आपदा काल में वैकल्पिक संचार व्यवस्था
सम्पूर्ण हिंदी नोट्स | BSEB EXAM GUIDE
अध्याय परिचय
किसी भी आपदा के समय सही सूचना का सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँचना बहुत आवश्यक होता है। भूकंप, बाढ़, चक्रवात, सुनामी या अन्य बड़ी आपदा के कारण सामान्य संचार व्यवस्था जैसे टेलीफोन, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट प्रभावित या बंद हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने के लिए रेडियो, वायरलेस, उपग्रह संचार तथा अन्य वैकल्पिक संचार साधनों का उपयोग किया जाता है। इन्हीं व्यवस्थाओं को आपदा काल की वैकल्पिक संचार व्यवस्था कहा जाता है।
इस अध्याय में पढ़ेंगे
1. संचार क्या है?
सामान्य जीवन में टेलीफोन, मोबाइल, इंटरनेट, रेडियो, टेलीविजन आदि संचार के प्रमुख साधन हैं। आपदा के समय इनका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
2. आपदा के समय संचार का महत्व
आपदा आने से पहले चेतावनी देने से लेकर आपदा के बाद राहत पहुँचाने तक संचार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
लोगों को संभावित खतरे की जानकारी देना।
लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश देना।
बचाव दलों के बीच सूचना का आदान-प्रदान।
घायलों के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता मँगाना।
भोजन, पानी और अन्य सामग्री की आवश्यकता बताना।
विभिन्न सरकारी और बचाव एजेंसियों को जोड़ना।
3. आपदा के समय सामान्य संचार व्यवस्था क्यों प्रभावित होती है?
बड़ी आपदा में संचार से संबंधित आधारभूत संरचनाएँ भी क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। इससे सामान्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाती है।
- बिजली आपूर्ति बंद हो सकती है।
- मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
- टेलीफोन लाइन टूट सकती है।
- ऑप्टिकल फाइबर या अन्य संचार केबल क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
- नेटवर्क उपकरणों को नुकसान पहुँच सकता है।
- अत्यधिक लोगों द्वारा एक साथ कॉल करने से नेटवर्क पर दबाव बढ़ सकता है।
- बाढ़ या भूकंप से संचार केंद्रों तक पहुँचना कठिन हो सकता है।
4. वैकल्पिक संचार व्यवस्था क्या है?
मुख्य वैकल्पिक साधन
रेडियो
व्यापक क्षेत्र तक सूचना और चेतावनी पहुँचाने में उपयोगी।
वायरलेस
राहत और बचाव दलों के बीच तत्काल संपर्क में उपयोगी।
उपग्रह संचार
स्थलीय संचार व्यवस्था बाधित होने पर महत्वपूर्ण विकल्प।
हैम रेडियो
आपात स्थिति में प्रशिक्षित रेडियो ऑपरेटर संचार में सहयोग कर सकते हैं।
5. रेडियो संचार
रेडियो आपदा के समय बड़ी संख्या में लोगों तक सूचना पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण साधन है। इसके माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनी, सरकारी निर्देश, निकासी संबंधी जानकारी तथा राहत कार्यों की सूचना प्रसारित की जा सकती है।
रेडियो की उपयोगिता
- एक साथ बड़ी संख्या में लोगों तक सूचना पहुँच सकती है।
- दूर-दराज क्षेत्रों में भी सूचना पहुँचाने में उपयोगी है।
- बैटरी से चलने वाला रेडियो बिजली बंद होने पर भी उपयोगी हो सकता है।
- आधिकारिक चेतावनी और निर्देश प्रसारित किए जा सकते हैं।
6. वायरलेस संचार
पुलिस, अग्निशमन सेवा, प्रशासन तथा विभिन्न राहत एवं बचाव दल आपदा के समय वायरलेस सेट का उपयोग कर सकते हैं।
वायरलेस संचार के लाभ
- तेजी से संदेश भेजा जा सकता है।
- चलते-फिरते बचाव दलों के बीच संपर्क संभव होता है।
- कुछ प्रणालियाँ स्थानीय मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं होतीं।
- दूरस्थ क्षेत्रों में राहत कार्यों में उपयोगी हो सकता है।
7. उपग्रह संचार
कृत्रिम उपग्रहों के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान उपग्रह संचार कहलाता है।
