Class 10 Mathematics Chapter 15 प्रायिकता (Probability) Notes

Class 10 Mathematics Chapter 15 प्रायिकता (Probability) Notes
Bihar Board Class 10 Mathematics

Chapter 15 — प्रायिकता (Probability)

सम्पूर्ण नोट्स • महत्वपूर्ण सूत्र • उदाहरण • परीक्षा उपयोगी बिंदु

प्रायिकता (Probability)

हमारे दैनिक जीवन में अनेक ऐसी घटनाएँ होती हैं जिनके परिणाम के बारे में पहले से निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। जैसे—सिक्का उछालने पर चित आएगा या पट, पासा फेंकने पर कौन-सी संख्या आएगी आदि।

किसी घटना के होने की संभावना को संख्यात्मक रूप में व्यक्त करने की विधि को प्रायिकता (Probability) कहते हैं।

1. यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment)

ऐसा प्रयोग जिसके सभी संभावित परिणाम ज्ञात हों, लेकिन किसी विशेष प्रयास में कौन-सा परिणाम प्राप्त होगा यह पहले से निश्चित न हो, उसे यादृच्छिक प्रयोग कहते हैं।

उदाहरण:
  • एक सिक्का उछालना।
  • एक पासा फेंकना।
  • ताश की गड्डी से एक पत्ता निकालना।
  • एक थैले में रखी विभिन्न रंगों की गेंदों में से एक गेंद निकालना।

2. परिणाम (Outcome)

किसी यादृच्छिक प्रयोग को करने पर प्राप्त होने वाले संभावित परिणामों में से प्रत्येक को उस प्रयोग का परिणाम (Outcome) कहते हैं।

उदाहरण:

एक सिक्का उछालने पर संभावित परिणाम हैं:
H या T
जहाँ H = Head (चित) और T = Tail (पट)।

3. प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space)

किसी यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों के समुच्चय को प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) कहते हैं।

इसे सामान्यतः S से दर्शाया जाता है।

एक सिक्का उछालने पर:
S = {H, T}
अतः कुल संभावित परिणाम = 2
एक पासा फेंकने पर:
S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}
अतः कुल संभावित परिणाम = 6

4. घटना (Event)

किसी यादृच्छिक प्रयोग की प्रतिदर्श समष्टि के एक या एक से अधिक परिणामों के समूह को घटना (Event) कहते हैं।

उदाहरण:

एक पासा फेंकने पर सम संख्या प्राप्त होने की घटना E हो।
E = {2, 4, 6}
अतः अनुकूल परिणामों की संख्या = 3

5. समप्रायिक परिणाम (Equally Likely Outcomes)

यदि किसी प्रयोग के प्रत्येक संभावित परिणाम के प्राप्त होने की संभावना समान हो, तो उन परिणामों को समप्रायिक परिणाम कहते हैं।

एक निष्पक्ष सिक्के को उछालने पर चित तथा पट आने की संभावना समान होती है। इसलिए H और T समप्रायिक परिणाम हैं।

6. किसी घटना की प्रायिकता

यदि किसी यादृच्छिक प्रयोग के सभी परिणाम समप्रायिक हों, तो किसी घटना E की प्रायिकता निम्न प्रकार से ज्ञात की जाती है:

प्रायिकता का मुख्य सूत्र
P(E) = घटना E के अनुकूल परिणामों की संख्या कुल संभावित परिणामों की संख्या

यदि प्रतिदर्श समष्टि S में कुल परिणामों की संख्या n(S) तथा घटना E के अनुकूल परिणामों की संख्या n(E) हो, तो:

P(E) = n(E) n(S)

7. प्रायिकता का परास (Range of Probability)

किसी भी घटना की प्रायिकता हमेशा 0 और 1 के बीच होती है।

0 ≤ P(E) ≤ 1
ध्यान रखें:

किसी घटना की प्रायिकता कभी भी 0 से कम या 1 से अधिक नहीं हो सकती।

8. असंभव घटना (Impossible Event)

ऐसी घटना जिसका होना संभव नहीं है, उसे असंभव घटना कहते हैं।

P(E) = 0
उदाहरण:

एक सामान्य पासा फेंकने पर 7 प्राप्त होने की घटना असंभव है।
P(7) = 0

9. निश्चित घटना (Sure Event)

ऐसी घटना जिसका होना निश्चित हो, उसे निश्चित घटना कहते हैं।

P(E) = 1
उदाहरण:

एक सामान्य पासा फेंकने पर 1 से 6 के बीच की संख्या प्राप्त होना निश्चित है।

10. पूरक घटना (Complementary Event)

