Bihar Board Class 9 Maths वृत्त (Circles) Complete Notes in Hindi

Class 9 Mathematics
वृत्त (Circles) – Complete Notes in Hindi

वृत्त के प्रमुख अवयव, जीवा, चाप, केंद्र से दूरी, कोण संबंधी प्रमेय, चक्रीय चतुर्भुज, उदाहरण और महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल एवं व्यवस्थित नोट्स।

1. वृत्त का परिचय (Introduction to Circle)

परिभाषा: समतल में किसी निश्चित बिंदु से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं से बनी बंद आकृति को वृत्त कहते हैं। निश्चित बिंदु को वृत्त का केंद्र तथा निश्चित दूरी को त्रिज्या कहते हैं।
O A r
OA = r, जहाँ O केंद्र तथा r त्रिज्या है।

2. वृत्त के प्रमुख अवयव (Parts of a Circle)

अवयवपरिभाषा
केंद्रवृत्त के सभी बिंदुओं से समान दूरी पर स्थित निश्चित बिंदु।
त्रिज्याकेंद्र को वृत्त के किसी बिंदु से मिलाने वाला रेखाखंड।
जीवावृत्त के किन्हीं दो बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड।
व्यासकेंद्र से होकर गुजरने वाली जीवा। यह वृत्त की सबसे लंबी जीवा है।
परिधिवृत्त की सीमा की कुल लंबाई।
छेदक रेखावृत्त को दो अलग-अलग बिंदुओं पर काटने वाली रेखा।
व्यास (d) = 2r   तथा   त्रिज्या (r) = d/2
प्रत्येक व्यास एक जीवा है, लेकिन प्रत्येक जीवा व्यास नहीं होती।

3. चाप, वृत्तखंड और त्रिज्यखंड

  • चाप: वृत्त की परिधि के दो बिंदुओं के बीच का भाग।
  • लघु चाप: परिधि का छोटा भाग।
  • दीर्घ चाप: परिधि का बड़ा भाग।
  • अर्धवृत्त: व्यास द्वारा बनाया गया आधा वृत्त।
  • वृत्तखंड: एक जीवा और उसके संबंधित चाप से घिरा क्षेत्र।
  • त्रिज्यखंड: दो त्रिज्याओं और उनके बीच के चाप से घिरा क्षेत्र।

4. सर्वांगसम वृत्त और समान चाप

जिन वृत्तों की त्रिज्याएँ बराबर होती हैं, वे सर्वांगसम वृत्त कहलाते हैं।
यदि r₁ = r₂, तो वृत्त C(O₁,r₁) ≅ वृत्त C(O₂,r₂)

एक ही वृत्त या सर्वांगसम वृत्तों में बराबर जीवाएँ बराबर चाप काटती हैं। इसका विलोम भी सत्य है—बराबर चापों की संगत जीवाएँ बराबर होती हैं।

5. जीवा द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण

प्रमेय 1: एक ही वृत्त अथवा सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।
यदि AB = CD, तो ∠AOB = ∠COD
संक्षिप्त प्रमाण: ΔAOB और ΔCOD में OA = OC तथा OB = OD क्योंकि ये त्रिज्याएँ हैं। साथ ही AB = CD दिया है। अतः SSS नियम से ΔAOB ≅ ΔCOD। इसलिए CPCT से ∠AOB = ∠COD।
विलोम: यदि एक ही वृत्त में दो जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं, तो वे जीवाएँ बराबर होती हैं।
यदि ∠AOB = ∠COD, तो AB = CD

6. केंद्र से जीवा पर खींचा गया लंब

प्रमेय 2: वृत्त के केंद्र से किसी जीवा पर डाला गया लंब उस जीवा को समद्विभाजित करता है।
यदि OM ⟂ AB, तो AM = MB
O A B M
ΔOMA तथा ΔOMB में OA = OB, OM उभयनिष्ठ और ∠OMA = ∠OMB = 90°। अतः RHS नियम से दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं। इसलिए AM = MB।
विलोम: केंद्र से होकर जीवा के मध्यबिंदु को मिलाने वाली रेखा उस जीवा पर लंब होती है।
यदि AM = MB, तो OM ⟂ AB