जब भूकंप, बाढ़ या चक्रवात के कारण जमीन पर मौजूद संचार व्यवस्था क्षतिग्रस्त हो जाए, तब उपयुक्त उपकरण उपलब्ध होने पर उपग्रह आधारित संचार महत्वपूर्ण विकल्प प्रदान कर सकता है।
उपग्रह संचार की विशेषताएँ
- दूर-दराज क्षेत्रों में संचार स्थापित करने में उपयोगी।
- स्थलीय नेटवर्क के क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक संपर्क प्रदान कर सकता है।
- आपदा नियंत्रण केंद्र और बचाव दलों के बीच संपर्क में उपयोगी।
- आपदा संबंधी जानकारी के आदान-प्रदान में सहायता करता है।
8. हैम रेडियो (Amateur Radio)
आपदा के समय जब सामान्य संचार सेवाएँ प्रभावित होती हैं, तब प्रशिक्षित हैम रेडियो ऑपरेटर आवश्यक संदेशों के आदान-प्रदान में प्रशासन और राहत एजेंसियों की सहायता कर सकते हैं।
आपदा में हैम रेडियो का उपयोग
- आपात संदेश भेजना।
- प्रभावित क्षेत्र की स्थिति की सूचना देना।
- राहत सामग्री की आवश्यकता की जानकारी पहुँचाना।
- बचाव कार्यों में संचार सहायता देना।
9. मोबाइल फोन एवं इंटरनेट
आज मोबाइल फोन और इंटरनेट सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले संचार साधनों में हैं। यदि आपदा के दौरान नेटवर्क उपलब्ध हो, तो इनके माध्यम से सूचना बहुत तेजी से पहुँचाई जा सकती है।
उपयोग
- आपातकालीन कॉल करना।
- SMS के माध्यम से सूचना भेजना।
- सरकारी चेतावनी प्राप्त करना।
- ऑनलाइन सूचना और मौसम अपडेट प्राप्त करना।
- स्थान संबंधी आवश्यक जानकारी साझा करना।
10. पूर्व चेतावनी एवं सूचना व्यवस्था
कई प्राकृतिक आपदाओं में समय पर चेतावनी मिलने से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने और नुकसान कम करने में सहायता मिल सकती है।
चेतावनी पहुँचाने के साधन
11. आपदा नियंत्रण कक्ष
आपदा के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष (Control Room) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नियंत्रण कक्ष के प्रमुख कार्य
- प्रभावित क्षेत्रों से सूचना प्राप्त करना।
- सूचना का विश्लेषण और आवश्यक स्थान तक संचार करना।
- बचाव एवं राहत दलों से संपर्क बनाए रखना।
- आवश्यक संसाधनों की जानकारी जुटाना।
- प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना।
- जरूरत के अनुसार चेतावनी एवं निर्देश प्रसारित करना।
12. राहत एवं बचाव कार्य में संचार की भूमिका
प्रभावी संचार के बिना बड़े स्तर पर राहत और बचाव कार्यों का समन्वय कठिन हो सकता है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाती है।
फँसे एवं घायल लोगों के स्थान की जानकारी बचाव दल को दी जाती है।
आवश्यक राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता की माँग भेजी जाती है।
राहत दलों और प्रशासन के बीच समन्वय किया जाता है।
13. आपदा संचार की सरल प्रक्रिया
यह प्रक्रिया दोनों दिशाओं में चलती है। नियंत्रण कक्ष प्रभावित क्षेत्र से जानकारी प्राप्त करता है और आवश्यक निर्देश तथा सहायता की सूचना वापस भेजता है।
14. प्रभावी आपदा संचार की विशेषताएँ
- त्वरित: सूचना समय पर पहुँचे।
- सही: गलत या भ्रामक सूचना न हो।
- स्पष्ट: संदेश आसानी से समझ में आए।
- विश्वसनीय: आधिकारिक स्रोत से जानकारी मिले।
- दोतरफा: सूचना भेजने और प्राप्त करने दोनों की सुविधा हो।
- वैकल्पिक: मुख्य व्यवस्था विफल होने पर बैकअप उपलब्ध हो।
15. समुदाय की भूमिका
आपदा संचार केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं है। स्थानीय समुदाय भी सही सूचना पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
- आधिकारिक चेतावनी को आसपास के लोगों तक पहुँचाना।
- अफवाहों को फैलने से रोकना।
- बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को चेतावनी समझाने में मदद करना।
- स्थानीय प्रशासन को वास्तविक स्थिति की सूचना देना।
- निकासी संबंधी निर्देशों का पालन करना।
16. आपदा के समय अफवाहों से बचाव
क्या करें?
