उपभोक्ता संरक्षण एवं जागरण
Chapter 7 – सम्पूर्ण नोट्स
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अध्याय परिचय
हम प्रतिदिन भोजन, कपड़े, दवाइयाँ, किताबें, बिजली, परिवहन, मोबाइल सेवा, बैंकिंग और अनेक प्रकार की वस्तुओं एवं सेवाओं का उपयोग करते हैं। इन वस्तुओं और सेवाओं को अपने उपयोग के लिए खरीदने वाला व्यक्ति उपभोक्ता कहलाता है।
बाजार में कभी-कभी उपभोक्ताओं को मिलावट, कम तौल, खराब गुणवत्ता, अधिक कीमत, नकली सामान, भ्रामक विज्ञापन या खराब सेवा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उपभोक्ता का जागरूक होना बहुत आवश्यक है।
उपभोक्ता, उपभोक्ता शोषण, उपभोक्ता जागरूकता, उपभोक्ता अधिकार, उपभोक्ता संरक्षण, COPRA, गुणवत्ता प्रमाण-चिह्न, उपभोक्ता शिकायत और उपभोक्ता दिवस।
इस अध्याय में पढ़ेंगे
1. उपभोक्ता कौन है?
यदि कोई विद्यार्थी पढ़ने के लिए पुस्तक खरीदता है, कोई परिवार अपने उपयोग के लिए खाद्य सामग्री खरीदता है या कोई व्यक्ति भुगतान करके मोबाइल सेवा प्राप्त करता है, तो वह उपभोक्ता है।
2. उपभोक्ता शोषण क्या है?
उपभोक्ता शोषण के प्रमुख रूप
कम तौल
पूरी कीमत लेने के बाद निर्धारित मात्रा से कम वस्तु देना।
मिलावट
वस्तु में घटिया या अनचाहा पदार्थ मिलाना।
घटिया गुणवत्ता
कम गुणवत्ता वाली वस्तु बेचना।
अधिक कीमत
नियम या घोषित मूल्य के विपरीत अनुचित कीमत वसूलना।
भ्रामक विज्ञापन
वस्तु या सेवा के बारे में गलत या भ्रमित करने वाला दावा करना।
खराब सेवा
भुगतान के अनुरूप उचित सेवा उपलब्ध न कराना।
मिलावट + कम तौल + कम गुणवत्ता = उपभोक्ता शोषण के प्रमुख उदाहरण।
3. उपभोक्ता शोषण के कारण
- उपभोक्ता में जानकारी की कमी
- अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी
- वस्तु की गुणवत्ता जाँचने में कठिनाई
- भ्रामक विज्ञापनों से प्रभावित होना
- खरीद का बिल या रसीद न लेना
- बाजार में अनुचित व्यापार व्यवहार
- शिकायत करने की प्रक्रिया की जानकारी न होना
जागरूकता की कमी उपभोक्ता को शोषण के प्रति अधिक असुरक्षित बना सकती है।
4. उपभोक्ता जागरूकता
जागरूक उपभोक्ता क्या करता है?
