Class 10 Science Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण Notes

Class 10 Science Chapter 5 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण Notes
BIHAR BOARD • CLASS 10 SCIENCE

अध्याय 5 : तत्वों का आवर्त वर्गीकरण

Periodic Classification of Elements

सम्पूर्ण हिंदी नोट्स • आवर्त सारणी • आवर्ती प्रवृत्तियाँ • डायग्राम

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1. तत्वों के वर्गीकरण की आवश्यकता

जैसे-जैसे नए तत्वों की खोज होती गई, ज्ञात तत्वों की संख्या बढ़ती गई। प्रत्येक तत्व के गुणों का अलग-अलग अध्ययन करना कठिन होने लगा। इसलिए समान गुणों वाले तत्वों को समूहों में व्यवस्थित करने की आवश्यकता हुई।

तत्वों का वर्गीकरण: तत्वों को उनके समान भौतिक एवं रासायनिक गुणों के आधार पर विभिन्न समूहों में व्यवस्थित करने की प्रक्रिया को तत्वों का वर्गीकरण कहते हैं।

वर्गीकरण के मुख्य उद्देश्य

  • तत्वों के अध्ययन को सरल बनाना।
  • समान गुण वाले तत्वों को एक साथ रखना।
  • तत्वों के गुणों में नियमितता को समझना।
  • नए तत्वों के गुणों का अनुमान लगाना।
तत्वों के वर्गीकरण का विकास
डॉबेराइनर
1829
न्यूलैंड्स
1866
मेंडलीफ
1869
आधुनिक
आवर्त सारणी
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2. डॉबेराइनर के त्रिक (Dobereiner’s Triads)

जर्मन वैज्ञानिक जोहान वोल्फगैंग डॉबेराइनर ने 1829 में समान गुणों वाले तत्वों को तीन-तीन तत्वों के समूह में रखा। इन समूहों को त्रिक (Triads) कहा गया।

डॉबेराइनर का त्रिक नियम: किसी त्रिक में मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान लगभग अन्य दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमानों के औसत के बराबर होता है।
डॉबेराइनर के प्रमुख त्रिक
Li – Na – K Lithium
Sodium
Potassium
Ca – Sr – Ba Calcium
Strontium
Barium
Cl – Br – I Chlorine
Bromine
Iodine

उदाहरण

Li = 6.9 और K = 39.1

(6.9 + 39.1) ÷ 2 = 23

सोडियम (Na) का परमाणु द्रव्यमान लगभग 23 है। इस प्रकार Li, Na और K एक त्रिक बनाते हैं।

सीमा: उस समय ज्ञात सभी तत्वों को त्रिकों में व्यवस्थित नहीं किया जा सका।
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3. न्यूलैंड्स का अष्टक नियम

अंग्रेज वैज्ञानिक जॉन न्यूलैंड्स ने तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया।

न्यूलैंड्स का अष्टक नियम: तत्वों को बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखने पर प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के गुणों के समान होते हैं।
न्यूलैंड्स के अष्टक का सरल चित्र
Li
Be
B
C
N
O
F
Na
Mg
Al
Si
P
S
Cl
Li के बाद आठवाँ तत्व Na है और दोनों के रासायनिक गुण समान हैं।

न्यूलैंड्स के नियम की सीमाएँ

  • यह नियम केवल कैल्शियम तक ही ठीक प्रकार से लागू हुआ।
  • न्यूलैंड्स ने माना कि प्रकृति में केवल 56 तत्व हैं।
  • नए तत्वों के लिए कोई खाली स्थान नहीं छोड़ा गया।
  • कुछ असमान गुण वाले तत्वों को एक साथ रखना पड़ा।
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4. मेंडलीफ का आवर्त वर्गीकरण

रूसी वैज्ञानिक दिमित्री इवानोविच मेंडलीफ ने 1869 में तत्वों के वर्गीकरण की एक अधिक उपयोगी व्यवस्था प्रस्तुत की।

मेंडलीफ ने तत्वों को मुख्य रूप से उनके परमाणु द्रव्यमान तथा रासायनिक गुणों के आधार पर व्यवस्थित किया।

मेंडलीफ के वर्गीकरण का आधार
तत्व
बढ़ता परमाणु द्रव्यमान
समान रासायनिक गुण
एक ही समूह
मेंडलीफ ने तत्वों के ऑक्साइड और हाइड्राइड के सूत्रों का भी अध्ययन किया। इनसे तत्वों के रासायनिक गुणों की तुलना करने में सहायता मिली।
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5. मेंडलीफ का आवर्त नियम

