Class 9 Mathematics
ज्यामितीय बनावट (रचनाएँ)
Geometrical Constructions
Geometrical Constructions
रेखाखंड का लंब समद्विभाजक, विभिन्न कोणों की रचना, कोण का समद्विभाजन तथा दिए गए मापों से त्रिभुज बनाने की संपूर्ण विधियाँ।
1. ज्यामितीय रचना का परिचय
ज्यामितीय रचना: निश्चित ज्यामितीय नियमों का पालन करते हुए
स्केल और परकार की सहायता से रेखा, कोण, त्रिभुज तथा अन्य आकृतियाँ बनाने
की प्रक्रिया को ज्यामितीय रचना कहते हैं।
शुद्ध ज्यामितीय रचना में मुख्यतः बिना माप वाले स्केल और परकार का प्रयोग किया जाता है। कोणमापक का प्रयोग केवल कोण की जाँच के लिए किया जा सकता है।
इस अध्याय का उद्देश्य केवल आकृति बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक रचना के पीछे
प्रयुक्त ज्यामितीय गुण को समझना भी है।
2. प्रमेय और रचना-निर्मेय में अंतर
| साध्य | अर्थ |
|---|---|
| प्रमेय (Theorem) | जिसमें किसी ज्यामितीय कथन की सत्यता को तर्क और प्रमाण से सिद्ध किया जाता है। |
| रचना-निर्मेय (Construction Problem) | जिसमें दिए गए मापों और शर्तों के अनुसार ज्यामितीय आकृति बनाई जाती है। |
3. रचना-निर्मेय के पाँच मुख्य भाग
- पुनर्कथन: क्या दिया गया है और क्या बनाना है।
- विश्लेषण: वांछित आकृति बनाने की उपयुक्त योजना।
- पूर्ण आकृति: बनाई जाने वाली आकृति का नामांकित चित्र।
- रचना के चरण: रचना की क्रमबद्ध और स्पष्ट विधि।
- प्रमाण या उपपत्ति: यह दिखाना कि बनी आकृति आवश्यक शर्तें पूरी करती है।
इस अध्याय में मुख्य ध्यान स्पष्ट चित्र और क्रमबद्ध रचना-चरणों पर रखा गया है।
4. रचना करते समय आवश्यक सावधानियाँ
- चित्र साफ और उचित आकार में बनाइए।
- रचना-रेखाएँ पतली तथा आवश्यक रेखाएँ स्पष्ट रखिए।
- अनावश्यक रूप से रबर का प्रयोग न करें।
- परकार के चाप स्पष्ट रखें, लेकिन बहुत गहरे न बनाएँ।
- जिन चापों के प्रतिच्छेद से बिंदु मिला हो, उन चापों को मिटाएँ नहीं।
- सभी बिंदुओं और रेखाखंडों का सही नामांकन करें।
- रचना के चरण उसी क्रम में लिखें जिस क्रम में आकृति बनाई गई है।
5. आवश्यक ज्यामितीय उपकरण
| उपकरण | प्रयोग |
|---|---|
| अंशांकित स्केल | रेखाखंड खींचने और लंबाई मापने के लिए। |
| परकार | चाप, वृत्त तथा बराबर दूरियाँ बनाने के लिए। |
| डिवाइडर | एक दूरी को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए। |
| सेट-स्क्वायर | 30°, 45°, 60° और 90° के कोण बनाने के लिए। |
| कोणमापक | निर्मित कोण की माप जाँचने के लिए। |
| पेंसिल | साफ तथा पतली रचना-रेखाएँ खींचने के लिए। |
6. रेखाखंड का लंब समद्विभाजक बनाना
किसी रेखाखंड को उसके मध्यबिंदु पर 90° के कोण से काटने वाली रेखा उस
रेखाखंड की लंब समद्विभाजक कहलाती है।
रचना के चरण
- दिया गया रेखाखंड AB खींचिए।
- A को केंद्र मानकर AB के आधे से अधिक त्रिज्या का चाप लगाइए।
- उसी त्रिज्या से B को केंद्र मानकर पहले चाप को P और Q पर काटिए।
- P और Q को मिलाइए। यह रेखा AB को M पर काटेगी।
- PQ, रेखाखंड AB की लंब समद्विभाजक है।
AM = MB तथा PQ ⟂ AB
P और Q दोनों A तथा B से समान दूरी पर हैं। इसलिए P और Q को मिलाने वाली
रेखा AB की लंब समद्विभाजक होती है।
7. प्रारंभिक किरण पर 60° का कोण बनाना
रचना के चरण
- किरण AB खींचिए और A को प्रारंभिक बिंदु मानिए।
- A को केंद्र मानकर किसी सुविधाजनक त्रिज्या से चाप लगाइए, जो AB को D पर काटे।
- D को केंद्र और उसी त्रिज्या से पहले चाप को E पर काटिए।
- A तथा E को मिलाकर किरण AC खींचिए।
