Bihar Board Class 9 Maths आँकड़ों का संग्रह, वर्गीकरण एवं बारम्बारता बंटन (Statistics) Complete Notes in Hindi

Class 9 Mathematics
सांख्यिकी (Statistics)
आँकड़ों का संग्रह, वर्गीकरण एवं बारंबारता बंटन

आँकड़ों के आलेखीय निरूपण, अंकगणितीय माध्य, माध्यिका और बहुलक के सत्यापित सूत्रों एवं हल किए गए उदाहरणों सहित सम्पूर्ण हिंदी नोट्स।

विषय-सूची (Table of Contents)

1. सांख्यिकी और आँकड़े

संख्यात्मक तथ्यों के संग्रह, वर्गीकरण, सारणीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण और निर्वचन से संबंधित विज्ञान को सांख्यिकी (Statistics) कहते हैं।

किसी निश्चित उद्देश्य से एकत्र किए गए संख्यात्मक तथ्यों को आँकड़े (Data) कहते हैं। केवल कोई एक अकेली संख्या सामान्यतः सांख्यिकीय आँकड़ा नहीं मानी जाती।

सांख्यिकी के प्रमुख कार्य

  • आँकड़ों का संग्रह
  • आँकड़ों का वर्गीकरण
  • सारणीकरण एवं प्रस्तुतीकरण
  • विश्लेषण एवं तुलना
  • उचित निष्कर्ष निकालना

दैनिक जीवन में उपयोग

शिक्षा, जनसंख्या, कृषि, व्यापार, चिकित्सा, प्रशासन, खेल, अर्थव्यवस्था और वैज्ञानिक अनुसंधान में सांख्यिकी का उपयोग किया जाता है।

2. आँकड़ों के प्रकार

प्राथमिक आँकड़े (Primary Data)

वे आँकड़े जिन्हें अन्वेषक किसी निश्चित उद्देश्य के लिए स्वयं पहली बार एकत्र करता है।

उदाहरण: कक्षा के छात्रों की ऊँचाई स्वयं मापना।

द्वितीयक आँकड़े (Secondary Data)

वे आँकड़े जो पहले किसी अन्य व्यक्ति या संस्था द्वारा एकत्र किए जा चुके हों।

उदाहरण: जनगणना रिपोर्ट से जनसंख्या लेना।

कच्चे आँकड़े (Raw Data)

अपने मूल और अव्यवस्थित रूप में उपलब्ध आँकड़े कच्चे आँकड़े कहलाते हैं।

वर्गीकृत आँकड़े (Grouped Data)

वर्ग-अंतरालों में व्यवस्थित किए गए आँकड़े वर्गीकृत आँकड़े कहलाते हैं।

3. वर्गीकरण एवं बारंबारता

समान विशेषताओं वाले आँकड़ों को अलग-अलग समूहों या वर्गों में व्यवस्थित करना वर्गीकरण कहलाता है।

किसी चर-मूल्य के जितनी बार आने की संख्या होती है, उसे उस चर-मूल्य की बारंबारता (Frequency) कहते हैं। इसे सामान्यतः \(f\) से दर्शाते हैं।

उदाहरण: बारंबारता सारणी

आँकड़े: 2, 3, 2, 4, 5, 3, 2, 5, 4, 2

चर-मूल्य \(x\) 2345
बारंबारता \(f\) 4222
कुल बारंबारता: N = Σf = 4 + 2 + 2 + 2 = 10

4. वर्ग-अंतराल एवं वर्ग-चिह्न

निम्न वर्ग-सीमा

किसी वर्ग-अंतराल की छोटी सीमा निम्न वर्ग-सीमा कहलाती है।

उच्च वर्ग-सीमा

किसी वर्ग-अंतराल की बड़ी सीमा उच्च वर्ग-सीमा कहलाती है।

वर्ग-चिह्न \(x_i\) = निम्न सीमा+उच्च सीमा 2
सत्यापित उदाहरण

वर्ग-अंतराल 20–30 का वर्ग-चिह्न ज्ञात कीजिए।

वर्ग-चिह्न = 20+302 =502 =25

समावेशी एवं अपवर्जी वर्ग-अंतराल

विधि उदाहरण विशेषता
समावेशी 10–19, 20–29 दोनों सीमाएँ उसी वर्ग में सम्मिलित मानी जाती हैं।
अपवर्जी 10–20, 20–30 उच्च सीमा अगले वर्ग में सम्मिलित होती है।

समावेशी को अपवर्जी बनाने की विधि

यदि दो लगातार वर्गों की उच्च और निम्न सीमाओं का अंतर \(d\) हो, तो समायोजन गुणक = d/2 होगा। इसे प्रत्येक निम्न सीमा से घटाते और प्रत्येक उच्च सीमा में जोड़ते हैं।

