता है।
55° + 65° = 120°
9. आकृतियों की सर्वांगसमता / Congruence of Figures
यदि एक आकृति को बिना मोड़े या उसका आकार बदले दूसरी आकृति पर रखने से वह उसे पूरी तरह ढक देती है, तो दोनों आकृतियाँ सर्वांगसम हैं।
10. रेखाखंडों एवं कोणों की सर्वांगसमता
11. संगत भुजाएँ एवं संगत कोण
दो त्रिभुजों को एक-दूसरे पर रखने पर जो शीर्ष, भुजाएँ और कोण परस्पर मिलते हैं, उन्हें उनके संगत भाग कहते हैं।
| △ABC | △DEF का संगत भाग |
|---|---|
| A | D |
| B | E |
| C | F |
| AB | DE |
| BC | EF |
| AC | DF |
12. त्रिभुजों की सर्वांगसमता एवं CPCT
दो त्रिभुज तब सर्वांगसम होते हैं जब उनकी संगत भुजाएँ तथा संगत कोण बराबर हों।
तब निम्नलिखित परिणाम प्राप्त होते हैं:
- AB = DE, BC = EF और AC = DF
- ∠A = ∠D, ∠B = ∠E और ∠C = ∠F
13–16. त्रिभुजों की सर्वांगसमता के नियम
यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण दूसरे त्रिभुज की संगत दो भुजाओं और उनके बीच के कोण के बराबर हों।
भुजा–कोण–भुजायदि एक त्रिभुज के दो कोण और उनके बीच की भुजा दूसरे त्रिभुज के संगत दो कोणों और उनके बीच की भुजा के बराबर हों।
कोण–भुजा–कोणयदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की तीनों संगत भुजाओं के बराबर हों।
भुजा–भुजा–भुजादो समकोण त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं यदि उनके कर्ण और एक संगत भुजा बराबर हों।
समकोण–कर्ण–भुजा17. समद्विबाहु त्रिभुज के गुण
प्रमाण का आधार
शीर्ष A से आधार BC पर कोण समद्विभाजक AD खींचने पर △ABD और △ACD को SAS अथवा ASA नियम से सर्वांगसम सिद्ध किया जा सकता है। इसके बाद शेष संगत भागों की बराबरी CPCT से प्राप्त होती है।
18. शीर्षलंब, माध्यिका और कोण समद्विभाजक
| विशेष रेखा | अर्थ |
|---|---|
| शीर्षलंब | शीर्ष से सामने वाली भुजा पर खींचा गया लंब। |
| माध्यिका | शीर्ष को सामने वाली भुजा के मध्य-बिंदु से मिलाने वाला रेखाखंड। |
| कोण समद्विभाजक | किसी कोण को दो बराबर भागों में बाँटने वाली किरण या रेखाखंड। |
19. महत्वपूर्ण हल उदाहरण / Solved Examples
तीसरा कोण = 180° − (45° + 75°)
उत्तर: 60°
दूसरा कोण = 125° − 55°
उत्तर: 70°
उत्तर: SAS नियम।
उत्तर: हाँ, RHS नियम से दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं।
20. अभ्यास प्रश्न / Practice Questions
- त्रिभुज की परिभाषा लिखिए और उसके छह अंगों के नाम बताइए।
- भुजाओं के आधार पर त्रिभुज कितने प्रकार के होते हैं?
- न्यूनकोण, समकोण और अधिककोण त्रिभुज को परिभाषित कीजिए।
- त्रिभुज के कोण-योगफल प्रमेय का कथन लिखिए।
- त्रिभुज के बाह्य कोण प्रमेय को लिखिए।
- माध्यिका और शीर्षलंब में अंतर बताइए।
- सर्वांगसम आकृतियाँ किसे कहते हैं?
- संगत भुजाओं और संगत कोणों का क्या अर्थ है?
- CPCT का पूरा नाम और अर्थ लिखिए।
- SAS, ASA, SSS और RHS नियमों के कथन लिखिए।
- समद्विबाहु त्रिभुज के दो प्रमुख गुण लिखिए।
- क्या AAA सर्वांगसमता का नियम है? कारण दीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQs
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग कितना होता है?
प्रत्येक त्रिभुज के तीनों अंतःकोणों का योग 180° होता है।
समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण कितना होता है?
समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है।
CPCT का अर्थ क्या है?
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं।
क्या SSA सर्वांगसमता का सामान्य नियम है?
नहीं, SSA की जानकारी सामान्यतः त्रिभुज की सर्वांगसमता निश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं होती।
RHS नियम किन त्रिभुजों पर लागू होता है?
RHS नियम केवल समकोण त्रिभुजों पर लागू होता है।
त्वरित पुनरावृत्ति / Quick Revision
- त्रिभुज में तीन भुजाएँ, तीन शीर्ष और तीन कोण होते हैं।
- त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
- बाह्य कोण दो अंतःअभिमुख कोणों के योग के बराबर होता है।
- सर्वांगसमता के मुख्य नियम SAS, ASA, SSS और RHS हैं।
- सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं—CPCT।
- समद्विबाहु त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं।
