बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी प्रश्नपत्र 2011 (A) – उत्तर एवं समाधान

बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी प्रश्नपत्र 2011 (A) – उत्तर एवं समाधान

बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी प्रश्नपत्र 2011 (A) – प्रश्न एवं उत्तर

इस पेज पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की कक्षा 10 हिंदी परीक्षा के वर्ष 2011 के प्रश्नपत्र सेट A के प्रश्नों और उनके समाधानों का अध्ययन करें। यह सामग्री विद्यार्थियों को पुराने प्रश्नों के अभ्यास, व्याकरण की तैयारी, गद्य-पद्य की समझ तथा लेखन कौशल सुधारने में सहायता देने के लिए तैयार की गई है।

परीक्षा: बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा
कक्षा: 10वीं
विषय: हिंदी
वर्ष: 2011
सेट: A
अध्ययन सामग्री: प्रश्नपत्र एवं उत्तर-समाधान
विद्यार्थियों के लिए सूचना: पुराने प्रश्नपत्र का अभ्यास करते समय अपने पास उपलब्ध मूल प्रश्नपत्र से प्रश्नों के शब्द, विकल्प और अंक-विभाजन का मिलान अवश्य करें। नीचे दिए गए अभ्यास-उत्तर सरल हिंदी में लिखे गए हैं।

भाग 1: प्रश्नपत्र 2011 (A)

प्रश्न 1. वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए।

(क) श्रीकृष्ण के अनेकों नाम हैं।

(ख) हमारी सौभाग्यवती कन्या का विवाह होने जा रहा है।

(ग) मेरा नाम श्री कमल किशोर जी है।

(घ) मैं गाने की कोशिश कर रहा हूँ।

(ङ) कई रेल के कर्मचारियों की छुट्टी हुई।

प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(क) कारक के भेद विभक्ति-चिह्नों के साथ लिखिए।

अथवा

(ख) सर्वनाम के भेद उदाहरण सहित लिखिए।

प्रश्न 3. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(क) ‘जिसके शेखर पर चन्द्र हो’ के लिए एक शब्द लिखिए।

(ख) ‘अमावस्या’ का विपरीतार्थक शब्द लिखिए।

(ग) ‘क’ वर्ग का उच्चारण-स्थान बताइए।

(घ) दिए गए मूल प्रश्नपत्र के अनुसार संधि संबंधी प्रश्न का उत्तर दीजिए।

(ङ) ‘यथाशक्ति’ में कौन-सा समास है?

प्रश्न 4. गद्यांश पर आधारित प्रश्न

(क) कहानी और उपन्यास संबंधी गद्यांश

  1. गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
  2. कहानी के अन्य नाम लिखिए।
  3. कहानी और उपन्यास में अंतर बताइए।
  4. उपन्यास पाठक के साथ क्या करता है?
  5. कहानी पाठक को आगे पढ़ने के लिए कैसे प्रेरित करती है?
  6. कहानी को ज्ञान या साहित्य का प्राचीन रूप क्यों माना जाता है?

(ख) प्रकृति और मनुष्य संबंधी गद्यांश

  1. गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक लिखिए।
  2. विकास के नाम पर मनुष्य प्रकृति पर क्या थोपना चाहता था?
  3. मनुष्य किस बात को ठीक से नहीं समझ पाया?
  4. मनुष्य की पराजय और आत्मविनाश से क्या आशय है?

प्रश्न 5. निबंध, संवाद अथवा पत्र लेखन

निबंध के विषय:

  1. प्रगति के पथ पर बिहार
  2. दहेज-प्रथा
  3. मेरे प्रिय कवि या लेखक
  4. विज्ञान: वरदान या अभिशाप

अन्य विकल्प: खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर संवाद लिखिए अथवा अपने विद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम का वर्णन करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।

प्रश्न 6 से 18

प्रश्न 6. मंगम्मा का चरित्र-चित्रण कीजिए।

प्रश्न 7. माँ मंगू को अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं करना चाहती थी?

प्रश्न 8.

(क) सीता अपने ही घर में घुटन क्यों महसूस करती है?

(ख) लेखक ने कहानी का शीर्षक ‘नगर’ क्यों रखा?

प्रश्न 9. खोखा किन मामलों में अपवाद था?

प्रश्न 10. आवेदक के अनुसार जाति-प्रथा भारत में बेरोजगारी का एक प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण कैसे बनी हुई है?