उदाहरण

10–19 और 20–29 में अंतर \(d=20-19=1\), इसलिए समायोजन गुणक \(=1/2=0.5\)।

नए वर्ग-अंतराल: 9.5–19.5 तथा 19.5–29.5

5. आँकड़ों का आलेखीय निरूपण

आँकड़ों को सरल, स्पष्ट और तुलनात्मक रूप से समझने के लिए दण्ड-आलेख, आयत-चित्र तथा बारंबारता बहुभुज का प्रयोग किया जाता है।

6. दण्ड-आलेख (Bar Graph)

दण्ड-आलेख में समान चौड़ाई वाले आयताकार दण्ड बनाए जाते हैं। दण्डों के बीच समान दूरी होती है और उनकी ऊँचाई संबंधित मान के अनुपात में होती है।

दण्ड-आलेख बनाने के चरण

  1. दो परस्पर लम्ब अक्ष—x-अक्ष और y-अक्ष—खींचें।
  2. x-अक्ष पर श्रेणियाँ और y-अक्ष पर आँकड़ों के मान लिखें।
  3. आँकड़ों के अनुसार उपयुक्त पैमाना चुनें।
  4. समान चौड़ाई और समान दूरी वाले दण्ड बनाएँ।
  5. आलेख का स्पष्ट शीर्षक लिखें।
AB CD E 010 2030

ध्यान दें: दण्ड-आलेख के दण्डों के बीच रिक्त स्थान होता है।

7. आयत-चित्र (Histogram)

सतत वर्गीकृत आँकड़ों को संलग्न आयतों द्वारा प्रदर्शित करने वाला आलेख आयत-चित्र कहलाता है।

आयत-चित्र में आयतों के बीच रिक्त स्थान नहीं होता। यदि वर्ग-अंतराल समावेशी हों, तो पहले उन्हें अपवर्जी वर्ग-अंतरालों में बदलें।

Histogram बनाने के चरण

  1. x-अक्ष पर वर्ग-अंतराल तथा y-अक्ष पर बारंबारता लिखें।
  2. दोनों अक्षों के लिए उपयुक्त पैमाना चुनें।
  3. वर्ग-अंतरालों को आधार और बारंबारताओं को ऊँचाई मानें।
  4. एक-दूसरे से सटे हुए आयत बनाएँ।
  5. आलेख का शीर्षक और पैमाना अवश्य लिखें।
वर्ग-अंतराल 145–155155–165165–175 175–185185–195195–205
बारंबारता 3352515202
145155 165175 185195 205

8. बारंबारता बहुभुज (Frequency Polygon)

आयत-चित्र के आयतों की ऊपरी भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को क्रम से रेखाखंडों द्वारा मिलाने पर प्राप्त आकृति को बारंबारता बहुभुज कहते हैं।

बिना Histogram के बनाने की विधि

  1. प्रत्येक वर्ग-अंतराल का वर्ग-चिह्न निकालें।
  2. x-अक्ष पर वर्ग-चिह्न और y-अक्ष पर बारंबारता लें।
  3. प्राप्त बिंदुओं को सीधी रेखाओं से मिलाएँ।
  4. दोनों सिरों पर शून्य बारंबारता वाले काल्पनिक वर्ग जोड़कर बहुभुज बंद करें।

9. केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप

वह प्रतिनिधि मान जिसके आसपास आँकड़ों के अधिकांश मान केंद्रित रहते हैं, केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप कहलाता है।

अंकगणितीय माध्य

सभी मानों पर आधारित औसत।

माध्यिका

क्रमबद्ध आँकड़ों का मध्य मान।

बहुलक

सबसे अधिक बार आने वाला मान।

आदर्श माध्य के गुण

स्पष्ट, निश्चित, सरल, प्रतिनिधि तथा सभी प्रेक्षणों पर आधारित होना चाहिए।

10. अंकगणितीय माध्य (Arithmetic Mean)

सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान अंकगणितीय माध्य कहलाता है। इसे \(\bar{x}\) से दर्शाया जाता है।

x¯ = x1+ x2++ xn n = Σxn
उदाहरण 1: सरल आँकड़ों का माध्य

55, 60, 50, 75 और 45 का माध्य ज्ञात कीजिए।

x¯= 55+60+50 +75+45 5 =2855 =57

11. Σ (सिग्मा) संकेत

ग्रीक अक्षर Σ को सिग्मा कहते हैं। इसका प्रयोग कई पदों के योग को संक्षिप्त रूप में लिखने के लिए किया जाता है।

