Chapter 4 – द्विघात समीकरण
Quadratic Equations: Complete Definitions, Methods, Formula, Discriminant and Solved Examples
Class 10 Maths Chapter 4 Notes में द्विघात बहुपद और उसके शून्यक, द्विघात समीकरण का मानक रूप, मूल, समीकरण के प्रकार, गुणनखंड विधि, पूर्ण वर्ग विधि, श्रीधराचार्य सूत्र, विविक्तकर तथा मूलों की प्रकृति को पूर्ण रूप से समझाया गया है।
नोट्स का क्रम परिभाषा → नियम/सूत्र → हल की विधि → चरणबद्ध उदाहरण → परीक्षा पुनरावृत्ति रखा गया है, जिससे विद्यार्थी अवधारणा समझने के साथ बोर्ड परीक्षा में पूरा समाधान लिख सकें।
1. द्विघात बहुपद और उसके शून्यक
द्विघात बहुपद: यदि a,b,c वास्तविक संख्याएँ हों और a≠0, तो ax²+bx+c के रूप का बहुपद द्विघात बहुपद कहलाता है। इसकी घात 2 होती है।
गुणांक: a, x² का गुणांक; b, x का गुणांक और c अचर पद है।
शून्यक: x का वह वास्तविक मान जिसके लिए p(x)=0 हो, द्विघात बहुपद का शून्यक कहलाता है। एक द्विघात बहुपद के अधिकतम दो वास्तविक शून्यक हो सकते हैं।
उदाहरण 1: x²−5x+4 के शून्यक जाँचें
p(1)=1−5+4=0
p(4)=16−20+4=0
अतः 1 और 4 बहुपद x²−5x+4 के शून्यक हैं।
2. द्विघात समीकरण
पूर्ण परिभाषा: यदि a,b,c वास्तविक संख्याएँ हों तथा a≠0, तो ax²+bx+c=0 के रूप में लिखा जा सकने वाला समीकरण द्विघात समीकरण कहलाता है।
किसी समीकरण को द्विघात कहने से पहले उसे सरल करके सभी पदों को एक पक्ष में लाना आवश्यक है। सरल रूप में चर की उच्चतम घात 2 और x² का गुणांक अशून्य होना चाहिए।
3. मानक रूप और द्विघात समीकरण की पहचान
कार्यकारी नियम
- दिए गए समीकरण के दोनों पक्षों को सरल करें।
- सभी पदों को एक ही पक्ष में लाकर दूसरे पक्ष को शून्य करें।
- पदों को चर की घात के घटते क्रम में लिखें।
- यदि रूप ax²+bx+c=0 तथा a≠0 मिले, तो समीकरण द्विघात है।
उदाहरण 2: (x+15)(x−13)=0
x²−13x+15x−195=0
x²+2x−195=0
यह ax²+bx+c=0 के रूप में है; अतः द्विघात समीकरण है।
उदाहरण 3: (x+2)³=2x³−4
x³+6x²+12x+8=2x³−4
x³−6x²−12x−12=0
सरल करने पर उच्चतम घात 3 है; अतः यह द्विघात समीकरण नहीं है।
उदाहरण 4: x²−3x=10 को मानक रूप में लिखें
x²−3x−10=0
यहाँ a=1, b=−3 और c=−10 है।
4. द्विघात समीकरण के मूल
x के वे वास्तविक मान जो द्विघात समीकरण ax²+bx+c=0 को संतुष्ट करते हैं, उसके मूल कहलाते हैं। द्विघात बहुपद के शून्यक ही संबंधित द्विघात समीकरण के मूल होते हैं। मूलों को सामान्यतः α और β से दर्शाते हैं।
उदाहरण 5: जाँचें कि 1/2 और 3/2, 2x²−5x+3=0 के मूल हैं या नहीं
x=1/2 पर: 2(1/2)²−5(1/2)+3=1/2−5/2+3=1≠0
x=3/2 पर: 2(3/2)²−5(3/2)+3=9/2−15/2+3=0
अतः 1/2 मूल नहीं है, जबकि 3/2 इस समीकरण का मूल है।
5. द्विघात समीकरण के प्रकार
शुद्ध द्विघात समीकरण