प्रश्न 11. मूल प्रश्नपत्र में दिए गए प्रश्न के अनुसार उत्तर लिखिए।

प्रश्न 12. ‘बिस्मिल्ला खाँ’ को शहनाई का शहंशाह कहने का आधार पाठ के अनुसार बताइए।

प्रश्न 13. निम्नलिखित पंक्तियों का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए:

धूप में बारिश में
गर्मी में सर्दी में
हमेशा चौकन्ना
अपनी खाकी वर्दी में

प्रश्न 14. ‘हमारी नींद’ कविता में किन अत्याचारियों का उल्लेख है और क्यों?

प्रश्न 15. ‘भारत से हम क्या सीखें’ पाठ के दिए गए गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रश्न 16. निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

भारत माता ग्रामवासिनी
खेतों में फैला है श्यामल
भू-तल श्यामल-सा आँचल
गंगा-यमुना में आँसू-जल
मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी।

प्रश्न 17. कवि ने ‘दुकाली’ किसे कहा है और क्यों? (मूल प्रश्नपत्र की वर्तनी से मिलान करें।)

प्रश्न 18. कवि की दृष्टि में आज के देवता कौन हैं और वे कहाँ मिलेंगे?

भाग 2: उत्तर एवं समाधान

प्रश्न 1. वाक्य-शुद्धि

(क) श्रीकृष्ण के अनेक नाम हैं।

(ख) हमारी सौभाग्यवती कन्या का विवाह होने जा रहा है।

(ग) मेरा नाम कमल किशोर है।

(घ) मैं गाने का प्रयास कर रहा हूँ।

(ङ) रेल के कई कर्मचारियों की छुट्टी हुई।

प्रश्न 2 (क). कारक के भेद और विभक्ति-चिह्न

हिंदी व्याकरण में कारक संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के अन्य शब्दों से संबंध बताता है। इसके प्रमुख आठ भेद हैं:

  1. कर्ता कारक: ने — राम ने खाना खाया।
  2. कर्म कारक: को — राम ने मोहन को बुलाया।
  3. करण कारक: से, के द्वारा — वह कलम से लिखता है।
  4. संप्रदान कारक: को, के लिए — माँ ने बच्चे के लिए फल खरीदे।
  5. अपादान कारक: से — पेड़ से पत्ता गिरा।
  6. संबंध कारक: का, के, की — यह राम की पुस्तक है।
  7. अधिकरण कारक: में, पर — पुस्तक मेज पर है।
  8. संबोधन कारक: हे!, अरे!, ओ! — हे मित्र! मेरी बात सुनो।

प्रश्न 2 (ख). सर्वनाम के भेद

संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। इसके प्रमुख भेद उदाहरण सहित हैं:

  1. पुरुषवाचक: मैं, हम, तुम, वह।
  2. निश्चयवाचक: यह, वह।
  3. अनिश्चयवाचक: कोई, कुछ।
  4. प्रश्नवाचक: कौन, क्या।
  5. संबंधवाचक: जो, सो; जैसा, वैसा।
  6. निजवाचक: स्वयं, अपना।

प्रश्न 3. वस्तुनिष्ठ उत्तर

(क) शशिशेखर — ‘जिसके शेखर पर चन्द्र हो’ का प्रचलित अर्थ भगवान शिव है। यदि प्रश्न में एक शब्द पूछा गया है, तो मूल विकल्पों के अनुसार उत्तर का मिलान करें।

(ख) पूर्णिमा।

(ग) कंठ। ‘क’ वर्ग का उच्चारण कंठ से होता है।

(घ) संधि वाले प्रश्न का सटीक उत्तर मूल प्रश्न में दिए गए शब्द पर निर्भर करता है।

(ङ) अव्ययीभाव समास।

प्रश्न 4 (क). कहानी और उपन्यास

1. उपयुक्त शीर्षक: कहानी और उपन्यास।

2. कहानी के अन्य नाम: आख्यायिका या कथा जैसे शब्द कहानी के अर्थ में प्रयुक्त होते हैं; पाठ्यपुस्तक में दिए गए विशिष्ट उत्तर को प्राथमिकता दें।

3. कहानी और उपन्यास में अंतर: कहानी सामान्यतः कम पात्रों और सीमित घटनाओं के माध्यम से एक मुख्य प्रभाव उत्पन्न करती है। उपन्यास विस्तृत कथानक, अनेक पात्रों और जीवन के व्यापक चित्रण को प्रस्तुत करता है।