मेंडलीफ का आवर्त नियम: तत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमानों के आवर्ती फलन होते हैं।

अर्थात तत्वों को बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखने पर निश्चित अंतराल के बाद समान गुणों वाले तत्व पुनः प्राप्त होते हैं।

याद रखें:
मेंडलीफ की सारणी का आधार = परमाणु द्रव्यमान
आधुनिक आवर्त सारणी का आधार = परमाणु क्रमांक
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6. मेंडलीफ की आवर्त सारणी की उपलब्धियाँ

1. अज्ञात तत्वों के लिए खाली स्थान

मेंडलीफ ने उन तत्वों के लिए अपनी सारणी में खाली स्थान छोड़े जिनकी उस समय खोज नहीं हुई थी।

2. नए तत्वों के गुणों की भविष्यवाणी

उन्होंने कुछ अज्ञात तत्वों के गुणों का पहले ही अनुमान लगा लिया था।

मेंडलीफ का नाम बाद में खोजा गया तत्व
Eka-boron Scandium
Eka-aluminium Gallium
Eka-silicon Germanium

3. परमाणु द्रव्यमानों में सुधार

कुछ तत्वों के गलत निर्धारित परमाणु द्रव्यमानों को उनकी उचित स्थिति के आधार पर सुधारने में सहायता मिली।

4. निष्क्रिय गैसों के लिए स्थान

निष्क्रिय गैसों की खोज के बाद उन्हें अलग समूह में रखा जा सका और मूल सारणी की व्यवस्था को अधिक बदलना नहीं पड़ा।

Eka-aluminium → Gallium तथा Eka-silicon → Germanium बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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7. मेंडलीफ की आवर्त सारणी की सीमाएँ

1. हाइड्रोजन की स्थिति

हाइड्रोजन के कुछ गुण क्षार धातुओं जैसे और कुछ गुण हैलोजन जैसे हैं। इसलिए इसका निश्चित स्थान निर्धारित करना कठिन था।

2. समस्थानिकों की स्थिति

एक ही तत्व के वे परमाणु जिनका परमाणु क्रमांक समान लेकिन परमाणु द्रव्यमान अलग होता है, समस्थानिक (Isotopes) कहलाते हैं।

यदि तत्वों को परमाणु द्रव्यमान के आधार पर रखा जाए तो एक ही तत्व के समस्थानिकों को अलग-अलग स्थान मिलने चाहिए थे।

3. परमाणु द्रव्यमान का क्रम

कुछ तत्वों में बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम का पालन नहीं किया गया।

उदाहरण के लिए कुछ तत्वों को उनके रासायनिक गुणों के कारण परमाणु द्रव्यमान के सामान्य क्रम से अलग रखना पड़ा।
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8. आधुनिक आवर्त नियम

परमाणु क्रमांक की अवधारणा स्पष्ट होने के बाद आधुनिक आवर्त नियम विकसित हुआ।

आधुनिक आवर्त नियम: तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।
Modern Periodic Table का आधार = Atomic Number (Z)

परमाणु क्रमांक किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होता है। उदासीन परमाणु में यह इलेक्ट्रॉनों की संख्या के भी बराबर होता है।

आधुनिक वर्गीकरण
परमाणु क्रमांक बढ़ता है
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास बदलता है
गुणों में आवर्ती परिवर्तन
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9. आधुनिक आवर्त सारणी

आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के अनुसार व्यवस्थित किया गया है।

आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह और 7 आवर्त होते हैं।
आधुनिक आवर्त सारणी — सरल रूप
H
He
Li
Be
B
C
N
O
F
Ne
Na
Mg
Al
Si
P
S
Cl
Ar
K
Ca
Sc
Ti
V
Cr
Mn
Fe
Co
Ni
Cu
Zn
Ga
Ge
As
Se
Br
Kr
यह समझने के लिए सरल रूप है। तत्व बाएँ से दाएँ बढ़ते परमाणु क्रमांक में व्यवस्थित होते हैं।
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10. समूह और आवर्त

समूह (Groups)

आधुनिक आवर्त सारणी के ऊर्ध्वाधर स्तंभों को समूह कहते हैं। कुल 18 समूह होते हैं।

एक ही समूह के तत्वों में सामान्यतः समान संख्या में संयोजक इलेक्ट्रॉन होने के कारण उनके रासायनिक गुण समान होते हैं।

आवर्त (Periods)

