बहुपद की परिभाषा, पद, गुणांक, घात, मानक रूप, वर्गीकरण, बहुपद का मान, शून्यक, शेषफल प्रमेय, गुणनखंड प्रमेय तथा बीजीय सर्वसमिकाओं को सरल भाषा और हल सहित समझें।
1. बहुपद का परिचय / Introduction to Polynomial
बीजगणित में हम संख्याओं तथा चरों को जोड़कर व्यंजक बनाते हैं। जब किसी बीजीय व्यंजक में चर की घात केवल अशून्यात्मक पूर्णांक अर्थात् 0, 1, 2, 3, … हो, तब ऐसा व्यंजक बहुपद हो सकता है।
3x − 4, 5x2 + 3x + 7, x3 − 4x2 + 2x − 5 बहुपद हैं।
2. बहुपद की परिभाषा / Definition of Polynomial
यहाँ:
- n एक अशून्यात्मक पूर्णांक है।
- a0, a1, …, an अचर संख्याएँ हैं।
- an ≠ 0 होता है।
- an को अग्र गुणांक या Leading Coefficient कहते हैं।
बहुपद के संकेत / Symbols for Polynomial
बहुपदों को सामान्यतः p(x), q(x), r(x), f(x) और g(x) आदि संकेतों से दर्शाया जाता है।
बहुपद और अबहुपद / Polynomial and Non-Polynomial
| व्यंजक | बहुपद है? | कारण |
|---|---|---|
| 5x2 + 3x + 7 | हाँ | x की घातें 2, 1 और 0 हैं। |
| x3 − 4x + 2 | हाँ | सभी घातें अशून्यात्मक पूर्णांक हैं। |
| x2 + 1/x | नहीं | 1/x = x−1; घात ऋणात्मक है। |
| x1/2 + x + 2 | नहीं | x की घात 1/2 भिन्नात्मक है। |
| 5x2 − √2x + √3 | हाँ | अपरिमेय गुणांक स्वीकार्य हैं; चर की घात पूर्णांक है। |
3. पद, गुणांक एवं घात / Terms, Coefficients and Degree
पद / Terms
जोड़ या घटाव के चिह्नों से अलग हुए भाग बहुपद के पद कहलाते हैं। यहाँ पद हैं: 4x3, −5x2, 2x और −7।
गुणांक / Coefficients
चर के साथ गुणा होने वाली संख्या गुणांक कहलाती है। यहाँ गुणांक 4, −5 और 2 हैं तथा अचर पद −7 है।
घात / Degree
एक चर वाले अशून्य बहुपद में चर की सबसे बड़ी घात बहुपद की घात कहलाती है। दिए गए बहुपद की घात 3 है।
अचर पद / Constant Term
जिस पद में चर नहीं होता अथवा चर की घात शून्य होती है, वह अचर पद कहलाता है। यहाँ अचर पद −7 है।
4. बहुपद का मानक रूप / Standard Form of a Polynomial
2x4 − 3x3 + 4x + 5
आरोही क्रम / Ascending Order:
5 + 4x − 3x3 + 2x4
दोनों एक ही बहुपद हैं; केवल पदों को लिखने का क्रम अलग है। सामान्यतः गणना करते समय अवरोही क्रम अधिक सुविधाजनक होता है।
5. बहुपद का वर्गीकरण / Classification of Polynomials
पदों की संख्या के आधार पर / According to Number of Terms
| प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| एकपदी / Monomial | एक पद वाला बहुपद | 4x, 7x3, −5 |
| द्विपदी / Binomial | दो पद वाला बहुपद | 3x − 5, x2 + 2x |
| त्रिपदी / Trinomial | तीन पद वाला बहुपद | 4x2 + 2x − 3 |
घात के आधार पर / According to Degree
| प्रकार | घात | सामान्य रूप | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| अचर बहुपद / Constant | 0 | p(x) = c, c ≠ 0 | p(x) = 5 |
| एकघातीय / Linear | 1 | ax + b, a ≠ 0 | 3x − 5 |
| द्विघातीय / Quadratic | 2 | ax2 + bx + c | 3x2 − 5x − 10 |
| त्रिघातीय / Cubic | 3 | ax3 + bx2 + cx + d | 7x3 − 5x2 − 8x + 3 |
| शून्य बहुपद / Zero Polynomial | परिभाषित नहीं | p(x) = 0 | 0x2 + 0x + 0 |
6. बहुपद का मान / Value of a Polynomial
p(0) = 02 − 3(0) + 2 = 2
p(1) = 12 − 3(1) + 2 = 0
p(2) = 22 − 3(2) + 2 = 0
p(3) = 32 − 3(3) + 2 = 2
अतः p(0)=2, p(1)=0, p(2)=0 और p(3)=2।
हल करने की विधि / Working Method
7. बहुपद के शून्यक / Zeroes of a Polynomial
p(1)=1−3+2=0
p(2)=4−6+2=0
अतः 1 और 2 इस बहुपद के शून्यक हैं।
p(2)=2−2=0
अतः 2 इस रैखिक बहुपद का शून्यक है।
बहुपद समीकरण का मूल / Root of Polynomial Equation
समीकरण p(x)=0 को संतुष्ट करने वाला मान उसका मूल कहलाता है। किसी बहुपद के शून्यक और संबंधित बहुपद समीकरण के मूल एक ही होते हैं।
शून्य एवं अचर बहुपद / Zero and Constant Polynomial
- शून्य बहुपद p(x)=0 के लिए प्रत्येक वास्तविक संख्या शून्यक है।