7. तीन असंरेखीय बिंदुओं से गुजरने वाला वृत्त

तीन असंरेखीय बिंदुओं से होकर केवल एक वृत्त खींचा जा सकता है।

तीनों बिंदुओं को मिलाकर त्रिभुज बनाइए। इसकी किन्हीं दो भुजाओं के लंब समद्विभाजक खींचिए। उनका प्रतिच्छेद बिंदु वृत्त का केंद्र होगा। इस केंद्र से किसी एक बिंदु तक की दूरी वृत्त की त्रिज्या होगी।

तीनों बिंदु एक ही सीधी रेखा पर हों तो उनके माध्यम से कोई वृत्त नहीं बनाया जा सकता।

8. बराबर जीवाएँ और केंद्र से उनकी दूरी

केंद्र से किसी जीवा की दूरी उस जीवा पर केंद्र से खींचे गए लंब की लंबाई होती है।
प्रमेय 3: एक ही वृत्त अथवा सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं।
यदि AB = CD, तो OM = ON
OM ⟂ AB तथा ON ⟂ CD खींचें। लंब जीवा को समद्विभाजित करता है, इसलिए AM = AB/2 और CN = CD/2। AB = CD होने से AM = CN। अब समकोण त्रिभुज OMA और ONC में OA = OC तथा AM = CN। RHS से दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं। अतः OM = ON।
विलोम: केंद्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ बराबर होती हैं।
यदि OM = ON, तो AB = CD
केंद्र के निकट वाली जीवा लंबी और केंद्र से दूर वाली जीवा छोटी होती है।

9. चाप द्वारा अंतरित कोण

किसी चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण, उसी चाप द्वारा वृत्त के शेष भाग के किसी बिंदु पर अंतरित कोण का दोगुना होता है।
∠POQ = 2∠PAQ
P Q A O

यह परिणाम लघु चाप, अर्धवृत्त तथा दीर्घ चाप—तीनों स्थितियों में सत्य है।

10. एक ही वृत्तखंड में बने कोण

एक ही वृत्तखंड में स्थित सभी कोण बराबर होते हैं।
यदि A और B एक ही वृत्तखंड में हैं, तो ∠PAQ = ∠PBQ
चाप PQ द्वारा केंद्र पर बना कोण ∠POQ = 2∠PAQ तथा ∠POQ = 2∠PBQ। इसलिए 2∠PAQ = 2∠PBQ और अतः ∠PAQ = ∠PBQ।
यदि एक रेखाखंड दो अन्य बिंदुओं पर समान कोण अंतरित करता है और दोनों बिंदु रेखाखंड के एक ही ओर हों, तो चारों बिंदु एक ही वृत्त पर स्थित होते हैं।

11. अर्धवृत्त में बना कोण

अर्धवृत्त में बना कोण सदैव समकोण होता है।
यदि AB वृत्त का व्यास है और C वृत्त पर कोई बिंदु है, तो ∠ACB = 90°
व्यास AB द्वारा केंद्र पर बना कोण ∠AOB = 180° होता है। परिधि पर बना कोण इसका आधा होगा। अतः ∠ACB = ½ × 180° = 90°।
  • दीर्घ वृत्तखंड में स्थित कोण 90° से छोटा होता है।
  • लघु वृत्तखंड में स्थित कोण 90° से बड़ा होता है।
  • जो चाप परिधि पर समकोण बनाता है, वह अर्धवृत्त होता है।

12. चक्रीय चतुर्भुज (Cyclic Quadrilateral)