आधुनिक आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त कहते हैं। कुल 7 आवर्त होते हैं।
समूह और आवर्त की दिशा
समूह
आवर्त → → →

तत्वों की क्षैतिज पंक्ति = आवर्त
तत्वों का ऊर्ध्वाधर स्तंभ = समूह
याद रखें:
Vertical = Group
Horizontal = Period
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11. इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से स्थान ज्ञात करना

किसी तत्व के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास की सहायता से उसके आवर्त तथा कई मुख्य-समूह तत्वों के समूह का अनुमान लगाया जा सकता है।

कुछ तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
Li
2,1
Period 2
Na
2,8,1
Period 3
Mg
2,8,2
Period 3
Cl
2,8,7
Period 3
Ar
2,8,8
Period 3

आवर्त कैसे ज्ञात करें?

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में उपस्थित भरे हुए इलेक्ट्रॉन कोशों की संख्या उस तत्व के आवर्त की संख्या बताती है।

उदाहरण: Na = 2,8,1 में तीन कोश हैं, इसलिए Na तीसरे आवर्त में है।

समूह से संबंध

मुख्य-समूह तत्वों में बाह्यतम कोश के इलेक्ट्रॉनों की संख्या उनके समूह के साथ एक नियमित संबंध दर्शाती है।

संयोजक इलेक्ट्रॉनसामान्य समूह
1Group 1
2Group 2
3Group 13
4Group 14
5Group 15
6Group 16
7Group 17
8Group 18
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12. आवर्त में संयोजकता की प्रवृत्ति

किसी परमाणु की अन्य परमाणुओं से संयोग करने की क्षमता को संयोजकता (Valency) कहते हैं।

एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर संयोजक इलेक्ट्रॉनों की संख्या 1 से बढ़कर 8 तक पहुँचती है।

दूसरे आवर्त में संयोजकता
Li
1
Be
2
B
3
C
4
N
3
O
2
F
1
Ne
0
संयोजकता सामान्यतः 1 → 2 → 3 → 4 तक बढ़ती है, फिर 3 → 2 → 1 → 0 तक घटती है।
आवर्त में संयोजकता पहले बढ़ती है और फिर घटती है। निष्क्रिय गैसों की संयोजकता सामान्यतः शून्य होती है।
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13. परमाणु आकार (Atomic Size)

परमाणु के नाभिक के केंद्र से बाह्यतम इलेक्ट्रॉन कोश तक की दूरी को परमाणु आकार से संबंधित माना जाता है।

आवर्त में

एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर नाभिकीय आवेश बढ़ता है जबकि इलेक्ट्रॉन उसी मुख्य कोश में जुड़ते हैं। इसलिए इलेक्ट्रॉनों पर नाभिक का आकर्षण बढ़ता है और परमाणु आकार सामान्यतः घटता है।

आवर्त में परमाणु आकार
Li
Be
B
C
F
बाएँ से दाएँ → परमाणु आकार सामान्यतः घटता है।

समूह में

समूह में ऊपर से नीचे जाने पर प्रत्येक अगले तत्व में एक नया इलेक्ट्रॉन कोश जुड़ता है। इसलिए परमाणु आकार बढ़ता है।

समूह में ऊपर से नीचे ↓ Atomic Size बढ़ता है
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14. धात्विक गुण (Metallic Character)

परमाणु की इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाने की प्रवृत्ति को उसके धात्विक गुण से संबंधित माना जाता है।

आवर्त में

बाएँ से दाएँ जाने पर प्रभावी नाभिकीय आकर्षण बढ़ने के कारण इलेक्ट्रॉन त्यागना कठिन होता जाता है। इसलिए धात्विक गुण घटता है।

धात्विक गुण की प्रवृत्ति
आवर्त में →
घटता है →
बाएँ से दाएँ
समूह में ↓
बढ़ता है ↓
ऊपर से नीचे
आवर्त सारणी के बाएँ भाग में धातुएँ अधिक पाई जाती हैं।
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15. अधात्विक गुण (Non-metallic Character)

इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति से किसी तत्व के अधात्विक गुण का संबंध होता है।

आवर्त में

बाएँ से दाएँ जाने पर अधात्विक गुण सामान्यतः बढ़ता है।

समूह में

ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ने के कारण बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर नाभिक का आकर्षण अपेक्षाकृत कम होता जाता है। इसलिए अधात्विक गुण सामान्यतः घटता है।