यदि E किसी घटना को दर्शाता है, तो E के न होने की घटना को पूरक घटना कहते हैं।

E के न होने की घटना को से दर्शाया जा सकता है।

P(E) + P(Ē) = 1

अतः

P(Ē) = 1 − P(E)
यदि किसी घटना के होने की प्रायिकता ज्ञात हो, तो उसके न होने की प्रायिकता 1 में से उस घटना की प्रायिकता घटाकर प्राप्त की जा सकती है।

11. सिक्के पर आधारित प्रायिकता

(i) एक सिक्का उछालना

प्रतिदर्श समष्टि:
S = {H, T}
कुल परिणाम = 2

चित आने की प्रायिकता:
P(H) = 1 2
पट आने की प्रायिकता:
P(T) = 1 2

(ii) दो सिक्के एक साथ उछालना

प्रतिदर्श समष्टि:
S = {HH, HT, TH, TT}
कुल संभावित परिणाम = 4

12. पासे पर आधारित प्रायिकता

एक सामान्य पासे पर 1, 2, 3, 4, 5 और 6 अंक होते हैं।

S = {1, 2, 3, 4, 5, 6}

कुल संभावित परिणाम = 6

उदाहरण: सम संख्या आने की प्रायिकता

सम संख्याएँ = {2, 4, 6}

अनुकूल परिणाम = 3
कुल परिणाम = 6
P(E) = 3 6 = 1 2
उदाहरण: अभाज्य संख्या आने की प्रायिकता

अभाज्य संख्याएँ = {2, 3, 5}
P(E) = 3 6 = 1 2

13. ताश के पत्तों पर आधारित प्रायिकता

ताश की एक सामान्य गड्डी में कुल 52 पत्ते होते हैं।

लाल पत्ते 26
काले पत्ते 26
लाल रंग ♥ ♦
काला रंग ♠ ♣

प्रत्येक प्रकार (Suit) में 13 पत्ते होते हैं।

  • 13 पान (Hearts ♥)
  • 13 ईंट (Diamonds ♦)
  • 13 हुकुम (Spades ♠)
  • 13 चिड़ी (Clubs ♣)
महत्वपूर्ण:

कुल राजा (King) = 4
कुल रानी (Queen) = 4
कुल गुलाम (Jack) = 4
कुल इक्के (Ace) = 4

चित्र वाले पत्ते (Face Cards) = 12
एक राजा मिलने की प्रायिकता:
P(King) = 4 52 = 1 13

14. गेंदों पर आधारित उदाहरण

एक थैले में 5 लाल, 3 नीली और 2 हरी गेंदें हैं।

कुल गेंदें:
5 + 3 + 2 = 10
यदि एक गेंद यादृच्छिक रूप से निकाली जाए, तो लाल गेंद मिलने की प्रायिकता:
P(लाल) = 5 10 = 1 2
नीली गेंद मिलने की प्रायिकता:
P(नीली) = 3 10
हरी गेंद मिलने की प्रायिकता:
P(हरी) = 2 10 = 1 5

15. सभी महत्वपूर्ण सूत्र एक नजर में

घटना की प्रायिकता

P(E) = n(E) n(S)

प्रायिकता का परास

0 ≤ P(E) ≤ 1

असंभव घटना

P(E) = 0

निश्चित घटना

P(E) = 1

पूरक घटना

P(E) + P(Ē) = 1
P(Ē) = 1 − P(E)

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रायिकता निकालने से पहले कुल संभावित परिणाम और अनुकूल परिणाम अलग-अलग पहचानें।
  • सभी परिणाम समप्रायिक होने चाहिए तभी शास्त्रीय प्रायिकता के सूत्र का सीधे प्रयोग करें।
  • किसी घटना की प्रायिकता हमेशा 0 से 1 के बीच होती है।
  • असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है।
  • निश्चित घटना की प्रायिकता 1 होती है।
  • किसी घटना और उसकी पूरक घटना की प्रायिकताओं का योग 1 होता है।
  • एक पासे के कुल 6 संभावित परिणाम होते हैं।
  • एक सिक्के के कुल 2 संभावित परिणाम होते हैं।
  • दो सिक्कों के कुल 4 संभावित परिणाम होते हैं।
  • ताश की सामान्य गड्डी में 52 पत्ते तथा 12 Face Cards होते हैं।

Quick Revision

Random Experiment: जिस प्रयोग का परिणाम पहले से निश्चित न हो।

Sample Space: सभी संभावित परिणामों का समुच्चय।

Event: प्रतिदर्श समष्टि के एक या अधिक परिणामों का समूह।

Probability: किसी घटना के होने की संभावना का संख्यात्मक माप।

Impossible Event: जिस घटना की प्रायिकता 0 हो।

Sure Event: जिस घटना की प्रायिकता 1 हो।

Complementary Event: किसी घटना के न होने की घटना।