4. उपन्यास पाठक के साथ क्या करता है? उपन्यास पाठक को अपने कथानक और पात्रों से जोड़कर जीवन, समाज तथा मानवीय भावनाओं का विस्तृत अनुभव कराता है।

5. कहानी पाठक को आगे कैसे पढ़ने के लिए प्रेरित करती है? कहानी की रोचक घटनाएँ, जिज्ञासा, संघर्ष और उत्सुकता पाठक को अंत तक पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

6. कहानी प्राचीन साहित्यिक रूप क्यों है? मनुष्य प्राचीन समय से अपने अनुभवों, घटनाओं, शिक्षाओं और परंपराओं को कथाओं के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाता आया है।

प्रश्न 4 (ख). प्रकृति और मनुष्य

1. उपयुक्त शीर्षक: प्रकृति और मनुष्य का संबंध।

2. विकास के नाम पर मनुष्य प्रकृति को अपनी इच्छानुसार बदलना और उस पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहता था।

3. मनुष्य यह नहीं समझ पाया कि प्रकृति का संतुलन बिगाड़ने से अंततः उसी के जीवन और अस्तित्व पर संकट आएगा।

4. प्रकृति का अत्यधिक दोहन मनुष्य के लिए हानिकारक परिणाम उत्पन्न करता है। इस प्रकार प्रकृति को जीतने का प्रयास अंततः मनुष्य की अपनी पराजय और आत्मविनाश का कारण बन सकता है।

प्रश्न 5 (क). निबंध — दहेज-प्रथा

प्रस्तावना: दहेज-प्रथा भारतीय समाज की एक गंभीर सामाजिक समस्या है। विवाह के समय वधू पक्ष से धन, वाहन, आभूषण या अन्य वस्तुओं की माँग करना इस कुप्रथा का रूप है।

दहेज-प्रथा के दुष्परिणाम: दहेज के कारण अनेक परिवार आर्थिक कठिनाइयों में फँस जाते हैं। कई बार दहेज की माँग पूरी न होने पर महिलाओं को अपमान, हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। इससे परिवारों में तनाव बढ़ता है और समाज में स्त्री-पुरुष असमानता मजबूत होती है।

समाधान: दहेज के विरुद्ध कानूनों का पालन होना चाहिए। माता-पिता को बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना चाहिए। युवाओं को बिना दहेज विवाह करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज को भी ऐसे विवाहों को प्रोत्साहित करना चाहिए जिनमें किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन न हो।

उपसंहार: दहेज-प्रथा का अंत केवल कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और विचारों में बदलाव से संभव है। हमें समानता, सम्मान और सादगी पर आधारित विवाहों को अपनाना चाहिए।

प्रश्न 5 (ख). निबंध — विज्ञान: वरदान या अभिशाप

प्रस्तावना: विज्ञान ने मानव जीवन को अधिक सरल, सुविधाजनक और तेज बनाया है। आज चिकित्सा, संचार, परिवहन, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान है।

विज्ञान वरदान के रूप में: आधुनिक चिकित्सा से अनेक बीमारियों का उपचार संभव हुआ है। मोबाइल और इंटरनेट ने दूर बैठे लोगों को जोड़ दिया है। मशीनों ने उत्पादन बढ़ाया है और वैज्ञानिक तकनीकों ने खेती तथा शिक्षा के नए रास्ते खोले हैं।

विज्ञान अभिशाप के रूप में: विज्ञान का दुरुपयोग विनाशकारी हथियारों, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन का कारण बन सकता है। तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता और साइबर अपराध भी गंभीर चुनौतियाँ हैं।

उपसंहार: विज्ञान स्वयं न तो वरदान है, न अभिशाप। उसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि मनुष्य उसका उपयोग किस उद्देश्य से करता है। मानव कल्याण के लिए विज्ञान का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए।

प्रश्न 5 (ग). प्रधानाचार्य को पत्र

सेवा में,

प्रधानाचार्य महोदय,

[विद्यालय का नाम], [स्थान]

विषय: विद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का विवरण।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि हमारे विद्यालय में हाल ही में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य, नाटक, कविता-पाठ तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।

इस आयोजन से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित हुई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया।