अधात्विक गुण की प्रवृत्ति
आवर्त में →
बढ़ता है →
बाएँ से दाएँ
समूह में ↓
घटता है ↓
ऊपर से नीचे
आवर्त सारणी के दाएँ भाग में अधातुओं की संख्या अधिक होती है।
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16. समूह में आवर्ती प्रवृत्तियाँ

समूह में ऊपर से नीचे जाने पर सामान्यतः निम्न परिवर्तन होते हैं:

गुण ऊपर से नीचे ↓
इलेक्ट्रॉन कोशों की संख्या बढ़ती है
परमाणु आकार बढ़ता है
संयोजक इलेक्ट्रॉन समान रहते हैं
संयोजकता सामान्यतः समान रहती है
धात्विक गुण बढ़ता है
अधात्विक गुण घटता है
Group Trend
ऊपर
Atomic Size ↑
Metallic Character ↑
Shells ↑
नीचे
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17. आवर्त में आवर्ती प्रवृत्तियाँ

आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर सामान्यतः:

गुण बाएँ से दाएँ →
परमाणु क्रमांक बढ़ता है
संयोजक इलेक्ट्रॉन बढ़ते हैं
इलेक्ट्रॉन कोशों की संख्या समान रहती है
परमाणु आकार घटता है
धात्विक गुण घटता है
अधात्विक गुण बढ़ता है
संयोजकता पहले बढ़ती, फिर घटती है
Period Trend — एक नजर में
धातु
उपधातु
अधातु
निष्क्रिय गैस
सबसे महत्वपूर्ण:
Period → Atomic size ↓, Metallic character ↓, Non-metallic character ↑
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18. आधुनिक आवर्त सारणी के विशेष समूह

Group 1 — Alkali Metals

मुख्य-समूह के Group 1 तत्वों के बाह्यतम कोश में सामान्यतः 1 इलेक्ट्रॉन होता है।

उदाहरण: Li, Na, K

Group 2 — Alkaline Earth Metals

उदाहरण: Be, Mg, Ca

Group 17 — Halogens

इनके बाह्यतम कोश में सामान्यतः 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं।

उदाहरण: F, Cl, Br, I

Group 18 — Noble Gases

इनका बाह्यतम कोश पूर्ण होता है, इसलिए ये सामान्य परिस्थितियों में बहुत कम अभिक्रियाशील होते हैं।

उदाहरण: He, Ne, Ar

समूह नाम उदाहरण
1 Alkali Metals Li, Na, K
2 Alkaline Earth Metals Be, Mg, Ca
17 Halogens F, Cl, Br, I
18 Noble Gases He, Ne, Ar
हाइड्रोजन Group 1 के ऊपर रखा जाता है, लेकिन इसके गुण विशिष्ट हैं; इसे सामान्य क्षार धातु नहीं माना जाता।
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19. मेंडलीफ और आधुनिक आवर्त सारणी में अंतर

मेंडलीफ आवर्त सारणी आधुनिक आवर्त सारणी
परमाणु द्रव्यमान पर आधारित परमाणु क्रमांक पर आधारित
समस्थानिकों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी समस्थानिकों को एक ही स्थान मिलता है क्योंकि उनका परमाणु क्रमांक समान है
कुछ तत्वों का द्रव्यमान क्रम उलटना पड़ा परमाणु क्रमांक से यह समस्या दूर हो जाती है
पुरानी समूह व्यवस्था 18 समूह और 7 आवर्त
मुख्य अंतर:
Mendeleev → Atomic Mass
Modern Periodic Table → Atomic Number
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20. महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

आवर्त: आधुनिक आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्ति को आवर्त कहते हैं।
समूह: आधुनिक आवर्त सारणी के ऊर्ध्वाधर स्तंभ को समूह कहते हैं।
संयोजक इलेक्ट्रॉन: परमाणु के बाह्यतम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन संयोजक इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं।
संयोजकता: किसी तत्व की अन्य तत्वों के साथ संयोग करने की क्षमता संयोजकता कहलाती है।
परमाणु क्रमांक: किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या उसका परमाणु क्रमांक कहलाती है।
आवर्तिता: तत्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में रखने पर निश्चित अंतराल के बाद समान गुणों की पुनरावृत्ति को आवर्तिता कहते हैं।
समस्थानिक: समान परमाणु क्रमांक लेकिन अलग द्रव्यमान संख्या वाले एक ही तत्व के परमाणुओं को समस्थानिक कहते हैं।
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21. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

1. तत्वों के वर्गीकरण की आवश्यकता क्यों पड़ी?