5. उपभोक्ता के प्रमुख अधिकार
सुरक्षा का अधिकार
हानिकारक वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षा।
सूचना का अधिकार
गुणवत्ता, मात्रा, मूल्य आदि की जानकारी पाने का अधिकार।
चुनाव का अधिकार
उपलब्ध विकल्पों में से अपनी पसंद चुनने का अधिकार।
सुने जाने का अधिकार
उपभोक्ता की शिकायत और हितों को उचित मंच पर सुना जाना।
प्रतितोष पाने का अधिकार
अनुचित व्यवहार के विरुद्ध समाधान या राहत माँगने का अधिकार।
उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार
अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करना।
6. सुरक्षा का अधिकार
उपभोक्ता को ऐसी वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षा पाने का अधिकार है जो उसके जीवन या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
बिजली के उपकरण, दवाइयाँ, खाद्य पदार्थ और अन्य सुरक्षा-संवेदनशील उत्पाद खरीदते समय गुणवत्ता और आवश्यक प्रमाणन पर ध्यान देना चाहिए।
7. सूचना का अधिकार
उपभोक्ता को वस्तु या सेवा से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है ताकि वह सोच-समझकर निर्णय ले सके।
पैक्ड वस्तु खरीदते समय देखें
घोषित कीमत
वजन / संख्या
निर्माण संबंधी जानकारी
जहाँ लागू हो, Expiry / Best Before
कंपनी की जानकारी
लागू प्रमाण-चिह्न
8. चुनाव का अधिकार
प्रतिस्पर्धी बाजार में उपभोक्ता कीमत, गुणवत्ता और आवश्यकता की तुलना करके उचित वस्तु या सेवा चुन सकता है।
9. सुने जाने का अधिकार
यदि किसी उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसे अपनी शिकायत उचित संस्था या मंच के सामने रखने का अधिकार है।
उपभोक्ता की शिकायत को उचित मंच पर रखने और सुने जाने का अधिकार।
10. प्रतितोष पाने का अधिकार
मामले की प्रकृति के अनुसार उपभोक्ता मरम्मत, वस्तु बदलने, राशि वापस करने, क्षतिपूर्ति या अन्य उचित राहत की माँग कर सकता है।
11. उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार
उपभोक्ता को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।
12. उपभोक्ता की जिम्मेदारियाँ
खरीदारी के बाद बिल या रसीद सुरक्षित रखें।
लेबल और पैकेज पर दी गई आवश्यक जानकारी देखें।
जहाँ लागू हो, मान्यता प्राप्त गुणवत्ता चिह्न जाँचें।
भ्रामक दावों और संदिग्ध उत्पादों से सावधान रहें।
अनुचित व्यवहार होने पर उचित माध्यम से शिकायत करें।
अपने अधिकारों और उपलब्ध शिकायत व्यवस्था की जानकारी रखें।
13. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और COPRA
भारत में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 एक महत्वपूर्ण कानून था। इसे सामान्यतः COPRA के नाम से भी जाना जाता है।
उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानून
नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम
बाद में उपभोक्ता संरक्षण कानून को आधुनिक बाजार और बदलते उपभोक्ता परिवेश के अनुरूप अद्यतन किया गया और Consumer Protection Act, 2019 बनाया गया।
पुराना प्रमुख अधिनियम → 1986
नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम → 2019
14. उपभोक्ता शिकायत निवारण व्यवस्था
उपभोक्ता विवादों के समाधान के लिए अलग-अलग स्तरों पर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों की व्यवस्था की गई है।
जिला स्तर
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग
राज्य स्तर
राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग
राष्ट्रीय स्तर
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग
किस आयोग में शिकायत की जाएगी, यह वर्तमान कानून के अंतर्गत मामले और उसके निर्धारित आर्थिक क्षेत्राधिकार जैसे कारकों पर निर्भर करता है। पुरानी किताबों में दिए गए धन-सीमा संबंधी आँकड़ों को वर्तमान नियम समझकर याद नहीं करना चाहिए।
15. गुणवत्ता एवं प्रमाण-चिह्न
कुछ वस्तुओं पर निर्धारित मानकों या गुणवत्ता से संबंधित प्रमाण-चिह्न उपभोक्ता को उत्पाद के बारे में उपयोगी जानकारी देते हैं।
ISI Mark
कई औद्योगिक उत्पादों के निर्धारित भारतीय मानकों से संबंधित प्रमाणन चिह्न के रूप में जाना जाता है।
Hallmark
सोने एवं अन्य कीमती धातु के आभूषणों की शुद्धता से संबंधित प्रमाणन व्यवस्था।
AGMARK
कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और ग्रेडिंग से संबंधित प्रमाणन चिह्न।
सोने के आभूषण → Hallmark
कई औद्योगिक उत्पाद → ISI
कृषि उत्पाद → AGMARK
16. बिल / रसीद क्यों जरूरी है?
खरीदारी का बिल या रसीद इस बात का महत्वपूर्ण प्रमाण हो सकता है कि वस्तु या सेवा कब, कहाँ और किस कीमत पर खरीदी गई थी।
खरीद का प्रमाण
वस्तु खरीदने का रिकॉर्ड मिलता है।
कीमत का प्रमाण
भुगतान की गई राशि का रिकॉर्ड रहता है।
वारंटी
वारंटी संबंधी दावे में उपयोगी हो सकता है।
शिकायत
उपभोक्ता शिकायत के समर्थन में प्रमाण बन सकता है।
17. शिकायत करते समय क्या सुरक्षित रखें?