धन्यवाद।

आपका आज्ञाकारी विद्यार्थी,
नाम: __________
कक्षा: 10वीं
दिनांक: __________

प्रश्न 6. मंगम्मा का चरित्र-चित्रण

मंगम्मा के चरित्र-चित्रण में उसके स्वभाव, पारिवारिक संबंधों, आत्मसम्मान और व्यवहार का उल्लेख करना चाहिए। उत्तर में पाठ की घटनाओं के आधार पर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वह अपने परिवार के प्रति कैसा दृष्टिकोण रखती है और परिस्थितियों के अनुसार उसके व्यवहार में क्या परिवर्तन आते हैं। परीक्षा में पाठ्यपुस्तक के प्रसंगों और पात्रों के संबंधों का सही उल्लेख आवश्यक है।

प्रश्न 7. माँ मंगू को अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं करना चाहती थी?

इस प्रश्न का सही उत्तर ‘माँ’ और ‘मंगू’ के पाठ्यपुस्तक वाले प्रसंग पर आधारित होना चाहिए। उत्तर में माँ की ममता, बेटी से भावनात्मक लगाव, उसकी देखभाल और अस्पताल में भर्ती कराने को लेकर उसकी आशंकाओं का उल्लेख किया जाना चाहिए।

प्रश्न 8 (क). सीता अपने ही घर में घुटन क्यों महसूस करती है?

सीता की घुटन के कारणों को कहानी में प्रस्तुत पारिवारिक वातावरण, सामाजिक बंधनों और उसकी व्यक्तिगत इच्छाओं के संदर्भ में समझना चाहिए। उत्तर में उन घटनाओं का उल्लेख होना चाहिए जिनसे स्पष्ट होता है कि उसे अपने घर में स्वतंत्रता या मानसिक संतोष नहीं मिल रहा था।

प्रश्न 8 (ख). लेखक ने कहानी का शीर्षक ‘नगर’ क्यों रखा?

शीर्षक की सार्थकता समझाने के लिए कहानी में नगर के वातावरण, वहाँ के जीवन, लोगों के व्यवहार और कथानक से उसके संबंध का उल्लेख करना चाहिए। किसी भी साहित्यिक शीर्षक का औचित्य कहानी की मुख्य भावना और घटनाओं से स्पष्ट किया जाता है।

प्रश्न 9. खोखा किन मामलों में अपवाद था?

इस प्रश्न का सटीक उत्तर संबंधित पाठ में खोखा के व्यवहार, विशेषताओं और दूसरे पात्रों से उसके अंतर पर निर्भर करता है। परीक्षा में पाठ में वर्णित विशेष परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट करना चाहिए कि वह किन मामलों में सामान्य स्थिति से अलग था।

प्रश्न 10. जाति-प्रथा भारत में बेरोजगारी का कारण कैसे बनी हुई है?

जाति-प्रथा व्यक्ति के व्यवसाय चुनने की स्वतंत्रता को सीमित कर सकती है। यदि किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता और रुचि के बजाय जन्म के आधार पर किसी खास पेशे से बाँध दिया जाए, तो उसकी प्रतिभा का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। इससे श्रम और कौशल का उचित विकास बाधित होता है तथा बेरोजगारी बढ़ सकती है। आधुनिक समाज में रोजगार का आधार जाति नहीं, बल्कि योग्यता, प्रशिक्षण और अवसर होना चाहिए।

प्रश्न 11. पाठ्यपुस्तक आधारित प्रश्न

इस प्रश्न का मूल वाक्य उपलब्ध पाठ में स्पष्ट नहीं है। इसका निश्चित उत्तर देने के लिए प्रश्न के वास्तविक शब्द आवश्यक हैं; अनुमानित उत्तर को परीक्षा का सही उत्तर नहीं माना जाना चाहिए।

प्रश्न 12. बिस्मिल्ला खाँ को शहनाई का शहंशाह क्यों कहा जाता है?

उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ ने शहनाई वादन को विशिष्ट पहचान दिलाई। उनकी साधना, रियाज़, मधुर वादन-शैली और संगीत के प्रति समर्पण ने उन्हें महान शहनाई वादकों में स्थान दिलाया। उन्होंने शहनाई को केवल पारंपरिक अवसरों तक सीमित न रखकर शास्त्रीय संगीत के मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी असाधारण उपलब्धि के कारण उन्हें शहनाई का शहंशाह कहा जाता है।

प्रश्न 13. काव्य-पंक्तियों का भाव-सौंदर्य

धूप में बारिश में
गर्मी में सर्दी में
हमेशा चौकन्ना
अपनी खाकी वर्दी में

इन पंक्तियों में ऐसे व्यक्ति के कर्तव्य, सतर्कता और निरंतर सेवा-भाव का चित्रण है जो मौसम की कठिनाइयों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाता है। ‘धूप’, ‘बारिश’, ‘गर्मी’ और ‘सर्दी’ जैसे शब्द कठिन परिस्थितियों को दर्शाते हैं। ‘हमेशा चौकन्ना’ कर्तव्य के प्रति सजगता का भाव प्रकट करता है।

प्रश्न 14. ‘हमारी नींद’ कविता में अत्याचारियों का उल्लेख क्यों है?