उत्तर: तत्वों की संख्या बढ़ने के कारण उनके गुणों का अलग-अलग अध्ययन कठिन हो गया था। इसलिए समान गुणों वाले तत्वों को समूहों में रखकर अध्ययन सरल बनाने के लिए वर्गीकरण आवश्यक हुआ।

2. डॉबेराइनर का त्रिक नियम क्या है?

उत्तर: किसी त्रिक में मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान लगभग अन्य दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमानों के औसत के बराबर होता है।

3. न्यूलैंड्स का अष्टक नियम क्या है?

उत्तर: तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखने पर प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान पाए जाते हैं।

4. मेंडलीफ का आवर्त नियम लिखिए।

उत्तर: तत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमानों के आवर्ती फलन होते हैं।

5. आधुनिक आवर्त नियम लिखिए।

उत्तर: तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांकों के आवर्ती फलन होते हैं।

6. आधुनिक आवर्त सारणी में कितने समूह और आवर्त हैं?

उत्तर: आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह और 7 आवर्त हैं।

7. एक समूह के तत्वों के गुण समान क्यों होते हैं?

उत्तर: एक ही समूह के मुख्य-समूह तत्वों में संयोजक इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होने के कारण उनके रासायनिक गुण समान होते हैं।

8. एक आवर्त में परमाणु आकार क्यों घटता है?

उत्तर: बाएँ से दाएँ जाने पर नाभिकीय आवेश बढ़ता है जबकि इलेक्ट्रॉन उसी मुख्य कोश में जुड़ते हैं। इससे इलेक्ट्रॉनों पर नाभिक का आकर्षण बढ़ता है और परमाणु आकार सामान्यतः घटता है।

9. समूह में नीचे जाने पर परमाणु आकार क्यों बढ़ता है?

उत्तर: प्रत्येक अगले तत्व में एक नया इलेक्ट्रॉन कोश जुड़ने के कारण नाभिक से बाह्यतम इलेक्ट्रॉन की दूरी बढ़ती जाती है।

10. आवर्त में धात्विक गुण कैसे बदलता है?

उत्तर: बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक गुण सामान्यतः घटता है।

11. आवर्त में अधात्विक गुण कैसे बदलता है?

उत्तर: बाएँ से दाएँ जाने पर अधात्विक गुण सामान्यतः बढ़ता है।

12. मेंडलीफ ने खाली स्थान क्यों छोड़े?

उत्तर: उन्होंने उन अज्ञात तत्वों के लिए खाली स्थान छोड़े जिनकी भविष्य में खोज होने की संभावना थी।

13. मेंडलीफ द्वारा Eka-aluminium कहा गया तत्व कौन-सा है?

उत्तर: Gallium (Ga)

14. Eka-silicon कौन-सा तत्व है?

उत्तर: Germanium (Ge)

15. निष्क्रिय गैसें किस समूह में होती हैं?

उत्तर: Group 18 में।

16. हैलोजन किस समूह में होते हैं?

उत्तर: Group 17 में।

17. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों का स्थान किस आधार पर निर्धारित होता है?

उत्तर: तत्वों को बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है।

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22. Quick Revision

Dobereiner: Triads

Dobereiner Triads: Li–Na–K, Ca–Sr–Ba, Cl–Br–I

Newlands: Law of Octaves

Mendeleev: Atomic Mass आधारित वर्गीकरण

Mendeleev Periodic Law: गुण परमाणु द्रव्यमान के आवर्ती फलन हैं।

Modern Periodic Law: गुण परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं।

Modern Periodic Table: 18 Groups + 7 Periods

Group: Vertical Column

Period: Horizontal Row

Period Number: मुख्य इलेक्ट्रॉन कोशों की संख्या से संबंधित

Across a Period →: Atomic Size ↓

Across a Period →: Metallic Character ↓

Across a Period →: Non-metallic Character ↑

Down a Group ↓: Atomic Size ↑

Down a Group ↓: Metallic Character ↑

Down a Group ↓: Non-metallic Character ↓

Group 1: Alkali Metals

Group 17: Halogens

Group 18: Noble Gases

Eka-aluminium: Gallium

Eka-silicon: Germanium

Board Exam Focus:
डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स का अष्टक नियम, मेंडलीफ की उपलब्धियाँ एवं सीमाएँ, आधुनिक आवर्त नियम, समूह एवं आवर्त, परमाणु आकार, संयोजकता तथा धात्विक-अधात्विक गुणों की प्रवृत्ति विशेष रूप से तैयार करें।