Σx = x₁ + x₂ + x₃ + … + xₙ
Σf = f₁ + f₂ + f₃ + … + fₙ
Σfx = f₁x₁ + f₂x₂ + f₃x₃ + … + fₙxₙ
उदाहरण
Σi=14 i =1+2+3+4 =10

12. माध्य के सभी प्रमुख सूत्र

व्यक्तिगत अथवा सरल वितरण

x¯ = Σxn

अवर्गीकृत बारंबारता वितरण

x¯ = Σfx Σf
उदाहरण 2: बारंबारता वितरण का माध्य
x2345
f1739
fx2211245

Σf = 1 + 7 + 3 + 9 = 20 तथा Σfx = 2 + 21 + 12 + 45 = 80

x¯ = 8020 =4

13. माध्य के बीजगणितीय गुण

गुण 1: विचलनों का योग

Σ (xx¯) =0

अर्थात माध्य से लिए गए सभी विचलनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।

गुण 2: प्रत्येक मान में \(a\) जोड़ना

नया माध्य = x̄ + a

उदाहरण: 2, 4, 6 का माध्य 4 है। प्रत्येक में 3 जोड़ने पर नए मान 5, 7, 9 और नया माध्य \(4+3=7\) होगा।

गुण 3: प्रत्येक मान से \(a\) घटाना

नया माध्य = x̄ − a

उदाहरण: 10, 20, 30 का माध्य 20 है। प्रत्येक से 5 घटाने पर नया माध्य \(20-5=15\) होगा।

गुण 4: प्रत्येक मान को \(a\) से गुणा करना

नया माध्य = a x̄

उदाहरण: 1, 2, 3 का माध्य 2 है। प्रत्येक को 4 से गुणा करने पर नया माध्य \(4×2=8\) होगा।

गुण 5: प्रत्येक मान को \(a\) से भाग देना

नया माध्य = x¯a

उदाहरण: 12, 18, 24 का माध्य 18 है। प्रत्येक को 3 से भाग देने पर नया माध्य \(18/3=6\) होगा।

14. माध्यिका (Median)

आँकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर बीच में स्थित मान माध्यिका कहलाता है।

माध्यिका निकालने से पहले आँकड़ों को अनिवार्य रूप से आरोही या अवरोही क्रम में सजाएँ।

जब पदों की संख्या \(n\) विषम हो

माध्यिका = n+12 वें पद का मान
उदाहरण 3: विषम पद

आँकड़े: 1, 2, 3, 3, 4, 5, 6; यहाँ \(n=7\)।

स्थान = 7+12 =4 वाँ पद

अतः माध्यिका = चौथे पद का मान = 3

जब पदों की संख्या \(n\) सम हो

M= 12 [ n/2 वें पद का मान + (n/2 + 1) वें पद का मान ]
उदाहरण 4: सम पद

आँकड़े: 1, 2, 3, 3, 4, 5, 6, 7; यहाँ \(n=8\)।

चौथे पद का मान = 3 और पाँचवें पद का मान = 4

M= 3+42 =72 =3.5

माध्यिका के गुण

  • इसकी गणना सरल होती है।
  • चरम मानों का इस पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है।
  • यह एक निश्चित और स्पष्ट मान है।
  • गुणात्मक तथ्यों के अध्ययन में उपयोगी है।
  • यह सभी प्रेक्षणों के मानों पर आधारित नहीं होती।

15. बहुलक (Mode)

किसी वितरण में सबसे अधिक बार आने वाला चर-मूल्य अथवा सबसे अधिक बारंबारता वाला पद बहुलक कहलाता है। इसे \(M_o\) से दर्शाया जाता है।

उदाहरण 5: सरल आँकड़ों का बहुलक

आँकड़े: 30, 50, 45, 50, 45, 20, 45, 65, 45, 45

45 कुल 5 बार आया है, जो सबसे अधिक है।

अतः बहुलक \(M_o = 45\)
यदि कोई एक मान सर्वाधिक बार आता है तो वितरण एक-बहुलकीय, दो मान समान रूप से सर्वाधिक बार आते हैं तो द्वि-बहुलकीय और दो से अधिक हों तो बहु-बहुलकीय कहलाता है।

बहुलक के गुण

  • इसे निरीक्षण द्वारा भी ज्ञात किया जा सकता है।
  • चरम मानों का प्रभाव बहुत कम होता है।
  • यह वितरण के सर्वाधिक प्रतिनिधि या प्रचलित मान को दर्शाता है।
  • इसे आलेख की सहायता से भी ज्ञात किया जा सकता है।
  • कभी-कभी बहुलक एक से अधिक भी हो सकते हैं।