कविता के संदर्भ में अत्याचारियों का उल्लेख उन लोगों या शक्तियों की ओर संकेत करता है जो दूसरों की स्वतंत्रता, अधिकार और शांति को छीनते हैं। कवि ऐसे अन्याय के प्रति समाज को जागरूक करना चाहता है। कविता का आशय समझने के लिए संबंधित पंक्तियों और पाठ्यपुस्तक के संदर्भ का ध्यान रखना आवश्यक है।

प्रश्न 15. ‘भारत से हम क्या सीखें’

‘भारत से हम क्या सीखें’ पाठ भारत की सभ्यता, संस्कृति, ज्ञान-परंपरा और आध्यात्मिक विचारों के महत्व पर प्रकाश डालता है। इस पाठ में भारत के अध्ययन के माध्यम से मानव जीवन, भाषा, साहित्य और प्राचीन ज्ञान के विभिन्न पक्षों को समझने की प्रेरणा मिलती है। गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर उसके वास्तविक पाठ से मिलाकर लिखने चाहिए।

प्रश्न 16. ‘भारत माता’ काव्यांश का भावार्थ

भारत माता ग्रामवासिनी
खेतों में फैला है श्यामल
भू-तल श्यामल-सा आँचल
गंगा-यमुना में आँसू-जल
मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी।

इस काव्यांश में भारत माता को गाँवों में रहने वाली माता के रूप में चित्रित किया गया है। खेतों की हरियाली उसके आँचल के समान दिखाई देती है। गंगा और यमुना के जल को आँसुओं के रूप में प्रस्तुत करके कवि ने भारत की पीड़ा और उदासी का भाव व्यक्त किया है। भारत माता की मिट्टी की प्रतिमा देश की ग्रामीण स्थिति और उसके दुखों का प्रतीक है।

कवि: सुमित्रानंदन पंत।

प्रश्न 17. ‘दुकाली’ शब्द का अर्थ

इस प्रश्न में प्रयुक्त ‘दुकाली’ शब्द की सही वर्तनी और संदर्भ मूल प्रश्नपत्र से सत्यापित करना आवश्यक है। शब्द का अर्थ और कवि का आशय कविता की संबंधित पंक्तियों के आधार पर ही निर्धारित किया जाना चाहिए।

प्रश्न 18. कवि की दृष्टि में आज के देवता कौन हैं और वे कहाँ मिलेंगे?

इस प्रश्न का उत्तर संबंधित कविता के मूल संदर्भ के अनुसार लिखना चाहिए। उत्तर में कवि द्वारा बताए गए ‘देवताओं’ की पहचान और उनके मिलने के स्थान का उल्लेख कविता की पंक्तियों के आधार पर किया जाना चाहिए।

परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी सुझाव

  • प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लिखने से पहले प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
  • व्याकरण के नियमों को उदाहरणों के साथ याद करें।
  • गद्य और पद्य के उत्तर पाठ के प्रसंगों के आधार पर लिखें।
  • निबंध में प्रस्तावना, मुख्य विषय और उपसंहार को अलग-अलग रखें।
  • पत्र लेखन में प्रेषक, संबोधन, विषय, मुख्य भाग और समापन का सही प्रारूप अपनाएँ।
  • पुराने प्रश्नपत्र हल करके समय-प्रबंधन का अभ्यास करें।

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निष्कर्ष

बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी के पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास परीक्षा की तैयारी में सहायक हो सकता है। विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के साथ-साथ व्याकरण, गद्य, पद्य, निबंध और पत्र लेखन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। उत्तर लिखते समय पाठ्यपुस्तक के संदर्भ, प्रश्न की माँग और सही भाषा पर विशेष ध्यान दें।

BSEB EXAM GUIDE पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री का उपयोग अपनी नियमित तैयारी के साथ करें।