बिल / रसीद
वारंटी / गारंटी कार्ड
उत्पाद का पैकेट या लेबल
भुगतान का प्रमाण
विक्रेता से हुआ पत्राचार
समस्या से संबंधित अन्य प्रमाण
सामान्य शिकायत प्रक्रिया
दोष या खराब सेवा को स्पष्ट करें।
बिल और अन्य दस्तावेज सुरक्षित करें।
पहले विक्रेता या सेवा प्रदाता के सामने समस्या रखें।
समाधान न मिलने पर उपयुक्त उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था का उपयोग करें।
18. महत्वपूर्ण उपभोक्ता दिवस
मार्च
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस
World Consumer Rights Day
दिसंबर
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस
भारत में National Consumer Day
15 मार्च → विश्व
24 दिसंबर → भारत
19. उपभोक्ता संरक्षण का महत्व
अनुचित व्यापार व्यवहार के विरुद्ध सुरक्षा में सहायता करता है।
उपभोक्ता को अपने अधिकारों की जानकारी मिलती है।
गुणवत्ता और मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
उपभोक्ता को समस्या के समाधान के लिए मंच मिलता है।
विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं में उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद मिलती है।
जानकारी के आधार पर खरीद निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
20. महत्वपूर्ण शब्दावली
अपने उपयोग के लिए वस्तु या सेवा प्राप्त करने वाला व्यक्ति।
उपभोक्ता के हितों को अनुचित तरीके से नुकसान पहुँचाना।
अधिकारों, जिम्मेदारियों और बाजार संबंधी जानकारी रखना।
Consumer Protection Act.
कीमती धातु के आभूषणों की शुद्धता से संबंधित प्रमाणन।
कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग एवं गुणवत्ता से संबंधित चिह्न।
भारतीय मानकों से संबंधित प्रमाणन चिह्न।
शिकायत के बदले उचित समाधान या राहत प्राप्त करना।
21. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
1. अपने उपयोग के लिए वस्तु या सेवा प्राप्त करने वाला व्यक्ति उपभोक्ता कहलाता है।
2. मिलावट, कम तौल और घटिया गुणवत्ता उपभोक्ता शोषण के उदाहरण हैं।
3. भारत में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 महत्वपूर्ण उपभोक्ता कानून था।
4. Consumer Protection Act को COPRA भी कहा जाता है।
5. नया Consumer Protection Act 2019 में बनाया गया।
6. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च को मनाया जाता है।
7. भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसंबर को मनाया जाता है।
8. सोने के आभूषणों की शुद्धता के लिए Hallmark महत्वपूर्ण है।
9. कृषि उत्पादों के लिए AGMARK का प्रयोग किया जाता है।
10. उपभोक्ता को खरीदारी का बिल या रसीद सुरक्षित रखना चाहिए।
11. उपभोक्ता को वस्तु की आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।
12. जागरूक उपभोक्ता अपने अधिकारों के साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझता है।
22. महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. उपभोक्ता किसे कहते हैं?
उत्तर: अपने उपयोग के लिए वस्तु या सेवा प्राप्त करने वाले व्यक्ति को उपभोक्ता कहते हैं।
प्रश्न 2. उपभोक्ता शोषण क्या है?
उत्तर: जब उपभोक्ता के हितों को अनुचित व्यापार व्यवहार द्वारा नुकसान पहुँचाया जाता है, तो इसे उपभोक्ता शोषण कहते हैं।
प्रश्न 3. उपभोक्ता शोषण के तीन उदाहरण बताइए।
उत्तर: मिलावट, कम तौल और कम गुणवत्ता वाली वस्तु।
प्रश्न 4. उपभोक्ता जागरूकता क्या है?
उत्तर: अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों, वस्तु की गुणवत्ता, मूल्य और शिकायत के उपायों की जानकारी रखना उपभोक्ता जागरूकता कहलाता है।
प्रश्न 5. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम कब बना?
उत्तर: भारत में महत्वपूर्ण उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 में बनाया गया था।
प्रश्न 6. COPRA का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: Consumer Protection Act.