जिस समीकरण में x का प्रथम घात वाला पद न हो, अर्थात b=0, वह शुद्ध द्विघात समीकरण है।
ax²+c=0
उदाहरण: x²−16=0, 16x²−49=0।
मिश्रित द्विघात समीकरण
जिस समीकरण में x² तथा x दोनों वाले पद हों, अर्थात a≠0,b≠0, वह मिश्रित द्विघात समीकरण है।
ax²+bx+c=0
उदाहरण: 2x²−5x+3=0।
6. गुणनखंड विधि से हल
यदि ax²+bx+c को दो रैखिक गुणनखंडों (px+q)(rx+s) के रूप में लिखा जा सके, तो शून्य गुणनफल नियम से प्रत्येक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखकर मूल निकाले जाते हैं।
px+q=0 या rx+s=0
x=−q/p या x=−s/r
मध्य पद विभाजन की विधि
- a×c ज्ञात करें।
- ऐसी दो संख्याएँ चुनें जिनका योग b और गुणनफल ac हो।
- मध्य पद bx को उन दो पदों में बाँटें।
- समूहीकरण करके गुणनखंड निकालें और प्रत्येक गुणनखंड को शून्य रखें।
उदाहरण 6: x²−5x+6=0
x²−2x−3x+6=0
x(x−2)−3(x−2)=0
(x−2)(x−3)=0
अतः x=2 या x=3।
उदाहरण 7: 6x²−7x−3=0
6x²−9x+2x−3=0
3x(2x−3)+1(2x−3)=0
(3x+1)(2x−3)=0
अतः x=−1/3 या x=3/2।
उदाहरण 8: शुद्ध समीकरण 16x²−49=0
(4x)²−7²=0 ⇒ (4x−7)(4x+7)=0
अतः x=7/4 या x=−7/4।
7. पूर्ण वर्ग विधि
इस विधि में समीकरण के एक पक्ष को पूर्ण वर्ग बनाया जाता है। ax²+bx+c=0 को a से भाग देने पर:
दोनों पक्षों में (b/2a)² जोड़ें
(x+b/2a)²=(b²−4ac)/(4a²)
चरण
- x² का गुणांक 1 बनाएँ।
- अचर पद को दाएँ पक्ष में ले जाएँ।
- x के गुणांक के आधे का वर्ग दोनों पक्षों में जोड़ें।
- बाएँ पक्ष को पूर्ण वर्ग लिखें और दोनों पक्षों का वर्गमूल लें।
उदाहरण 9: x²+6x−7=0
x²+6x=7
दोनों पक्षों में (6/2)²=9 जोड़ें:
x²+6x+9=16 ⇒ (x+3)²=16
x+3=±4
अतः x=1 या x=−7।
8. श्रीधराचार्य सूत्र से हल
जब गुणनखंड आसानी से न बनें, तब द्विघात समीकरण ax²+bx+c=0 के मूल श्रीधराचार्य सूत्र से निकाले जाते हैं:
± दो मूल देता है:
β=[−b+√(b²−4ac)]/(2a)
उदाहरण 10: 2x²−5x−3=0
यहाँ a=2,b=−5,c=−3।
x=[−(−5)±√{(−5)²−4(2)(−3)}]/[2(2)]
x=[5±√49]/4=[5±7]/4
अतः x=3 या x=−1/2।
उदाहरण 11: 3x²−4x−2=0
a=3,b=−4,c=−2
x=[4±√{16+24}]/6=[4±√40]/6=[4±2√10]/6
अतः x=(2+√10)/3 या x=(2−√10)/3।
9. विविक्तकर (Discriminant)
द्विघात समीकरण ax²+bx+c=0 के लिए व्यंजक b²−4ac को विविक्तकर कहते हैं और इसे D या Δ से दर्शाते हैं।
विविक्तकर के चिह्न से समीकरण को हल किए बिना ही मूलों की प्रकृति ज्ञात की जा सकती है। वास्तविक मूल होने की आवश्यक और पर्याप्त शर्त D≥0 है।
10. द्विघात समीकरण के मूलों की प्रकृति
| विविक्तकर | मूलों की प्रकृति | विशेष स्थिति |
|---|---|---|
| D>0 | दो वास्तविक एवं भिन्न मूल | D पूर्ण वर्ग हो तो मूल परिमेय; अन्यथा अपरिमेय |
| D=0 | दो वास्तविक एवं समान मूल | α=β=−b/(2a) |
| D<0 | कोई वास्तविक मूल नहीं | मूल सम्मिश्र होते हैं |
उदाहरण 12: 2x²−5x+3=0 के मूलों की प्रकृति