जिस चतुर्भुज के चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर स्थित हों, उसे चक्रीय चतुर्भुज कहते हैं।
चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के प्रत्येक युग्म का योग 180° होता है।
∠A + ∠C = 180°   तथा   ∠B + ∠D = 180°
विलोम: यदि किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के एक युग्म का योग 180° हो, तो वह चतुर्भुज चक्रीय होता है।
यदि ∠A + ∠C = 180°, तो ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।
चक्रीय चतुर्भुज का बाह्य कोण उसके सम्मुख अंतःकोण के बराबर होता है।

13. हल किए गए उदाहरण (Solved Examples)

उदाहरण 1: किसी वृत्त की त्रिज्या 7 सेमी है। उसका व्यास ज्ञात करें।
हल: d = 2r = 2 × 7 = 14 सेमी
उदाहरण 2: एक चाप द्वारा केंद्र पर बनाया गया कोण 100° है। उसी चाप द्वारा परिधि पर बनाया गया कोण ज्ञात करें।
हल: परिधि पर कोण = ½ × 100° = 50°
उदाहरण 3: चक्रीय चतुर्भुज ABCD में ∠A = 72° है। ∠C ज्ञात करें।
हल: ∠A + ∠C = 180°
∠C = 180° − 72° = 108°
उदाहरण 4: वृत्त की बराबर जीवाएँ AB और CD केंद्र से क्रमशः 5 सेमी तथा x सेमी दूरी पर हैं। x ज्ञात करें।
हल: बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं। अतः x = 5 सेमी
उदाहरण 5: AB वृत्त का व्यास है तथा C परिधि पर एक बिंदु है। यदि ∠BAC = 35° हो, तो ∠ABC ज्ञात करें।
हल: ∠ACB = 90°। इसलिए ∠ABC = 180° − 90° − 35° = 55°

14. अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)

  1. वृत्त, त्रिज्या, जीवा और व्यास की परिभाषाएँ लिखिए।
  2. सिद्ध कीजिए कि वृत्त का व्यास उसकी सबसे लंबी जीवा है।
  3. सिद्ध कीजिए कि बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।
  4. केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है—सिद्ध करें।
  5. एक ही वृत्तखंड में बने कोणों के संबंध को लिखिए।
  6. सिद्ध कीजिए कि अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है।
  7. चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का संबंध लिखिए।
  8. चक्रीय चतुर्भुज में ∠A = 95° हो तो ∠C ज्ञात कीजिए।
  9. केंद्र पर कोण 136° हो तो उसी चाप द्वारा परिधि पर बना कोण ज्ञात कीजिए।
  10. चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम लिखिए।

15. महत्वपूर्ण परिणाम एवं Quick Revision

  1. व्यास वृत्त की सबसे लंबी जीवा है तथा d = 2r।
  2. बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।
  3. केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करने वाली जीवाएँ बराबर होती हैं।
  4. केंद्र से जीवा पर खींचा गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।
  5. बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं।
  6. केंद्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ बराबर होती हैं।
  7. चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।
  8. एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं।
  9. अर्धवृत्त में बना कोण 90° होता है।
  10. चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
  11. चक्रीय चतुर्भुज का बाह्य कोण सम्मुख अंतःकोण के बराबर होता है।

16. सामान्य प्रश्न (FAQ)

वृत्त की सबसे लंबी जीवा कौन-सी होती है?

व्यास वृत्त की सबसे लंबी जीवा होती है।

अर्धवृत्त में बना कोण कितना होता है?

अर्धवृत्त में बना कोण 90° अर्थात समकोण होता है।

क्या प्रत्येक जीवा व्यास होती है?

नहीं। केवल केंद्र से होकर गुजरने वाली जीवा व्यास होती है।

चक्रीय चतुर्भुज की पहचान क्या है?

इसके चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर स्थित होते हैं और इसके सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।

बराबर जीवाओं की केंद्र से दूरी कैसी होती है?

बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर होती हैं।