16. माध्य, माध्यिका और बहुलक में अंतर

आधार माध्य माध्यिका बहुलक
अर्थ सभी मानों का औसत क्रमबद्ध आँकड़ों का मध्य मान सर्वाधिक बार आने वाला मान
सभी मानों पर आधारित हाँ नहीं नहीं
चरम मानों का प्रभाव अधिक बहुत कम बहुत कम
मुख्य उपयोग सामान्य औसत मध्य स्थिति सर्वाधिक प्रचलित मान

17. सभी महत्त्वपूर्ण सूत्रों की सारणी

विषयसत्यापित सूत्र
वर्ग-चिह्न\(x_i=(निम्न सीमा+उच्च सीमा)/2\)
कुल बारंबारता\(N=Σf\)
सरल माध्य\(\bar{x}=Σx/n\)
बारंबारता वितरण का माध्य\(\bar{x}=Σfx/Σf\)
माध्य से विचलनों का योग\(Σ(x-\bar{x})=0\)
प्रत्येक मान में \(a\) जोड़ने परनया माध्य \(=\bar{x}+a\)
प्रत्येक मान से \(a\) घटाने परनया माध्य \(=\bar{x}-a\)
प्रत्येक मान को \(a\) से गुणा करने परनया माध्य \(=a\bar{x}\)
प्रत्येक मान को \(a\) से भाग देने परनया माध्य \(=\bar{x}/a\)
विषम \(n\) की माध्यिका\((n+1)/2\) वें पद का मान
सम \(n\) की माध्यिका\(\frac12[n/2\text{ वाँ पद}+(n/2+1)\text{ वाँ पद}]\)
बहुलकसर्वाधिक बारंबारता वाला चर-मूल्य

18. परीक्षा उपयोगी अभ्यास प्रश्न

  1. प्राथमिक और द्वितीयक आँकड़ों में अंतर लिखिए।
  2. 10–20 वर्ग-अंतराल का वर्ग-चिह्न ज्ञात कीजिए।
  3. 5, 7, 9, 11 और 13 का अंकगणितीय माध्य ज्ञात कीजिए।
  4. यदि किसी वितरण का माध्य 15 है और प्रत्येक मान में 4 जोड़ दिया जाए, तो नया माध्य क्या होगा?
  5. 2, 4, 5, 7, 9 की माध्यिका ज्ञात कीजिए।
  6. 3, 5, 7, 8, 10, 12 की माध्यिका ज्ञात कीजिए।
  7. 2, 3, 3, 4, 4, 4, 5, 6 का बहुलक ज्ञात कीजिए।
  8. दण्ड-आलेख और आयत-चित्र में दो अंतर लिखिए।
  9. बारंबारता बहुभुज बनाने के चरण लिखिए।
  10. \(x:2,4,6\) तथा \(f:3,2,5\) का माध्य ज्ञात कीजिए।

19. त्वरित पुनरावृत्ति

  • Data का अर्थ किसी उद्देश्य से एकत्र किए गए आँकड़े हैं।
  • बारंबारता किसी मान के आने की संख्या है।
  • दण्ड-आलेख के दण्डों के बीच दूरी होती है।
  • Histogram के आयत एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
  • माध्य निकालने में सभी प्रेक्षणों का उपयोग होता है।
  • माध्यिका के लिए आँकड़ों को पहले क्रम में सजाना आवश्यक है।
  • बहुलक सबसे अधिक बार आने वाला मान है।
  • सम पदों की माध्यिका दो मध्य पदों का अंकगणितीय माध्य होती है।

20. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

आयत-चित्र और दण्ड-आलेख में मुख्य अंतर क्या है?

दण्ड-आलेख में दण्डों के बीच रिक्त स्थान होता है, जबकि आयत-चित्र में आयत एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।

माध्य निकालने का सबसे सामान्य सूत्र क्या है?

सरल आँकड़ों के लिए \(\bar{x}=Σx/n\) और बारंबारता वितरण के लिए \(\bar{x}=Σfx/Σf\) होता है।

माध्यिका निकालने से पहले क्या करना आवश्यक है?

सभी आँकड़ों को आरोही अथवा अवरोही क्रम में व्यवस्थित करना आवश्यक है।

यदि दो मान समान रूप से सबसे अधिक बार आएँ तो क्या होगा?

ऐसा वितरण द्वि-बहुलकीय वितरण कहलाता है और दोनों मान उसके बहुलक होंगे।

माध्य पर चरम मानों का प्रभाव पड़ता है?

हाँ। बहुत छोटे या बहुत बड़े मान अंकगणितीय माध्य को प्रभावित कर सकते हैं।