- तब ∠CAB = 60° होगा।
रचना से AD = AE = DE होता है। इसलिए ΔADE समबाहु त्रिभुज है और
उसके प्रत्येक कोण की माप 60° है। अतः ∠CAB = 60°।
8. दिए गए कोण का समद्विभाजक बनाना
किसी कोण को दो बराबर कोणों में बाँटने वाली किरण उस कोण की
समद्विभाजक कहलाती है।
- दिया गया ∠ABC बनाइए।
- B को केंद्र मानकर चाप खींचिए, जो BA और BC को क्रमशः E तथा D पर काटे।
- E और D को केंद्र मानकर समान त्रिज्या के दो चाप लगाइए, जो P पर मिलें।
- B और P को मिलाइए। BP, ∠ABC की समद्विभाजक होगी।
∠ABP = ∠PBC
ΔBEP और ΔBDP में BE = BD, EP = DP तथा BP उभयनिष्ठ है।
अतः SSS से दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं। इसलिए ∠EBP = ∠DBP।
9. 15°, 30°, 45°, 75° और 90° के कोणों की रचना
| कोण | रचना का आधार |
|---|---|
| 30° | 60° के कोण को समद्विभाजित करें। |
| 90° | किसी रेखा पर उसके बिंदु से लंब खींचें। |
| 15° | 30° के कोण को समद्विभाजित करें। |
| 45° | 90° के कोण को समद्विभाजित करें। |
| 75° | 60° और 90° के बीच के 30° कोण को समद्विभाजित करें: 60° + 15°। |
30° = 60° ÷ 2 |
15° = 30° ÷ 2 |
45° = 90° ÷ 2 |
75° = 60° + 15°
10. आधार, एक आधार कोण और अन्य दो भुजाओं के योग से त्रिभुज
दिया है: आधार BC, आधार कोण ∠B तथा शेष दो भुजाओं का
योग AB + AC। त्रिभुज ABC की रचना करनी है।
- दिए गए माप के बराबर BC खींचिए।
- B पर दिए गए कोण के बराबर ∠YBC बनाइए।
- किरण BY पर AB + AC के बराबर BD काटिए।
- D को C से मिलाइए।
- DC का लंब समद्विभाजक खींचिए, जो BY को A पर काटे।
- A को C से मिलाइए। प्राप्त ΔABC अभीष्ट त्रिभुज है।
A, DC की लंब समद्विभाजक पर है, इसलिए AD = AC। अब BD = BA + AD
= BA + AC। अतः बने त्रिभुज की दोनों भुजाओं का योग दिए गए योग के बराबर है।
यह रचना तभी संभव है जब AB + AC > BC हो।
11. आधार, आधार कोण और अन्य दो भुजाओं के अंतर से त्रिभुज
दिया है: आधार BC, आधार कोण ∠B तथा अन्य दो भुजाओं का
अंतर AB − AC या AC − AB।
स्थिति 1: AB > AC
- आधार BC और B पर दिया गया कोण बनाइए।
- कोण की किरण पर AB − AC के बराबर BD काटिए।
- D को C से मिलाकर DC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
- लंब समद्विभाजक कोण की किरण को A पर काटे।
- A को C से मिलाइए। ΔABC अभीष्ट त्रिभुज है।
AD = AC, इसलिए AB − AC = AB − AD = BD
स्थिति 2: AB < AC
- पहली स्थिति की तरह BC तथा ∠B बनाइए।
- कोण की विपरीत दिशा में AC − AB के बराबर BD काटिए।
- D को C से मिलाकर DC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
- समद्विभाजक और कोण की किरण का प्रतिच्छेद A मानिए।
- A तथा C को मिलाकर अभीष्ट ΔABC प्राप्त कीजिए।
12. परिमाप और दो आधार कोणों से त्रिभुज की रचना
दिया है: त्रिभुज का परिमाप तथा आधार के दोनों कोण
∠B और ∠C।
- दिए गए परिमाप के बराबर रेखाखंड XY खींचिए।
- X पर दिए गए ∠B तथा Y पर दिए गए ∠C के बराबर कोण बनाइए।
- दोनों कोणों की समद्विभाजक खींचिए; उनका प्रतिच्छेद A मानिए।
- AX और AY के लंब समद्विभाजक खींचिए।
- ये XY को क्रमशः B और C पर काटें।
- A को B तथा C से मिलाइए। ΔABC अभीष्ट त्रिभुज है।
लंब समद्विभाजक के गुण से XB = AB तथा CY = AC। इसलिए
XY = XB + BC + CY = AB + BC + AC, जो दिए गए परिमाप के बराबर है।
दिए गए दोनों आधार कोणों का योग 180° से कम होना चाहिए।
13. हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: 30° का कोण कैसे बनाया जाएगा?
