Bihar Board Class 9 Maths प्रायिकता या सम्भाविता (Probability) Complete Notes in Hindi

Class 9 Mathematics
प्रायिकता या सम्भाविता
Probability

प्रायोगिक प्रायिकता, यादृच्छिक प्रयोग, परीक्षण, परिणाम और घटना के सत्यापित सूत्रों एवं हल किए गए उदाहरणों सहित सम्पूर्ण हिंदी नोट्स।

विषय-सूची (Table of Contents)

1. प्रायिकता का परिचय

मानव जीवन में अनेक घटनाएँ अनिश्चित होती हैं। हम उनके बारे में निश्चित रूप से कुछ कहने के स्थान पर सम्भावना, संयोग, आशा अथवा संदेह जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं।

किसी अनिश्चित घटना के घटित होने की सम्भावना को संख्यात्मक रूप में व्यक्त करने की गणितीय विधि को प्रायिकता (Probability) कहते हैं।

निश्चित कथन

जिस घटना का घटित होना तय हो, उसे निश्चित घटना कहते हैं।

उदाहरण: सामान्य पासा फेंकने पर 1 से 6 के बीच कोई संख्या आएगी।

अनिश्चित कथन

जिस घटना के घटित होने के बारे में पहले से निश्चित रूप से न कहा जा सके।

उदाहरण: आज वर्षा होगी या नहीं।

2. प्रायिकता सिद्धांत का विकास

प्रायिकता सिद्धांत का प्रारम्भ जुए, सिक्के और पासे से जुड़े संयोग के प्रश्नों से हुआ। पास्कल, फर्मा, गैलीलियो, लाप्लास, बर्नौली, ऑयलर, गॉस और कोल्मोगोरोव जैसे गणितज्ञों ने इसके विकास में योगदान दिया।

वर्तमान समय में विज्ञान, अर्थशास्त्र, इंजीनियरिंग, बीमा, मौसम पूर्वानुमान, चिकित्सा और व्यापार में प्रायिकता का व्यापक प्रयोग होता है।

3. प्रायिकता का प्रायोगिक दृष्टिकोण

किसी प्रयोग को बहुत बार दोहराकर किसी घटना के घटित होने की वास्तविक बारंबारता के आधार पर उसकी प्रायिकता ज्ञात करना प्रायोगिक या अनुभवजन्य दृष्टिकोण कहलाता है।

प्रयोगों की संख्या कम होने पर परिणामों में अधिक अंतर हो सकता है। प्रयोगों की संख्या बढ़ने पर प्रायोगिक प्रायिकता सामान्यतः एक स्थिर मान के निकट पहुँचने लगती है।

4. प्रायिकता से संबंधित महत्त्वपूर्ण पद

प्रयोग (Experiment)

वह क्रिया जिससे कोई परिणाम प्राप्त होता है, प्रयोग कहलाती है।

यादृच्छिक प्रयोग

ऐसा प्रयोग जिसके सभी सम्भावित परिणाम ज्ञात हों, लेकिन किसी परीक्षण में कौन-सा परिणाम आएगा यह पहले से निश्चित न हो।

परीक्षण या अभिप्रयोग (Trial)

किसी यादृच्छिक प्रयोग को एक बार करना एक परीक्षण कहलाता है।

परिणाम (Outcome)

किसी परीक्षण से प्राप्त अंतिम स्थिति परिणाम कहलाती है।

घटना (Event)

प्रयोग के एक या अधिक परिणामों के समूह को घटना कहते हैं। इसे \(E\) से दर्शाते हैं।

अनुकूल परिणाम

वे परीक्षण जिनमें इच्छित घटना \(E\) घटित होती है, उसके अनुकूल परिणाम कहलाते हैं।

5. अनुभवजन्य प्रायिकता का मुख्य सूत्र

यदि किसी प्रयोग को कुल \(n\) बार किया गया और घटना \(E\), \(m\) बार घटित हुई, तो घटना \(E\) की अनुभवजन्य प्रायिकता—

P(E) = घटना E के घटित होने वाले परीक्षणों की संख्या परीक्षणों की कुल संख्या = mn
सूत्र का सरल उदाहरण

एक सिक्का 50 बार उछालने पर 28 बार चित आया। चित आने की अनुभवजन्य प्रायिकता:

P(चित) = 2850 = 1425 =0.56

6. प्रायिकता की सीमा

0P(E)1

असम्भव घटना

P(E) = 0

जो घटना कभी घटित नहीं हो सकती।

निश्चित घटना

P(E) = 1

जो घटना निश्चित रूप से घटित होती है।

प्रायिकता ऋणात्मक नहीं हो सकती और उसका मान 1 से अधिक नहीं हो सकता।

7. पूरक घटना

यदि \(E\) किसी घटना के घटित होने को दर्शाती है, तो \(\overline{E}\) अथवा “\(E\) नहीं” उसके घटित न होने की घटना है।

P(E) + P(E¯) =1
P(E¯) =1 P(E)
पूरक घटना का उदाहरण

यदि किसी छात्र के उत्तीर्ण होने की प्रायिकता 0.72 है, तो अनुत्तीर्ण होने की प्रायिकता:

P(अनुत्तीर्ण) = 1 − 0.72 = 0.28

8. सिक्का उछालने का प्रयोग

चित
पट

सम्भावित परिणाम: चित (H) और पट (T)

एक सिक्के को बार-बार उछालने पर चित और पट की प्रायोगिक प्रायिकता सामान्यतः \(0.5\) के निकट पहुँचती है।

उदाहरण

एक सिक्का 1000 बार उछाला गया। चित 455 बार और पट 545 बार आया।

P(चित) =4551000 =0.455
P(पट) =5451000 =0.545

जाँच: \(0.455+0.545=1\), अतः परिणाम सही है।

9. पासा फेंकने का प्रयोग

1
2
3
4
5
6

एक सामान्य पासे के सम्भावित परिणाम: 1, 2, 3, 4, 5 और 6।

उदाहरण: पासे पर 2 आना

एक पासा 500 बार फेंकने पर 2 की संख्या 80 बार आई।

P(2) = 80500 =425 =0.16

10. दो सिक्कों का प्रयोग

दो सिक्कों को एक साथ उछालने पर प्राप्त परिणामों में शून्य चित, एक चित अथवा दो चित आ सकते हैं। प्रायोगिक प्रायिकता वास्तविक परीक्षणों की संख्या से निकाली जाती है।

घटना अर्थ प्रायोगिक प्रायिकता
A चित न आना चित न आने की संख्या ÷ कुल परीक्षण
B केवल एक चित आना एक चित आने की संख्या ÷ कुल परीक्षण
C दो चित आना दो चित आने की संख्या ÷ कुल परीक्षण
सत्यापित उदाहरण

दो सिक्के 500 बार उछालने पर दो चित 105 बार, एक चित 275 बार और कोई चित नहीं 120 बार आया।

P(दो चित) =105500 =0.21
P(एक चित) =275500 =0.55
P(कोई चित नहीं) =120500 =0.24

जाँच: \(0.21+0.55+0.24=1\)।

11. महत्त्वपूर्ण हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: विद्यार्थी का चयन

एक स्कूल में 800 लड़के और 200 लड़कियाँ हैं। यादृच्छिक रूप से चुना गया विद्यार्थी लड़की हो, इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

कुल विद्यार्थी \(=800+200=1000\)

P(लड़की) = 2001000 =15 =0.2
उदाहरण 2: क्रिकेट खिलाड़ी

एक खिलाड़ी ने 30 मैचों में 6 बार शून्य रन बनाए। उसके शून्य पर आउट न होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

शून्य पर आउट न होने वाले मैच \(=30-6=24\)

P(शून्य पर आउट नहीं) = 2430 =45
उदाहरण 3: रंगीन गेंदें

एक थैले में 4 लाल तथा 3 काली गेंदें हैं। एक गेंद निकालने पर उसके काली होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

कुल गेंदें \(=4+3=7\), काली गेंदें \(=3\)

P(काली गेंद) =37
उदाहरण 4: अज्ञात गेंदों की संख्या

एक थैले में 6 लाल और \(x\) नीली गेंदें हैं। नीली गेंद की प्रायिकता लाल गेंद की प्रायिकता की दो गुनी है। नीली गेंदों की संख्या ज्ञात कीजिए।

x6+x = 2× 66+x

समान हर हटाने पर \(x=2×6=12\)।

अतः नीली गेंदों की संख्या = 12

12. सर्वेक्षण पर आधारित उदाहरण

1500 परिवारों का सर्वेक्षण
परिवार में लड़कियों की संख्या210
परिवारों की संख्या475814211
P(दो लड़कियाँ) =4751500 =1960
P(एक लड़की) =8141500 =407750
P(कोई लड़की नहीं) =2111500