D=(−5)²−4(2)(3)=25−24=1>0
अतः दो वास्तविक एवं भिन्न परिमेय मूल हैं।
उदाहरण 13: 4x²+4x+1=0
D=4²−4(4)(1)=16−16=0
अतः वास्तविक एवं समान मूल हैं; प्रत्येक मूल −b/(2a)=−4/8=−1/2 है।
उदाहरण 14: 3x²+2x+5=0
D=2²−4(3)(5)=4−60=−56<0
अतः इसका कोई वास्तविक मूल नहीं है।
11. शब्द-समस्याएँ
द्विघात समीकरण की शब्द-समस्याओं में अज्ञात राशि x मानकर दी गई शर्त के अनुसार समीकरण बनाया जाता है। हल मिलने पर ऋणात्मक या अव्यावहारिक मान को प्रश्न के संदर्भ में अस्वीकार करना पड़ सकता है।
उदाहरण 15: लगातार दो धनात्मक पूर्णांक
दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों का गुणनफल 156 है।
छोटी संख्या x, बड़ी x+1 मानें:
x(x+1)=156 ⇒ x²+x−156=0
(x−12)(x+13)=0 ⇒ x=12 या x=−13
धनात्मक संख्या चाहिए, इसलिए x=12।
अतः संख्याएँ 12 और 13 हैं।
उदाहरण 16: आयत का क्षेत्रफल
एक आयत की लंबाई उसकी चौड़ाई से 3 मीटर अधिक है और क्षेत्रफल 54 वर्ग मीटर है।
चौड़ाई x मीटर तथा लंबाई x+3 मीटर मानें:
x(x+3)=54 ⇒ x²+3x−54=0
(x+9)(x−6)=0 ⇒ x=6 या −9
लंबाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए x=6।
चौड़ाई 6 मीटर और लंबाई 9 मीटर है।
12. त्वरित पुनरावृत्ति
- द्विघात समीकरण का मानक रूप ax²+bx+c=0, a≠0 है।
- मूल वे मान हैं जो समीकरण को संतुष्ट करते हैं।
- b=0 होने पर शुद्ध द्विघात समीकरण मिलता है।
- मुख्य हल-विधियाँ: गुणनखंड, पूर्ण वर्ग और श्रीधराचार्य सूत्र।
- श्रीधराचार्य सूत्र: x=[−b±√(b²−4ac)]/(2a)।
- विविक्तकर D=b²−4ac है।
- D>0: वास्तविक भिन्न मूल; D=0: वास्तविक समान मूल; D<0: कोई वास्तविक मूल नहीं।
- शब्द-समस्या में प्राप्त मूल को मूल प्रश्न के अनुसार अवश्य जाँचें।
13. परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न
- जाँचें कि (x−4)(x+7)=0 द्विघात समीकरण है या नहीं।
- x²−9x+20=0 को गुणनखंड विधि से हल करें।
- 2x²+7x+3=0 के मूल ज्ञात करें।
- x²−8x+7=0 को पूर्ण वर्ग विधि से हल करें।
- 5x²−6x−2=0 को श्रीधराचार्य सूत्र से हल करें।
- 3x²−10x+3=0 के मूलों की प्रकृति बताएँ।
- kx²−6x+1=0 के समान मूल होने के लिए k ज्ञात करें।
- दो क्रमागत धनात्मक विषम संख्याओं का गुणनफल 143 है। संख्याएँ ज्ञात करें।
14. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
द्विघात समीकरण का मानक रूप क्या है?
ax²+bx+c=0, जहाँ a≠0।
द्विघात समीकरण के अधिकतम कितने वास्तविक मूल हो सकते हैं?
अधिकतम दो वास्तविक मूल हो सकते हैं।
श्रीधराचार्य सूत्र क्या है?
x=[−b±√(b²−4ac)]/(2a)।
विविक्तकर क्या होता है?
D=b²−4ac को द्विघात समीकरण का विविक्तकर कहते हैं।
समान मूल होने की शर्त क्या है?
D=0, अर्थात b²−4ac=0।
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