- सरकारी या विश्वसनीय स्रोत की सूचना पर भरोसा करें।
- अपुष्ट सोशल मीडिया संदेश साझा न करें।
- पुरानी फोटो या वीडियो को वर्तमान आपदा का बताकर साझा न करें।
- आपातकालीन संचार का अनावश्यक उपयोग न करें।
17. सामान्य एवं वैकल्पिक संचार में अंतर
| सामान्य संचार | वैकल्पिक संचार |
|---|---|
| दैनिक परिस्थितियों में नियमित रूप से उपयोग होता है। | मुख्य संचार व्यवस्था बाधित होने पर विशेष महत्व रखता है। |
| मोबाइल, टेलीफोन और इंटरनेट प्रमुख साधन हैं। | वायरलेस, उपग्रह संचार और हैम रेडियो जैसे विकल्प उपयोगी हो सकते हैं। |
| सामान्य नेटवर्क और आधारभूत संरचना पर निर्भर हो सकता है। | बैकअप या अलग संचार माध्यम उपलब्ध करा सकता है। |
| सामान्य दैनिक संचार के लिए। | आपदा राहत, बचाव और आपात समन्वय में विशेष उपयोग। |
18. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
19. अति लघु एवं लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. संचार किसे कहते हैं?
उत्तर: सूचना या संदेश को एक व्यक्ति या स्थान से दूसरे व्यक्ति या स्थान तक पहुँचाने की प्रक्रिया को संचार कहते हैं।
प्रश्न 2. वैकल्पिक संचार व्यवस्था क्या है?
उत्तर: सामान्य संचार व्यवस्था बाधित होने पर सूचना के आदान-प्रदान के लिए उपयोग किए जाने वाले अन्य साधनों को वैकल्पिक संचार व्यवस्था कहते हैं।
प्रश्न 3. आपदा के समय संचार क्यों आवश्यक है?
उत्तर: चेतावनी देने, बचाव दलों से संपर्क करने, राहत पहुँचाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए संचार आवश्यक है।
प्रश्न 4. वैकल्पिक संचार के दो साधन लिखिए।
उत्तर: वायरलेस संचार और उपग्रह संचार।
प्रश्न 5. हैम रेडियो क्या है?
उत्तर: अधिकृत शौकिया रेडियो ऑपरेटरों द्वारा संचालित रेडियो संचार व्यवस्था को हैम रेडियो या Amateur Radio कहते हैं।
प्रश्न 6. उपग्रह संचार क्यों उपयोगी है?
उत्तर: स्थलीय संचार व्यवस्था बाधित होने पर उपयुक्त उपकरणों की सहायता से दूरस्थ क्षेत्रों से संपर्क बनाए रखने में यह उपयोगी हो सकता है।
प्रश्न 7. आपदा नियंत्रण कक्ष का क्या कार्य है?
उत्तर: नियंत्रण कक्ष सूचना प्राप्त करता है तथा राहत, बचाव और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
प्रश्न 8. आपदा के समय अफवाह से क्यों बचना चाहिए?
उत्तर: अफवाह से भय, भ्रम और गलत निर्णय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रश्न 9. पूर्व चेतावनी क्या है?
उत्तर: संभावित आपदा या खतरे के बारे में लोगों को समय रहते दी गई सूचना पूर्व चेतावनी कहलाती है।
प्रश्न 10. रेडियो आपदा के समय कैसे उपयोगी है?
उत्तर: रेडियो के माध्यम से एक साथ बड़ी संख्या में लोगों तक चेतावनी और आवश्यक निर्देश पहुँचाए जा सकते हैं।
प्रश्न 11. वायरलेस संचार का उपयोग कौन कर सकता है?