- अशून्य अचर बहुपद p(x)=c का कोई शून्यक नहीं होता।
- किसी बहुपद के एक से अधिक शून्यक हो सकते हैं।
- शून्य संख्या भी किसी बहुपद का शून्यक हो सकती है।
8. बहुपद विभाजन एल्गोरिथ्म / Polynomial Division Algorithm
यदि p(x) भाज्य और g(x) भाजक बहुपद हों तथा g(x) ≠ 0 हो, तो ऐसे अद्वितीय बहुपद q(x) और r(x) होते हैं कि:
जहाँ r(x)=0 अथवा r(x) की घात, g(x) की घात से कम होती है।
भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल
9. शेषफल प्रमेय / Remainder Theorem
प्रमाण / Proof
विभाजन एल्गोरिथ्म से:
क्योंकि भाजक x−a की घात 1 है, इसलिए शेषफल r(x) की घात 1 से कम होगी। अतः r(x)=k, जहाँ k एक अचर संख्या है।
x=a रखने पर:
अतः शेषफल k=p(a)। इसलिए p(x) को x−a से भाग देने पर शेषफल p(a) प्राप्त होता है। सिद्ध हुआ।
यहाँ a=2
p(2)=23−4(2)+5
=8−8+5=5
अतः शेषफल = 5
10. गुणनखंड प्रमेय / Factor Theorem
प्रमाण / Proof
शेषफल प्रमेय के अनुसार:
यदि x−a, p(x) का गुणनखंड है, तो भाग देने पर शेषफल शून्य होगा। अतः p(a)=0।
इसके विपरीत यदि p(a)=0, तो:
अतः x−a, p(x) का गुणनखंड है। सिद्ध हुआ।
p(2)=22−5(2)+6
=4−10+6=0
अतः x−2, p(x) का एक गुणनखंड है।
11. बीजीय सर्वसमिकाएँ / Algebraic Identities
हल किए गए उदाहरण / Solved Examples
(a+b)2=a2+2ab+b2
(2x+3)2 =(2x)2+2(2x)(3)+32
=4x2+12x+9
a2−b2=(a+b)(a−b)
49x2−25=(7x)2−52
=(7x+5)(7x−5)
ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका योग 7 और गुणनफल 12 हो। ये संख्याएँ 3 और 4 हैं।
x2+7x+12=(x+3)(x+4)
12. सामान्य गलतियाँ / Common Mistakes
- x−2 या x1/2 वाले व्यंजक को बहुपद न मानें।
- बहुपद की घात पदों की संख्या नहीं, चर की सबसे बड़ी घात होती है।
- x+a से भाग देने पर p(a) नहीं, बल्कि p(−a) निकालें।
- शून्य बहुपद की घात को शून्य न लिखें; यह परिभाषित नहीं है।
- Factor Theorem में p(a)=0 होना आवश्यक है।
- (a−b)2 में मध्य पद −2ab होता है।
13. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न / Important Practice Questions
- बताइए कि x2+1/x बहुपद क्यों नहीं है।
- 5x4−3x2+7 की घात एवं अग्र गुणांक बताइए।
- 3x2−5x−10 किस प्रकार का बहुपद है?
- p(x)=x2−4 के लिए p(2) और p(−2) ज्ञात कीजिए।
- p(x)=x2−7x+12 के शून्यक ज्ञात कीजिए।
- x3−2x2+4 को x−2 से भाग देने पर शेषफल ज्ञात करें।
- जाँचें कि x+1, x3−x2−x+1 का गुणनखंड है या नहीं।
- (3x−2)2 का विस्तार कीजिए।
- 81x2−16 का गुणनखंड कीजिए।
- x2+9x+20 का गुणनखंड कीजिए।
उत्तर देखने के लिए क्लिक करें / View Answers
- क्योंकि 1/x=x−1; चर की घात ऋणात्मक है।
- घात 4 तथा अग्र गुणांक 5।
- द्विघातीय त्रिपदी बहुपद।
- p(2)=0 और p(−2)=0।
- 3 और 4।
- शेषफल 4।
- हाँ, क्योंकि p(−1)=0।
- 9x2−12x+4।
- (9x+4)(9x−4)।
- (x+4)(x+5)।
14. त्वरित पुनरावृत्ति / Quick Revision
- बहुपद में चर की घात अशून्यात्मक पूर्णांक होती है।
- चर की सबसे बड़ी घात बहुपद की घात कहलाती है।
- p(a)=0 होने पर a, p(x) का शून्यक है।
- x−a से भाग देने पर शेषफल p(a) होता है।
- x−a गुणनखंड होगा, यदि और केवल यदि p(a)=0।
- शून्य बहुपद की घात परिभाषित नहीं होती।
- अशून्य अचर बहुपद का कोई शून्यक नहीं होता।
15. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न / FAQs
बहुपद की सबसे सरल पहचान क्या है?
चर की सभी घातें 0, 1, 2, 3, … में हों। ऋणात्मक या भिन्नात्मक घात होने पर व्यंजक बहुपद नहीं होगा।
क्या बहुपद का गुणांक अपरिमेय हो सकता है?
हाँ। उदाहरण के लिए 5x2−√2x+√3 भी वास्तविक गुणांकों वाला बहुपद है।
बहुपद की घात कैसे ज्ञात करते हैं?
समान पदों को सरल करने के बाद चर की सबसे बड़ी घात देखी जाती है।
शून्यक और गुणनखंड में क्या संबंध है?
यदि a किसी बहुपद का शून्यक है, तो x−a उस बहुपद का गुणनखंड होता है।