हल: पहले 60° का कोण बनाकर उसकी समद्विभाजक खींचेंगे। प्रत्येक भाग 30° का होगा।
हल: पहले 60° का कोण बनाकर उसकी समद्विभाजक खींचेंगे। प्रत्येक भाग 30° का होगा।
उदाहरण 2: 75° का कोण कैसे बनाया जाएगा?
हल: एक ही प्रारंभिक किरण पर 60° और 90° के कोण बनाइए। इनके बीच का कोण 30° होगा। उसे समद्विभाजित करने पर 15° मिलेगा। अतः 60° + 15° = 75°।
हल: एक ही प्रारंभिक किरण पर 60° और 90° के कोण बनाइए। इनके बीच का कोण 30° होगा। उसे समद्विभाजित करने पर 15° मिलेगा। अतः 60° + 15° = 75°।
उदाहरण 3: AB = 6 सेमी का लंब समद्विभाजक बनाना है।
हल: A और B को केंद्र मानकर 3 सेमी से अधिक समान त्रिज्या के चाप लगाएँ। दोनों प्रतिच्छेद बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा AB की लंब समद्विभाजक होगी।
हल: A और B को केंद्र मानकर 3 सेमी से अधिक समान त्रिज्या के चाप लगाएँ। दोनों प्रतिच्छेद बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा AB की लंब समद्विभाजक होगी।
14. अभ्यास प्रश्न
- ज्यामितीय रचना और प्रमेय में अंतर लिखिए।
- रचना-निर्मेय के पाँच मुख्य भागों के नाम लिखिए।
- 8 सेमी लंबे रेखाखंड का लंब समद्विभाजक बनाइए।
- स्केल और परकार से 60° का कोण बनाइए।
- दिए गए कोण की समद्विभाजक बनाइए।
- 30°, 45°, 75° तथा 90° के कोण बनाइए।
- आधार, एक आधार कोण तथा अन्य दो भुजाओं का योग दिए रहने पर त्रिभुज बनाइए।
- आधार, आधार कोण तथा शेष भुजाओं का अंतर दिए रहने पर त्रिभुज बनाइए।
- परिमाप और दोनों आधार कोण दिए रहने पर त्रिभुज बनाइए।
15. महत्वपूर्ण परिणाम और Quick Revision
- लंब समद्विभाजक रेखाखंड को दो बराबर भागों में 90° पर काटती है।
- 60° की रचना समबाहु त्रिभुज के गुण पर आधारित है।
- 30° पाने के लिए 60° और 45° पाने के लिए 90° को समद्विभाजित करते हैं।
- 15° = 30°/2 तथा 75° = 60° + 15°।
- कोण की समद्विभाजक उसे दो बराबर कोणों में बाँटती है।
- दो भुजाओं के योग से त्रिभुज तभी बनेगा जब उनका योग आधार से बड़ा हो।
- त्रिभुज के दोनों आधार कोणों का योग 180° से कम होना आवश्यक है।
- रचना में चाप और सहायक रेखाएँ प्रमाण का महत्वपूर्ण भाग होती हैं।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
ज्यामितीय रचना में मुख्य उपकरण कौन-से हैं?
स्केल, परकार और पेंसिल मुख्य उपकरण हैं।
30° का कोण कैसे बनाते हैं?
60° के कोण को समद्विभाजित करके 30° का कोण बनाया जाता है।
रेखाखंड की लंब समद्विभाजक की क्या विशेषता है?
यह रेखाखंड को उसके मध्यबिंदु पर 90° के कोण से काटती है।
परिमाप से त्रिभुज की रचना में XY क्या दर्शाता है?
XY की लंबाई बनने वाले त्रिभुज की तीनों भुजाओं के कुल योग के बराबर होती है।