उत्तर: अधिकृत पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन तथा राहत-बचाव एजेंसियाँ वायरलेस संचार का उपयोग कर सकती हैं।
प्रश्न 12. आपदा में विश्वसनीय सूचना क्यों जरूरी है?
उत्तर: विश्वसनीय सूचना से सही सुरक्षा निर्णय लेने और राहत-बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलती है।
20. महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. आपदा काल में वैकल्पिक संचार व्यवस्था की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर:
बड़ी आपदा के कारण बिजली, टेलीफोन लाइन, मोबाइल टावर और इंटरनेट जैसी सामान्य संचार सुविधाएँ प्रभावित हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए संपर्क बनाए रखना आवश्यक होता है।
इसलिए वायरलेस, रेडियो, उपग्रह संचार और अन्य उपलब्ध वैकल्पिक साधनों का उपयोग किया जाता है। इनके माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों से सूचना प्राप्त करने और आवश्यक सहायता पहुँचाने में मदद मिलती है।
प्रश्न 2. आपदा प्रबंधन में संचार का महत्व बताइए।
उत्तर:
संचार के माध्यम से संभावित खतरे की चेतावनी लोगों तक पहुँचाई जाती है। आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्र की स्थिति, घायल लोगों की संख्या और राहत सामग्री की आवश्यकता की जानकारी प्रशासन तक पहुँचाई जा सकती है।
संचार बचाव दल, चिकित्सा दल और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने में भी सहायता करता है। इसलिए प्रभावी संचार आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण अंग है।
प्रश्न 3. उपग्रह संचार का महत्व समझाइए।
उत्तर:
उपग्रह संचार कृत्रिम उपग्रहों की सहायता से सूचना के आदान-प्रदान की व्यवस्था है। जब स्थलीय संचार नेटवर्क आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हो जाता है, तब उपयुक्त उपकरणों की उपलब्धता में यह वैकल्पिक संपर्क स्थापित करने में सहायक हो सकता है।
दूरस्थ क्षेत्रों, आपदा नियंत्रण केंद्र और राहत एजेंसियों के बीच संपर्क बनाए रखने में इसका विशेष महत्व है।
प्रश्न 4. हैम रेडियो की उपयोगिता बताइए।
उत्तर:
हैम रेडियो को Amateur Radio भी कहा जाता है। प्रशिक्षित और अधिकृत ऑपरेटर रेडियो उपकरणों की सहायता से संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं।
आपदा के समय सामान्य संचार व्यवस्था बाधित होने पर हैम रेडियो ऑपरेटर आपात संदेश पहुँचाने तथा राहत एवं बचाव एजेंसियों को संचार सहायता देने में सहयोग कर सकते हैं।
प्रश्न 5. आपदा के समय सही सूचना और संचार के नियम लिखिए।
उत्तर:
आपदा के समय सूचना स्पष्ट, सही और समय पर होनी चाहिए। सरकारी और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचना पर भरोसा करना चाहिए।
अपुष्ट संदेश, फोटो या वीडियो आगे नहीं भेजने चाहिए। आपातकालीन संचार साधनों का अनावश्यक उपयोग नहीं करना चाहिए तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
21. Quick Revision
संचार → सूचना का आदान-प्रदान
आपदा संचार → चेतावनी, बचाव, राहत और समन्वय
वैकल्पिक संचार → सामान्य संचार विफल होने पर बैकअप व्यवस्था
रेडियो → बड़ी संख्या में लोगों तक सूचना
वायरलेस → बचाव दलों के बीच संपर्क
उपग्रह संचार → दूरस्थ एवं प्रभावित क्षेत्रों के लिए उपयोगी
हैम रेडियो → Amateur Radio
Control Room → सूचना एवं समन्वय केंद्र
Early Warning → खतरे की पूर्व सूचना
मुख्य नियम → अफवाह नहीं, केवल विश्वसनीय सूचना
परीक्षा के लिए जरूर याद करें
वैकल्पिक संचार की परिभाषा, आपदा में संचार का महत्व, सामान्य संचार व्यवस्था के बाधित होने के कारण, रेडियो, वायरलेस, उपग्रह संचार, हैम रेडियो, नियंत्रण कक्ष, पूर्व चेतावनी और अफवाहों से बचाव विशेष रूप से तैयार करें।