सत्यापन: \((475+814+211)/1500=1500/1500=1\)।

13. सभी महत्त्वपूर्ण सूत्रों की सारणी

विषय सूत्र
अनुभवजन्य प्रायिकता
P(E) = घटना E के अनुकूल परिणामों की संख्या कुल संभावित परिणामों की संख्या
यदि घटना \(m\) बार और कुल परीक्षण \(n\) हों \(P(E)=m/n\)
प्रायिकता की सीमा \(0\leq P(E)\leq1\)
निश्चित घटना \(P(E)=1\)
असम्भव घटना \(P(E)=0\)
घटना और उसकी पूरक घटना \(P(E)+P(\overline E)=1\)
घटना न घटने की प्रायिकता \(P(\overline E)=1-P(E)\)

14. परीक्षा उपयोगी अभ्यास प्रश्न

  1. प्रायिकता की परिभाषा लिखिए।
  2. यादृच्छिक प्रयोग और परीक्षण में अंतर लिखिए।
  3. घटना तथा अनुकूल परिणाम का अर्थ उदाहरण सहित लिखिए।
  4. एक सिक्का 200 बार उछालने पर 108 बार चित आया। चित और पट की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
  5. एक पासा 300 बार फेंकने पर 5 की संख्या 48 बार आई। 5 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
  6. यदि \(P(E)=0.63\), तो \(P(\overline E)\) ज्ञात कीजिए।
  7. किसी घटना की प्रायिकता ऋणात्मक क्यों नहीं हो सकती?
  8. एक थैले में 5 लाल और 7 हरी गेंदें हैं। हरी गेंद निकलने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
  9. निश्चित और असम्भव घटना का एक-एक उदाहरण लिखिए।
  10. दो सिक्कों के 400 परीक्षणों में दो चित 92 बार आए। इसकी अनुभवजन्य प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

15. त्वरित पुनरावृत्ति

  • प्रायिकता किसी अनिश्चित घटना के घटित होने की सम्भावना का संख्यात्मक माप है।
  • किसी प्रयोग को एक बार करना परीक्षण कहलाता है।
  • परीक्षण से प्राप्त स्थिति परिणाम कहलाती है।
  • एक या अधिक परिणामों का समूह घटना कहलाता है।
  • अनुभवजन्य प्रायिकता वास्तविक परीक्षणों की बारंबारता पर आधारित होती है।
  • प्रायिकता का मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है।
  • निश्चित घटना की प्रायिकता 1 और असम्भव घटना की प्रायिकता 0 होती है।
  • घटना तथा उसकी पूरक घटना की प्रायिकताओं का योग 1 होता है।
  • परीक्षणों की संख्या बढ़ने पर प्रायोगिक प्रायिकता अधिक स्थिर होती जाती है।

16. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अनुभवजन्य प्रायिकता क्या है?

प्रयोगों में किसी घटना के घटित होने की वास्तविक संख्या को कुल परीक्षणों की संख्या से भाग देकर प्राप्त प्रायिकता अनुभवजन्य प्रायिकता कहलाती है।

क्या किसी घटना की प्रायिकता 1 से अधिक हो सकती है?

नहीं। प्रत्येक घटना के लिए \(0\leq P(E)\leq1\) होता है।

पूरक घटना का सूत्र क्या है?

\(P(\overline E)=1-P(E)\)। अर्थात घटना न घटने की प्रायिकता, 1 में से घटना की प्रायिकता घटाकर मिलती है।

प्रयोग और परीक्षण में क्या अंतर है?

परिणाम प्राप्त करने वाली पूरी क्रिया प्रयोग कहलाती है, जबकि उस प्रयोग को एक बार करना एक परीक्षण कहलाता है।

सिक्का अधिक बार उछालने पर चित की प्रायिकता किसके निकट पहुँचती है?

निष्पक्ष सिक्के के लिए यह सामान्यतः \(1/2\) अर्थात 0.5 के निकट पहुँचती है।