प्रश्न 7. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: 15 मार्च।
प्रश्न 8. राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: 24 दिसंबर।
प्रश्न 9. सोने की शुद्धता से संबंधित प्रमाणन कौन-सा है?
उत्तर: Hallmark.
प्रश्न 10. AGMARK किससे संबंधित है?
उत्तर: कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग और गुणवत्ता से।
प्रश्न 11. बिल लेना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: बिल खरीद और भुगतान का महत्वपूर्ण प्रमाण होता है तथा शिकायत की स्थिति में उपयोगी हो सकता है।
प्रश्न 12. उपभोक्ता के कोई चार अधिकार लिखिए।
उत्तर: सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चुनाव का अधिकार और सुने जाने का अधिकार।
23. महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. उपभोक्ता शोषण के प्रमुख रूपों को समझाइए।
उत्तर:
बाजार में उपभोक्ता का शोषण अनेक तरीकों से हो सकता है। इनमें कम तौल, मिलावट, घटिया गुणवत्ता वाली वस्तु, अनुचित कीमत, भ्रामक विज्ञापन और खराब सेवा प्रमुख हैं।
उपभोक्ता को खरीदारी करते समय वस्तु की गुणवत्ता, मात्रा, कीमत और आवश्यक जानकारी जाँचनी चाहिए तथा बिल अवश्य लेना चाहिए।
प्रश्न 2. उपभोक्ता के प्रमुख अधिकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
उपभोक्ता के प्रमुख अधिकारों में सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चुनाव का अधिकार, सुने जाने का अधिकार, प्रतितोष पाने का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार शामिल हैं।
इन अधिकारों का उद्देश्य उपभोक्ता को बाजार में अधिक सुरक्षित और जागरूक बनाना है।
प्रश्न 3. उपभोक्ता जागरूकता क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
जागरूक उपभोक्ता वस्तु की कीमत, मात्रा और गुणवत्ता जाँचता है। वह बिल लेता है, प्रमाण-चिह्न देखता है और अपने अधिकारों को समझता है।
यदि उसके साथ अनुचित व्यवहार होता है, तो वह उपलब्ध शिकायत व्यवस्था का उपयोग कर सकता है। इसलिए उपभोक्ता शोषण कम करने में जागरूकता महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 4. गुणवत्ता प्रमाण-चिह्नों का महत्व बताइए।
उत्तर:
गुणवत्ता से संबंधित प्रमाण-चिह्न उपभोक्ता को उत्पाद के निर्धारित मानकों या शुद्धता के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सहायता करते हैं।
Hallmark कीमती धातु के आभूषणों की शुद्धता, AGMARK कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग और ISI भारतीय मानकों से संबंधित प्रमाणन व्यवस्था से जुड़ा है।
प्रश्न 5. उपभोक्ता की जिम्मेदारियाँ बताइए।
उत्तर:
उपभोक्ता को वस्तु खरीदते समय उसकी कीमत, मात्रा और गुणवत्ता की जाँच करनी चाहिए। पैकेट पर दी गई आवश्यक जानकारी पढ़नी चाहिए और बिल या रसीद लेनी चाहिए।
जहाँ लागू हो वहाँ गुणवत्ता प्रमाण-चिह्न देखना चाहिए। उपभोक्ता को अपने अधिकारों की जानकारी रखनी चाहिए तथा अनुचित व्यवहार होने पर उचित मंच पर शिकायत करनी चाहिए।
24. Quick Revision
खरीदार / उपयोगकर्ता: उपभोक्ता
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम: 1986
COPRA: Consumer Protection Act
नया कानून: Consumer Protection Act 2019
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस: 15 मार्च
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस: 24 दिसंबर
सोना: Hallmark
कृषि उत्पाद: AGMARK
औद्योगिक मानक: ISI
खरीद का प्रमाण: बिल / रसीद
परीक्षा के लिए जरूर तैयार करें
उपभोक्ता की परिभाषा, उपभोक्ता शोषण के कारण एवं रूप, उपभोक्ता के अधिकार, COPRA 1986, Consumer Protection Act 2019, Hallmark, ISI, AGMARK, 15 मार्च, 24 दिसंबर और उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था को अच्छी तरह तैयार करें।
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